बिहार के युवाओं के भविष्य का "विलेन" कौन?
दिसंबर 2025 से BSDM प्रशासन में बैठे अधिकारी, श्री मिहिर सिंह और श्री कौशल किशोर, माननीय मुख्यमंत्री @NitishKumar जी के ड्रीम प्रोजेक्ट #KYP को बर्बाद करने का खुला खेल खेल रहे हैं।
🚫 अधिकारियों की मनमानी का सच:
1. ट्रेनिंग छीनने की साजिश: KYP का मूल काम 10वीं पास बच्चों को सॉफ्ट स्किल्स और डिजिटल स्किल्स देना है, न कि किसी एक कोर्स में स्पेशलाइज्ड बनाना। अधिकारी इस मूल संरचना को बदल रहे हैं।
2. अपनी नाकामी छुपाने का खेल: 1800 स्वीकृत डोमेन सेंटर्स में से ये अधिकारी सिर्फ 114 सेंटर्स चालू कर पाए। इस महा-विफलता को छुपाने के लिए अब चलते हुए 1731+ KYP SDC नेटवर्क को तबाह किया जा रहा है।
स्थापित नेटवर्क को स्कूल-कॉलेजों में जबरन शिफ्ट करना बिहार के गरीब और ग्रामीण युवाओं की प्रगति में सबसे बड़ा रोड़ा है। ऐसे जनविरोधी अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई हो!
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बिहार सरकार का फ्लैगशिप प्रोग्राम #KYP आज बड़े संकट में है!
2016 में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के 10वीं पास बच्चों को डिजिटल और लाइफ स्किल्स देने के लिए जो PPP मोड पर SDC नेटवर्क खड़ा किया गया था, उसे BSDM के अधिकारी (मिहिर सिंह और कौशल किशोर) बर्बाद कर रहे हैं।
स्थापित 1731+ SDC नेटवर्क को अपग्रेड करने के बजाय उसे स्कूल-कॉलेजों में शिफ्ट करना और 10वीं पास बच्चों को बाहर करना बिहार की प्रगति में सबसे बड़ा रोड़ा है। दूसरी तरफ, 1800 एप्रूव्ड Domain सेंटर्स में सिर्फ 114 ही फंक्शनल हैं।
युवाओं के हक की यह आवाज सरकार तक पहुंचनी चाहिए!
माननीय प्रधानमंत्री, माननीय मंत्री, माननीय सांसद, माननीय विधायक जाति आधारित आरक्षण की प्रथा को समझने का प्रयास करे और इस पर विचार कर उचित संशोधन का विचार करे।
जाति का वर्गीकरण कर्मों के आधार पर हुआ था जो जिस काम में परिपक्व थे उनको उस काम के लिए चुना गया, तत्पश्चात उस अनुसार उसका वर्गीकरण हुआ, ये बात 100 ईसा पूर्व की हैं, उस वक्त लोग अपने कर्मों के हिसाब से सम्मानित भी हुआ करते थे, उसके बाद अंग्रेजों का शासनकाल आया फिर 1947 में हमारे वीर पुरुषों द्वारा काफी संघर्ष के बाद आजादी मिली और हम आजाद हुए उसके बाद संविधान बना संविधान में आरक्षण उनके लिए आया जो समाज में नीचे तबके के लोग थे उनको अपने उत्थान के लिए सरकार द्वारा आरक्षण का लाभ दिया गया कि वह वर्ग आगे बढ़ सके जो समाज में सबसे निचले पायदान पर आते थे वो भी आरक्षण का लाभ लेकर ऊपर उठे, और इस प्रकार हम 21 वी शताब्दी में प्रवेश कर गए, सभी महानुभावों का ध्यान आकृष्ट करना चाहूंगा की क्या आज आपके आरक्षण नीति का लाभ वास्तविक में नीचे तबके या जरूरतमंद लोगों के पास पहुंच रही हैं, तो इसका जवाब हैं, नहीं आज हमारे समाज कर्म प्रधान नहीं रहा, लोग अपने कर्मों से विमुख हैं, आज हमारा समाज अर्थ प्रधान हैं, जिनके पास अर्थ हैं, वो समाज के सभी तबके के लोगों के साथ उठ बैठ सकते हैं, किसी भी मंदिर स्कूल कॉलेज में बिना रोक टॉक जा सकते हैं, और जिनके पास अर्थ नहीं हैं वो अपने काबिलियत के दम पर भी आगे बढ़ने में कई परेशानी का सामना करते हैं, श्रीमान से निवेदन हैं कि इस बात पर विचार करें और आरक्षण को आर्थिक आधार पर लागू करने की पहल करें आज हमारा समाज विभाजित हैं लेकिन जाति आधारित नहीं आर्थिक आधारित
वी वी आई पी
वी आई पी
माध्यम
निम्न मध्यम
गरीब
अति गरीब
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माननीय मुख्यमंत्री जी 🙏 बिहार में KYP (कुशल युवा कार्यक्रम) पुनः चालू कराया जाए। 🙏
बिहार के गरीब बच्चों के भविष्य के बारे में सोचिए। आप भी बहुत संघर्ष करके इस मुकाम तक पहुँचे हैं, इसलिए गरीब परिवारों की मजबूरी को आपसे बेहतर कौन समझ सकता है?
