@sabakhan21051 जो नौकरी कर रहे हैं, उनकी जमीर मरी हुई है। वो ये सोचते हैं कि हमको इन सबसे क्या लेना-देना। नेहा बोरा ने फिर भी हिम्मत नहीं हारी और उन लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसे देश के अधिकतर नौकरी पेशा लोगों खासतौर पर सरकारी कर्मी, उनका जमीर मर चुका है।
@yadavtejashwi@narendramodi मैं तेजस्वी यादव जी की इस पोस्ट से बिल्कुल सहमत हूं। प्रदेश की सरकार सिर्फ घोषणा तक ही सिमित है। इस प्रकार की कृत में जब तक फांसी की सजा का प्राविधान न हीं होगा तब तक अपराधियों में डर नहीं होगा। घर नहीं तोड़े, बल्कि अपराधियों के प्रति ऐसा कदम उठाए कि बाकि सोचें।
@riskyyadav41 इन वालीवुड वालों ने भारतीय संस्कृति को इंतना गंदा कर दिया है कि इनकी गंदगी का असर लोगों के आम जीवन में पड़ने लगा है, बेशर्म हैं ये लोग, इनको रिश्ते की अहमियत का पता ही नहीं....
@PratikVoiceObc बस आ गए तुम सब अपनी औकात में, कुछ नहीं मिला तो उतर आए जात पर। कहीं से भी पढ़ो, अगर तुम में सही गलत का फर्क नहीं पता तो तुम्हारी जात सिर्फ और सिर्फ जाहिल वाली है और कोई नहीं।
@LakhanmeenaIND हमने एक कहावत भी सुनी है... कि मूर्खोैं को पैसा दो, लेकिन ज्ञान न दो। इस कहावता को नीतीश सरकार ने साबित कर दिया कि यहां कि जनता क्या है... दस हजार देकर मूर्खोैं का राजा फिर बन गया।
@LakhanmeenaIND किसी भी क्षेत्र की दुर्दशा के असली जिम्मेदार वहां की जनता होती है, न कि वहां के चुने गए प्रतिनिधि.. आप जैसा चुनोगे वैसा ही खुद के साथ पाओगे... इसका जीवंत उदाहरण ये मामलूी और साधारण सी गायक मैथिली ठाकुर और केसी सिन्हा को देखने से पता चलता है।
@Lawyer_Kalpana ऐसे दारोगा को तो पहले कोर्ट में खींच कर ले जाओ और मानहानि के एवज में कोर्ट से इसे भी थप्पड़ मारने की अपील करो ताकि जब ये जलील होगा तभी ऐसे कारनामों में सुधार होगा
@priyanka2bharti प्रियंका जी नौटंकी तो अब आपकी पार्टी में चलेगी... एक सीधे साधे इंसान के साथ छल किया उसी का परिणाम है 2025 विधानसभा चुनाव। जो अपनो का नहीं उसकी कोई नहीं....
@priyanka2bharti प्रियंका भारती हार की एक वजह तुम और तुम्हारी जुबान भी है। जिस बदतमीजी के साथ तुम बोलती हो न वो सब जनता नोटिस करती है.. अब आना और खूब करना बदतमीजी ताकि जो भी बची खुची इज्जत 2030 में साफ हो जाए। वैसे अब बची तो नहीं....
@JaikyYadav16 इस बाहियात पत्रकार रूबिका लियाकत, जिसे पत्रकारिता का बेसिक भी नहीं पता है, ये विडंबन से कुछ अधिक नहीं। ये इंटरव्यू नहीं बल्कि एक प्रचार से अधिक नहीं है।
@JaikyYadav16 ये इंटरव्यू नहीं बल्कि बेवकूप पत्रकार का गरीब गांव के बीच में एक भद्दा दिखावा है। जो इंसान अभी कुछ भी बना नहीं उसको गाड़ी में बिठाकर इंटरव्यू करना और गांव की कच्ची पक्की सड़कों से गुजरना ढोंग से ज्यादा कुछ नहीं।
@ChapraZila ये खेसरिया साला मूर्ख है... इसको यही नहीं पता कि कहां क्या बनना चाहिए... इतना ही इसको अस्प्ताल की पड़ी है तो अपनी जमीन देककर अस्पताल बनवा दे... ये मुद्दा ही गलत है लेकिन मूर्ख नेता या नएनवेले को कौन समझााए...
@UdayChatterje मैं पुष्पम प्रिया को हमेशा की तरह सपोर्ट करूंगा और आगे तक करूंगा। उनका विजन बहुत ही अच्छा है, लेकिन उनके विजन को समझने की जरूरत है और इस काम के लिए पहले सबको अपनी सोच बदलनी होगी। सोच बदलेगा तभी बिहार की तकदीर बदलेगी।
@UdayChatterje उदय जी आपने एक दम सही सवाल किया है। इस सवाल का जवाब अगर किसी से मांगा जाए तो कोई नहीं दे पाएगा। और अगर किसी ने दिया भी तो वो जवाब बिल्कुल जाहिलों वाला होगा। ऐसे में हम किसी को दोष नहीं दे सकतें। बिहारी अपने हालातों के जिम्मेदार खुद हैं और सही चुनाव नहीं कर पाए तो आगे भी रहेंगे।
@VeerooYada39822 ये और इसका परिवार ऐसे हैं, जिन्हें सिर्फ और सिर्फ खुद से मतलब है। माना कि प्रसिद्धि अपने गुणों से हासिल की है, लेकिन जहां से इसे नेम फेम मिला, उसे ही ये सबसे नीचे रखती है। ये क्या ही देश और लोग का भला करेंगे। ऐसे लोग सिर्फ खुद के लिए जीते हैं। लालच तो इसके शब्दों से ही टपकता है
@sunilkbv जब कोई अपनी समस्या लेकर जाता था तब ये गाड़ी से धक्का देता था, लेकिन चुनाव है तो सभी से ये विनम्र निवेदन कर रहा है। ये आइपीएस रहा है, बहुत ही कठिन तपस्या के बाद इसने यह पद पाया होगा, लेकिन जब इतना पढ़ा लिखा शिक्षा मंत्री बना तो इसने सत्ता सुख में सभी मूर्खों को पीछे छोड़ दिया।
@AnumaVidisha अभी घाेषणा हो जाए कि इसे टिकट नहीं मिल रही और आरजेडी टिकट दे रही है तो अभी यही दो घंटे के बाद पता नहीं क्या बोलेगी.... इसकी बोली ही इसका असली परिचय है.... इन्हीं लोगों के कारण आज तक विकास घर नहीं पहुंच सका....