गौतम बुद्ध कहते हैं कि अगर हमारे अंदर सीखने की भूख है तो हम अपनी मंजिल तक पहुंच ही जाते हैं। हर नया दिन हमें कुछ सिखाने का लिए आता है।
- नमो बुद्धाय
- Shashank Patel
अगर आप वाहन चालक है,
तो सड़क पर अपने अधिकार – जान लो वरना हर बार “Sorry Sir” बोलते रहोगे।
• ट्रैफिक पुलिस आपको रोक सकती है, लेकिन आपकी गाड़ी की चाबी निकालने का बटन उनके पास नहीं है। मतलब गाड़ी है आपकी, चाभी निकालने का अधिकार उनके पास नहीं।
• चेकिंग के दौरान,
पुलिस वाला न तो आपको गाली दे सकता है और न ही थप्पड़ मार सकता है।
ऐसा होने पर सीधे 112 घुमाओ,
और पुलिस बुलाओ – जरूरत पड़े तो,
पुलिस स्टेशन या वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कार्यालय में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराओ। पुलिस वाला या तो माफी मांगेगा या सस्पेंड होगा।
• ओरिजिनल दस्तावेज़ नही हैं?
कोई बात नहीं, गाड़ी के कागज और ड्राइविंग लाइसेंस परिवहन मंत्रालय द्वारा अधिकृत DigiLocker या mParivahan ऐप में दिखाओ।
कागज़ भूल गए लेकिन दिमाग मत भूलना।
• चालान काटना है तो सिर्फ़ सब–इंस्पेक्टर या उससे ऊपर वाला अधिकारी है कटेगा ये बात हुई पुरानी। क्योंकि नए मोटर वाहन नियम में किसे कागज देखना है यहां चलेगी उनकी मनमानी।
• हेलमेट/सीट बेल्ट नहीं लगाया? जुर्माना लगेगा, पर गिरफ्तारी नहीं होगी।
हाँ, अगर शराब पीकर चला रहे हो तो फिर “पुलिस वाली गाड़ी” में VIP ट्रीटमेंट मिलेगा!
• लेडीज चालक है तो दो ध्यान,
रात 6 बजे के बाद पुरुष पुलिस वाला नहीं रोक सकता वाहन।
मतलब देवी जी,
उस टाइम पर अगर कोई रोक ले तो पूछना – “भाई साहब, आपकी टीम में कोई लेडीज ऑफ़िसर है कि नहीं?”
ध्यान रखो कि,
ड्राइविंग सिर्फ़ क्लच-गीयर-ब्रेक का खेल नहीं है, थोड़ा कानून का गियर भी डालो... वरना “Sorry Sir, गलती हो गई” आपका रोज़ का डायलॉग बन जाएगा।
~ सादर: @NCIBHQ
Godi News Anchor @SushantBSinha
in 2024 : मोदी-ट्रंप की दोस्ती टेंशन में जिनपिंग!
Godi News Anchor @SushantBSinha in 2025 : भारत-चीन की 'दोस्ती' से घबराए ट्रंप!
Great win by team india. Resilience and determination from Siraj and Prasidh has given us this phenomenal victory. Special mention to Siraj who will put everything on the line for the team. Extremely happy for him ❤️
@mdsirajofficial@prasidh43
India has qualified for WCL semifinal and will have to face pak now.
If India refrains from playing against pak they are eliminated from the tournament.
If Modi is really a vishwaguru then he will ensure pakistan is kicked out & india reaches final directly without playing.
India shouldn't be celebrating the 2011 WC because they were still behind Australia in the no. of WCs won & on the same no. as West Indies according to some great logics here
"इतिहास का मास्टर, सत्ता का स्टोरीटेलर!"
प्रिय विकास दिव्यकृति,
रात के ढाई बज रहे हैं। जिन सड़कों पर दिनभर गाड़ियाँ दौड़ती थीं, अब वहाँ सन्नाटा पसरा है। इन सूनी गलियों पर अब कुत्तों का कब्जा है।
रात होते ही जैसे उनके अधिकार क्षेत्र का ऐलान हो जाता है - जो भी गलती से वहाँ से गुज़रता है, उन पर भौंकना शुरू कर देते हैं। उनकी आवाज़ों में एक सख़्त वाक्य छिपा होता है - "सावधान! अब ये सड़क हमारी है, बिना इजाज़त गुज़रना मना है!"
अब सवाल ये उठता है गुरुजी, आदमी इजाज़त कैसे माँगे? कुत्तों की तरह भौंककर या अपने मानवीय शब्दों में?
