'बिहार में लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त है, लेकिन मैं कैमरे पर ज्यादा बोल नहीं सकता।
एक लड़की के साथ घटना हुई तो हमने SP को फोन किया, लेकिन उन्होंने हमारा फोन तक नहीं उठाया। बिहार में अपराधियों में कानून का डर नहीं है।'
- ये बयान BJP के राज्य सभा सांसद शंभु शरण पटेल का है
बिहार में हालात इतने खराब हैं कि BJP सांसद खुद जंगलराज के बारे में बता रहे हैं।
सोचिए- जब सांसद का ये हाल है तो बिहार में जनता की क्या सुनवाई हो रही होगी।
जब भोजपुरी अभिनेता नेता बन जाता है तब केवल बकलोली करता है, इसका उदाहरण : गोरखपुर के सांसद रवि किशन के मोहल्ले में पानी भर गया🥲
एक व्यक्ति ने पानी की ही समस्या पर फोन किया था तो रवि भईया बोले कि सपा ज्वाइन कर लिहा का?
अब सांसद जी के ही घर भर गईल, केहसे शिकायत करेगा उ?
तस्वीर में गिरफ्तार व्यक्ति पत्रकार प्रिंस कुमार यादव है।
इनका गुनाह ये है कि इन्होने 200 लोगों को राशन नहीं मिल रहा था उसकी खबर दिखा दी थी।
अब फर्जी SCSTAct के केस में जेल भेज दिया गया है।
अखिलेश , तेजस्वी और मोदी कब इनकी आवाज उठाएंगे ? प्रिंस भी PDA का हिस्सा है। सुनो👇
BJP पार्षद ने गोरखपुर के BJP सांसद रवि किशन से इलाके में भयंकर जलभराव की शिकायत की।
इस पर सांसद जी भड़क गए और बोले: "सपा जॉइन कर लिए हो क्या?"
जरा सोचिए- जो लोग अपनी ही पार्टी के पार्षद की नहीं सुन रहे, वो आम जनता को क्या समझते होंगे!
यही BJP की घटिया मानसिकता है।
इन्हें जनता की तो रत्ती भर परवाह है नहीं, लेकिन अगर कोई सवाल पूछ ले तो ऐसी ओछी बातों पर उतर आते हैं।
शर्म आनी चाहिए।
यह फोटो इस बात का प्रमाण है कि जो छपा था सब सही है। अब कह रहे हैं कि जिनके नाम कटे हैं, विशेष अभियान चला कर जोड़े जाएंगे। पश्चिम बंगाल में इनकी नाक के नीचे 27 लाख लोगों से वोट का अधिकार छीन लिया गया। उनके लिए विशेष अभियान चलाया गया था ? कहाँ थे ये तीनों लोग ?
पीएम की सुरक्षा में तैनात एसपीजी अपने सिक्योरिटी बैग में झुनझुना भी ले कर चलती है..🙄
ताकि, जरूरत पड़ने पर किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में पीएम को झुनझुना थमाया जा सके🥁
दिल्ली के राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर “नरेंद्र मोदी हाय हाय” के नारे लग रहें हैं। खास बात ये है कि ये कोई नेता या एक्टिविस्ट नहीं बल्कि आम लोग ये नारा लगा रहें हैं। देश का गुस्सा आसमान छू रहा है।
ये जंतर मंतर 2.0 की आहट है।
TRP का दूसरा नाम बन चुके हैं राहुल गाँधी !
जिस राहुल गाँधी को मीडिया में 1 मिनट भी नही दिखाया जाता था आज उसी राहुल गाँधी की पूरी प्रेस कांफ्रेस पूरे मीडिया में LIVE चलाई जा रही है !
देश राहुल गाँधी को सुनना चाहता है, ये बदलाव की आंधी है !
कहा था... राहुल गाँधी का वक्त नही दौर आएगा !
चुनाव आयोग की निष्पक्षता का एक और नमूना देख लीजिए;
नंदीग्राम से BJP कैंडिडेट हासी रानी राथ ने अपने चुनावी हलफनामे में लिखा है कि वह 60 साल की हैं और 10वीं की परीक्षा 1965 में पास की है।
इस हिसाब से वह पैदा होने से पहले ही 10वीं पास कर चुकी थीं।
अब जब मामला फंस गया तो कहा गया है कि 1965 में वह पैदा हुई हैं और 1980 में हाई स्कूल पास हुईं।
रोचक बात है कि चुनाव आयोग को ये सब दिखा ही नहीं और नामांकन मंजूर हो गया।
अगर विपक्ष के फर्म में एक मात्रा भी गलत हो जाता तो यही चुनाव आयोग उनका पर्चा खारिज कर देता।
मनमोहन सिंह जी सिर्फ एक प्रधानमंत्री नहीं थे, भारत की Economic Transformation के architects में से एक थे।
1991 में जब देश गंभीर आर्थिक संकट में था, तब Liberalisation और Economic Reforms की दिशा में उनकी भूमिका निर्णायक रही। या फिर 2004–08 के समय को देखा जाए , भारत ने करीब 8.8% average GDP growth दर्ज की एक ऐसा दौर जिसे भारत के high-growth phase के तौर पर देखा जाता रहा है
आज की सरकार का Economic Model अलग है। आज सबसे बड़ा सवाल सिर्फ GDP कितनी बढ़ी नहीं है। सवाल है ,इस growth से कितने quality jobs बने? Private investment कितना बढ़ा? Manufacturing कितनी तेजी से रोजगार पैदा कर पाई? और इस growth का फायदा कितने व्यापक वर्ग तक पहुँचा क्योकि असली परीक्षा हमेशा यही रहेगी Growth आंकड़ों से निकलकर आम आदमी की income, job और standard of living तक कितनी पहुंची।
मनमोहन सिंह जी की विरासत को समझने का शायद यही सही तरीका है उन्होंने Economy की दिशा बदलने में भूमिका निभाई; आज की चुनौती उस growth को ज्यादा रोजगार, productivity और व्यापक prosperity में बदलने की है।
सिर्फ भारत ही नहीं पूरे विश्व में इस रिपोर्ट की चर्चा है कि भारत में चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं या नहीं ?
कमाल कर दिया इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार रितिका ने और जबरदस्त काम किया सौरभ भाई आपने।
Bigg Boss में रिंकिया के पापा के बच्चों के संस्कार पर ,, अब Bigg Boss यानी मोदी जी रील नहीं बनाएंगे क्या ?? तब त ,, दादी से बताए दि ह, मंगरूआ बीमार बा 🤣। #trending