मैं श्री #हनुमान् जी को प्रणाम करता हूँ जो दुष्ट रूपी वन को भस्म करने के लिए अग्निरूप हैं और जिनके हृदय में धनुष-बाण धारण किए श्री #राम निवास करते हैं
शान्त सनातन प्रमाणों से परे निष्पाप मोक्षरूप परमशान्ति देने वाले, ब्रह्मा शम्भु और शेषजी से सेवित, वेदान्त के द्वारा जानने योग्य माया से मनुष्य रूप में दिखने वाले पापों को हरने वाले करुणा की खान #रघुकुल में श्रेष्ठ तथा #राम कहलाने वाले #जगदीश्वर की मैं वंदना करता हूँ🙏🙏🙏
नील सरोरुह स्याम तरुन अरुन बारिज नयन।
करउ सो मम उर धाम सदा छीरसागर सयन॥
🙏 🕉 नमो भगवतै वासुदेवाय🙏
हरिः ॐ तत्सत्
🙏सुप्रभात 🌞 🌹💐
नीलकमल के समान श्यामवर्ण पूर्ण खिले हुए लाल कमल के समान नेत्र वाले और सदा क्षीरसागर पर शयन करते हैं वे भगवान् #विष्णु मेरे हृदय में निवास करें🙏
सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि।
मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते॥
#श्रीमहालक्ष्मी🙏🙏🙏
#माता_लक्ष्मी 🌹🌹🌹
🙏#सुप्रभात 🌞 🌹💐
सिद्धि, बुद्धि, भोग और मोक्ष देने वाली हे मन्त्रपूत भगवती #महालक्ष्मी तुम्हें सदा प्रणाम है।
#श्रीराम
सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीती।
सहज कृपन सन सुंदर नीती॥
ममता रत सन ग्यान कहानी।
अति लोभी सन बिरति बखानी॥
क्रोधिहि सम कामिहि हरि कथा।
ऊसर बीज बएँ फल जथा॥
#रामचरितमानस#सुप्रभात 🙏🚩🇮🇳
सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरते
त्रिभुवनपोषिणि शंकरतोषिणि किल्बिषमोषिणि घोषरते॥
दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनी रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥
#नारायणि! नमोऽस्तुते
🌹 जय माता रानी की 🌹
#सुप्रभात 🙏🚩🇮🇳
#भरत के प्रेमवश प्रभु श्री रामचन्द्रजी ने कृपा कर खड़ाऊँ दे दीं और भरतजी ने उन्हें आदरपूर्वक सिर पर धारण कर लिया। #करुणानिधान श्री #रामचंद्रजी🙏 के दोनों ख़ड़ाऊँ प्रजा के प्राणों की रक्षा के लिए मानो दो पहरेदार हैं जय श्रीराम🙏🚩🇮🇳
कनपटी से झरते हुए गाढ़े मद से मदोन्मत्त हुए हाथी-सी उत्तेजिते गजेश्वरी, हे त्रिलोक की भूषण यानि शोभा का आशय, रूप का सागर लालसा और अभिलाषा उपजाने वाली तथा कामना जगाने वाली, हे कामदेव की पुत्री के समान हे #महिषासुर का घात करने वाली सुन्दर जटाधरी #गिरिजा तुम्हारी जय हो🙏🙏🙏
अविरलगण्ड गलन्मदमेदुर मत्तमतङ्ग जराजपते
त्रिभुवनभूषण भूतकलानिधि रूपपयोनिधि राजसुते।
अयि सुदतीजन लालसमानस मोहन मन्मथराजसुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥
#नारायणि! नमोऽस्तुते
🙏 श्री दुर्गादेब्यै नमः ॐ 🙏
🌹 जय माता रानी की 🌹
#सुप्रभात 🙏🚩🇮🇳
बन्धूकपुष्पसंकाशं हारकुण्डलभूषितम्।
एकचक्रधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम्॥
ॐ सूर्याय नम:
#सुप्रभात 🙏🚩🇮🇳
जो बन्धूक (दुपहरिया) के पुष्प समान रक्तवर्ण और हार तथा कुण्डलों से विभूषित हैं, उन एक #चक्रधारी#सूर्यदेव को मैं प्रणाम करता हूँ।