तमाम विरोधों के बावजूद हनुमान बेनीवाल से गठबंधन, मेवाराम जैन की पार्टी में वापसी और अब नीरज डांगी दोबारा राज्यसभा भेजे जाते हैं तो इसे इस संकेत के रूप में देखा जाएगा कि राजस्थान कांग्रेस में अंतिम निर्णय क्षमता अब भी अशोक गहलोत के हाथों में ही है।
महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला केरल में मंत्री बन चुके हैं
असम प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह इस्तीफा दे चुके हैं
तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर गोवा में पीसीसी चीफ बन चुके हैं
हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद भी कर्नाटक में मंत्री बन सकते हैं
इन 4 राज्यों में तो नए प्रभारी बनना फाइनल है
उड़ीसा प्रभारी की पीसीसी चीफ से पटरी नहीं बैठ रही
उधर दो-तीन नए AICC महासचिव और सचिव भी बनाए जा सकते हैं
कुछ राज्यों में नए पीसीसी चीफ भी बनेंगे
आईपीडी टॉवर, जिसका निर्माण अप्रैल 2024 तक पूरा होना था, उस पर वर्तमान सरकार द्वारा अब तक एक भी नई मंज़िल नहीं बनाई गई है। इसकी लागत भी 400 करोड़ रुपये से बढ़कर 764 करोड़ रुपये तक पहुँच गई है।
अशोक गहलोत द्वारा ‘इंतजार शास्त्र’ नाम से एक श्रृंखला चलाई जा रही है, जिसमें वे अपनी पूर्ववर्ती सरकार के दौरान शुरू किए गए उन कार्यों को उठा रहे हैं, जो अब तक पूर्ण हो जाने चाहिए थे, लेकिन अधूरे हैं। इसके साथ ही वे लागत वृद्धि और जनता को सुविधाओं से वंचित रखने जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
सरकार की जवाबदेही तय करने और जनसेवा के उद्देश्यों को पूरा कराने की दिशा में अशोक गहलोत का यह तरीका काफी रचनात्मक नजर आता है। एक पूर्व मुख्यमंत्री का इस तरह सक्रिय और जागरूक विपक्ष की भूमिका निभाना वास्तव में सराहनीय है।
इंतजारशास्त्र – चैप्टर 1
जयपुर का ये महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट… 5★ होटल जैसा दिखता है,
जो युवा को पढ़ाई और गांधी दर्शन के लिए बना था, पर अब वहाँ ABVP और किराए पर मीटिंग करवाई जाती है…
युवाओं का इंतज़ार जारी है…
@8PMnoCM
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दो टर्निंग पॉइंट रहे-
बीजेपी का भी पेन से डॉट निशान होने पर एक वोट रद्द हुआ, पर MLA का नाम अभी सामने नहीं आया
बीजेपी का एक वोट रद्द नहीं होता तो नांदल के पास कांग्रेस से ज्यादा वोट वैल्यू होती
इनेलो के दो विधायकों ने वोट नहीं डाले
टोटल 83 वोट वैध माने गए, ऐसे में जीत का कोटा 27.66 वोट रह गया
कांग्रेस महज 0.66 यानी एक वोट से भी कम अंतर से जीत गई क्योंकि 5 वोट क्रॉस और 4 रद्द होने के बाद भी उसके पास 28 वोट बच गए थे
हिमाचल से बड़ी खबर...
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बड़ा फैसला करते हुए सभी कैबिनेट रैंक खत्म कर दिए हैं। 20 फीसदी वेतन/भत्ते भी 30 सितंबर 2026 तक स्थगित किये हैं।
अब बोर्ड, निगम और आयोगों के चेयरमैन, वाइस-चेयरमैन, सलाहकारों को मिलने वाली कैबिनेट रैंक सुविधा तुरंत प्रभाव से नहीं मिलेगी। सरकार ने खर्च कम करने और आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में आगे बढ़ने के मद्देनजर यह निर्णय लिया है।
सोचिए, किसी गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा होगा हिमाचल प्रदेश?