अगले साल से JEE और NEET जैसी परीक्षाएँ कंप्यूटर आधारित (Computer Based Test) होने जा रही हैं। अमीर परिवार के बच्चे पैसे देकर कंप्यूटर की अच्छी तैयारी कर लेंगे, लेकिन गरीब परिवार के बच्चों के लिए मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा का एकमात्र बड़ा सहारा KYP था।
KYP, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के द्वारा शुरू किया गया था, आज लगभग 7 महीने से बंद है। 🙏
महोदय, जिस वर्ग से आप आते हैं, कम से कम उन गरीब बच्चों के बारे में सोचिए। अगर उनके बच्चे कंप्यूटर नहीं सीखेंगे, तो वे ऑनलाइन होने वाली परीक्षाओं में डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना कैसे पूरा करेंगे?
गरीब बच्चों के भविष्य के लिए KYP को जल्द से जल्द पुनः शुरू किया जाए। 🙏🙏
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माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह हैं कि माननीय सचिव श्री कौशल किशोर और माननीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद जी किस आधार पर SDC को बायकॉट करके सरकारी संस्थान (स्कूल/ कॉलेज) को शामिल कर रहे हैं।
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दिए गए विज्ञाप्ति के अनुसार सभी kyp केंद्रों पर इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजीटल मार्केटिंग, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएँ जैसी कोर्स का संचालन सुचारू रूप से चल सकता हैं तो फिर सुचारू केंद्रों पर प्रशिक्षण अवरुद्ध क्यों हैं, इसके पीछे विभाग की मंशा क्या हैं और सरकार संज्ञान क्यों नहीं ले रही हैं।
@officecmbihar
माननीय विगत 9 महीने से युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव महोदय द्वारा लाखों बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ और बिहार में स्थापित 1700 से ज्यादा कुशल युवा केंद्र के कर्मी और संचालक के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं, बिना कोई कार्य योजना के अपने मन से छात्रों का प्रशिक्षण रोक देना और ना कोई सही जानकारी छात्रों को और केन्द्र संचालकों को देना इससे आए दिन छात्रों द्वारा केन्द्र पर प्रशिक्षण को लेकर हंगामा किया जाता है, इसे अपने संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करने की कृपा की जाय।
@officecmbihar@BiharSDM
श्रीमान अब 15 साल के बच्चे को भी नौकरी मिलने लगा है क्या या फिर बिहार में कोई नया कानून व्यवस्था बहाल हुई है,
डोमेन में एडमिशन 15 वर्ष कर दिया गया।
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माननीय मुख्यमंत्री
जिस कार्यक्रम की समीक्षा स्वयं बिहार के विकास पुरुष और माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी द्वारा की गई है, और जिसके प्रमाण पत्र 'स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (SCVT), बिहार' तथा 'बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन (BSDM), बिहार सरकार' द्वारा पूरी तरह सत्यापित और जारी किए जाते हैं, उन्हें अमान्य या कमतर बताना न्यायसंगत नहीं है। माननीय मंत्री जी द्वारा जिस NSQF (National Skills Qualifications Framework) प्रमाणीकरण की बात की जा रही है, उसके संदर्भ में वस्तुस्थिति यह है कि विभाग द्वारा चलाए जा रहे 44 ट्रेड्स पहले से ही NSQF प्रमाणित हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग के संबंधित अधिकारी इस जमीनी सच्चाई से पूरी तरह अवगत नहीं हैं, NSQF कोर्स डोमेन स्किलिंग का हिस्सा है।हम केंद्र संचालकों की जिम्मेदारी सरकार और विभाग के मानकों के अनुसार केंद्रों को रेडी करना था। इसके तहत हमने अपने स्तर पर भारी निवेश करके हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, भवन और अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराया। कोर्स का पूरा कंटेंट और पाठ्यक्रम स्वयं विभाग द्वारा ही प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त, इन केंद्रों का मासिक निरीक्षण (Monthly Inspection) भी विभाग के अधिकारियों द्वारा ही निरंतर किया जाता रहा है।विभागीय योजना के अनुसार, राज्य में वर्तमान में संचालित 1831 कुशल युवा केंद्रों (KYP) के अतिरिक्त, विभाग को 1785 नए डोमेन स्किलिंग (Domain Skilling) केंद्र भी स्थापित और संचालित करने थे। विभाग इन नए 1785 डोमेन स्किलिंग केंद्रों को स्थापित करने के अपने लक्ष्य में पूरी तरह विफल रहा है। अत्यंत खेद का विषय है कि विभाग अपनी इस बड़ी प्रशासनिक नाकामी को छिपाने के लिए सारा दोष जबरन कुशल युवा केंद्र (KYP) के संचालकों के सिर मढ़ रहा है।अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि:उपरोक्त तथ्यों को संज्ञान में लेते हुए केंद्र संचालकों के प्रति अपनाए जा रहे नकारात्मक दृष्टिकोण को बदला जाए। कुशल युवा कार्यक्रम को बंद या बाधित करने के बजाय, इसे और अधिक प्रमोट किया जाए ताकि बिहार के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके। साथ ही विभाग की कमियों को दूर कर डोमेन स्किलिंग के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में उचित कदम उठाए जाएं।