पुतिन कुछ अलग ही साँचे और माटी के बने हुए हैं. उनको सुनना उनके खुलने जैसा है. आज पुतिन ने दिल्ली से यूरोप के लोगों को अपना मैसेज भेजा. नीचे उनके कहे का अनुवाद है.
रूस कभी आपका दुश्मन नहीं रहा और न कभी होगा!
हमें यूरोप के कच्चे माल या उसकी संपदा की कोई आवश्यकता नहीं है; हमारे पास अपना पर्याप्त संसाधन है. हमें आपके कच्चे माल की बिल्कुल जरूरत नहीं है. रूस प्राकृतिक संसाधनों के मामले में दुनिया का सबसे समृद्ध देश है.
हमें न आपकी जमीन चाहिए और न आपका क्षेत्र.
नक्शे पर रूस की विशालता देखिए. रूस पूरे यूरोप से लगभग दोगुना बड़ा है. आपकी जमीन हमारे किस काम आएगी? हम उसका क्या करेंगे?
आप क्यों सोचते हैं कि रूस यूरोप का दुश्मन है?
रूस ने आपके साथ ऐसा क्या किया है जिससे आपको नुकसान पहुँचा हो?
क्या हमने आपको आपके ‘दोस्तों’ द्वारा वसूली गई कीमतों से कम कीमत पर गैस और कच्चा माल बेचा? हाँ।
क्या द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाज़ियों से छुटकारा दिलाने के लिए रूस ने 2 करोड़ लोगों की जान गंवाई? हाँ.
क्या कोविड-19 महामारी के दौरान रूस यूरोप की मदद करने वाले शुरुआती देशों में था? हाँ.
क्या हमने यूरोप में आग और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मदद की? हाँ.
आखिर रूस ने ऐसा क्या किया है कि वे उससे इतनी नफरत करते हैं?
रूस आपका दुश्मन नहीं है; आपके असली दुश्मन आपके नेता हैं, जो आप पर शासन करते हैं.
— राष्ट्रपति व्लादिमीर व्लादिमीरोविच पुतिन
🧵A detailed timeline on escalations in the lead-up to yesterday's clashes between Thailand and Cambodia.
Much of the escalation seems to stem from Cambodia, with their troops fortifying many sectors before the May 28 clashes and surging strategic assets immediately after.
🗺️ - heatmap of Cambodian military developments prior to July 24th.