प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री रहे आदरणीय श्री अशोक गहलोत जी से मुलाक़ात की| रूस और यूक्रेन युद्ध में डीडवाना के ग्राम निमोद, बांसा और रसाल के युवा रूस की सेना में फँसे हुए हैं उनकी वापसी को लेकर केंद्र सरकार से बातचीत करने का आग्रह किया| गहलोत साहब ने तुरंत डीडवाना सहित प्रदेश के 61 युवाओं की वापसी को लेकर विदेश मंत्रालय से बातचीत की, वहां से सकारात्मक जवाब मिला|
@ashokgehlot51
अचानक मुझे 2022 के राजस्थान राज्यसभा चुनाव याद आए, जिसमें जादूगरी चली थी,
जहां कांग्रेस ने 4 में से 3 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को एक सीट मिली।
चुनाव के दौरान “साम, दाम, दंड, भेद” की चर्चाओं के बीच सबसे ज्यादा प्रभाव “गहलोत फैक्टर” का नजर आया।
कांग्रेस के उम्मीदवार मुकुल वासनिक (42 वोट), रणदीप सुरजेवाला (43 वोट) और प्रमोद तिवारी (41 वोट) विजयी रहे। वहीं भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी 43 वोट हासिल कर जीत दर्ज करने में सफल रहे।
भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को केवल 30 वोट मिले और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस दौरान क्रॉस वोटिंग की घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें भाजपा विधायक शोभा कुशवाहा द्वारा कांग्रेस के पक्ष में वोट करने की चर्चा रही। साथ ही कांग्रेस के एक विधायक का वोट खारिज होने पर भी विवाद खड़ा हुआ।
चुनाव परिणामों के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की रणनीति और प्रबंधन की व्यापक चर्चा हुई, जिसे कांग्रेस की जीत का मुख्य कारण माना। पूरे घटनाक्रम के दौरान दो वोटों को लेकर खासा राजनीतिक हंगामा भी देखने को मिला।
@ashokgehlot51@SachinPilot@GovindDotasra@8PMnoCM
खुशी एवं उल्लास के रंगो से सराबोर पर्व होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
कामना करता हूं कि यह त्योहार सभी के लिए शुभ हो, जीवन में नवीन ऊर्जा का संचार करे एवं आपस के भाईचारे तथा सौहार्द को मजबूत करे।
पहले अरावली एवं अब खेजड़ी बचाने को लेकर चल रहे आंदोलन राजस्थान के लिए शुभ संकेत है। पर्यावरण को लेकर जो चेतना आमजन में आई है वह सराहनीय है।
अब वक्त आ गया है कि विकास एवं प्रकृति के बीच संतुलन का सख्ती से पालन करवाया जाए।
CM बोले ; एक कर्मचारी को 75 डिब्बे चवनप्राश लिख दिया। "एक की व्यक्ति को जब 75 डिब्बे लिखेगा तो मैं इसको क्या मानूं ?"
CM ने कहा कि आपसे भी कहूंगा कि आप उसको क्या मानते हो ? हमारी सरकार खुले दिल से पूरा काम करना चाहती है। लेकिन, जब इस तरह की गड़बड़ियां होती है।
CM ने कहा कि पंचकर्म 25 साल 38 साल का। एक नौजवान पंचकर्म करवाने का रहा है और वो भी महीने में 4 बार। मैं उन डॉक्टर्स को भी कहना चाहूंगा कि उसको भी करवाना है तो बताइए। क्योंकि वह नजदीक मैं ही कहीं सर्विस दे रहा होगा। उसका पंचकर्म तो वैसे ही हो जाएगा। हमारे पश्चिमी राजस्थान में बहुत ऐसे स्थान है जहां आने जाने में ही पंचकर्म हो जायेगा उसका, उसे वहां लगा देते हैं।
कल श्री अशोक गहलोत जी ने RGHS के 800 करोड़ का पेमेंट बन्द होने व मरीजों को दवा न मिलने के संबंध में ट्वीट किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल जी सफाई देते हुए कह रहे हैं कि एक व्यक्ति RGHS से 75 डिब्बे च्यवनप्राश के लिखवा लिए।
मुख्यमंत्री जी, दिल्ली, झारखंड समेत कई राज्यों में मुख्यमंत्री के पद पर विराजमान लोगों को जेल तक हुई है पर मुख्यमंत्री का पद थोड़ी समाप्त किया गया।
जहां दिक्कत है उस पर कार्रवाई कीजिए, ये सरकारी कर्मचारी इलाज के लिए भटक रहे हैं और आप कुछ लोगों के चक्कर में लाखों लोगों को परेशानी होने दे रहे हैं। ।
वैभव गहलोत राजस्थान का राहुल गांधी है क्योंकि वो भी अपने पिता की विरासत को कभी आगे नहीं बढ़ा पाए और धर्मेंद्र राठौड़ राजस्थान का kc वेणुगोपाल जिसका कोई मतलब नहीं है
ज्योति मिर्धा के पिताजी बीजेपी को सत्यानाशी का फूल बताते थे अशोक गहलोत ने खुद सुना है
हनुमान बेनीवाल जी ने ज्योति मिर्धा को नागौर से एमपी बनवाने में सहयोग किया
गरीबों के लिए रैन बसेरा है इसलिए मंत्री जी को फर्क नहीं है।
सरिस्का को खनन माफिया को देने का काम तो अलवर से जयपुर और देहरादून होते हुए दिल्ली तक तीन दिन में करवा दिया था।