आप कहेंगे - जब मनुष्य के पास शब्द हैं, तर्क है, अभिव्यक्ति है - तो वह भौंकने की ज़रूरत क्यों महसूस करे? और आप सही कहेंगे।
क्योंकि शब्दों में ताक़त होती है। और जब शब्दों का शिल्पकार विकास दिव्यकृति हो, तो फिर शब्द सिर्फ बहलाते नहीं, गुमराह भी कर सकते हैं।
किसी को अपनी बातों में उलझाकर फ़ंसा देना और वहीं से उसे निकलने का रास्ता भी बताना - ये कला कोई आपसे सीखे।
मैं आपके शब्दों की तारीफ़ इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि आपको जानता हूँ - आपका छात्र रहा हूँ। मुझे आज भी याद है, जब एक दिन आपने पूरी क्लास के सामने कहा था - "आज के समय में सबको आरक्षण मिल रहा है, क्योंकि कोई भी जनरल 2000 में EWS का फर्ज़ी सर्टिफिकेट बनवा सकता है। और फिर हँसते हुए आप वो पूरा तरीका समझाने लगे थे कि
कैसे बनवाया जाता है फर्ज़ी सर्टिफिकेट।
उसी दिन से आपसे मन हट गया था। लेकिन आज मैं ये चिट्ठी उस मोहभंग के लिए नहीं लिख रहा। बल्कि इसलिए लिख रहा हूँ, क्योंकि आपने एक ताज़ा वीडियो डाला - “1971 India-Pak War to Operation Sindoor” और मुझे लगा, कि शायद युद्ध के इतिहास का कोई गंभीर, निष्पक्ष, विवेकशील विश्लेषण मिलेगा। पर अफ़सोस, आपने वही किया -
जो आजकल हर ‘ट्रेंडिंग टीचर’ करता है - इतिहास की सच्चाईयों के बीच-बीच में सत्ता की तारीफ़ की मुलायम कालीन बिछा देना।
जिस तरह आपने 1971 की जीत को सिर्फ भारतीय सेना की वीरता कहकर टाल दिया, और कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका को पूरी तरह छिपा लिया - वह बौद्धिक बेईमानी ही नहीं, इतिहास के साथ विश्वासघात भी है। क्या आपको याद दिलाना पड़ेगा कि उस युद्ध के समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं? जिसने अमेरिका के दबाव को ठुकराकर, पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे। जिसकी राजनीतिक इच्छाशक्ति किसी संसद की बहस से नहीं, बल्कि उस नेतृत्व के आत्मबल से निकली थी, जिसे आज आप जैसे लोग सत्ता के इशारों पर नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
आप कहते हैं - “नेता वही जो युद्ध को जीत में बदल दे।”
आपका इशारा हम समझते हैं। पर क्या आपको नहीं पता कि आज़ादी के बाद अगर कोई युद्ध भारत ने निर्णायक रूप से जीता, तो वह सिर्फ 1971 था - लेकिन आपने वहाँ भी मोदी के 'रणनीतिक दृष्टिकोण' को घुसेड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। क्या यही है आपकी अकादमिक ईमानदारी?
क्या आप अपने छात्रों को अब ये भी सिखाते हैं कि -
इतिहास उसी अनुसार पढ़ो, जो सत्ता के मुंह पे मुस्कान छोड़ जाए।
या फिर छात्र भी “डेली करंट अफेयर्स” की तरह “डेली नरेटिव” के गुलाम बन जाएं? आपका मौन तब सबसे ज़्यादा बोलता है, जब आप 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की एयर स्ट्राइक को 1971 की बराबरी में रखकर उन्हें “महान गाथा” बनाने की कोशिश करते हैं।
आपकी वो आदत - जो कभी सवाल पूछने की प्रेरणा देती थी, अब सत्ता से लाभ लेने की उम्मीद में लुका छिपी खेलती है। गुरुजी, इतिहास पढ़ा रहे हैं या चापलूसी में अध्याय जोड़ रहे हैं? क्योंकि अगर शिक्षक भी सत्ता से डरने लगें, या उसे खुश करने लगे, तो छात्र सूचना तो पाएंगे, लेकिन शिक्षा नहीं। और सबसे दुखद यह है कि आप जैसे लोग जो सोच को दिशा दे सकते थे - अब उसे दिशा देने की जगह संकीर्णता का नक़्शा पकड़ा रहे हैं।
खैर!आपके लिए एक गीत याद आ रहा है - "मेरे साहिब, मुझे ऐलान-ए-वफ़ा और मिला, अब गुनाहों पे भी मिलती है सज़ा और मिला…
मैं तो कटपुतली थी, धागों का पता और मिला..."
आपका पूर्व छात्र,
चाय, इश्क़ और राजनीति।
The severity of charges & prompt action in the case of Ali Khan Mahmudabad, when compared with BJP's Vijay Shah, highlight precisely the differential treatment the Ashoka prof was talking about in his posts, for which he is now in custody. | @ditipujara
https://t.co/sEm1hOaQab
प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र के नाम के संदेश से कुछ ही पल पहले ट्रम्प ने बड़ा बयान दिया
• “भारत-पाकिस्तान के बीच अमेरिका ने ceasefire करवाया”
• “मैंने धमका कर कहा- जंग नहीं रोकोगे तो व्यापार नहीं”