Someone told me," जो छूटना है वो एक दिन छूट ही जाएगा..चाहे जितनी कोशिश कर लो उसे पकड़े रखने की..बस, इतना याद रखना कि, जब वो तुम्हारे पास है; तब उसे पूरा जी लो,उस एक पल में..उस एक दिन में..!!"🤍
मृत्यु केवल एक प्रक्रिया है..
जिस व्यक्ति को प्राथमिकता देकर उसके प्रेम के साथ तुमने सम्पूर्ण जीवन की कल्पना की सपने बुने उस व्यक्ति का किसी और को चुनकर तुम्हें विकल्प बनाना और फिर छोड़ जाने पर विवश करना ही वास्तविक मौत है....
हार जाना अंत नहीं होता…
कभी-कभी इंसान बस इतना थक जाता है कि उसे लगता है अब आगे चलने की ताकत नहीं बची।
आज अगर तुम हार गए हो, तो थोड़ा ठहर जाओ—
फैसला आज मत करना कि पूरी जिंदगी हार गई।
कल शायद वही रास्ता तुम्हें वहाँ ले जाए, जहाँ तुम जाना चाहते थे।
एक दिन तुम परिवार की मुस्कान के लिए अपने प्रेम को खुद विदा कर दोगे, इसलिए नहीं कि तुम्हारा प्रेम या साहस कमज़ोर था, बल्कि इसलिए कि तुम्हें माता-पिता के झुकते कांधों पर अपने प्रेम का बोझ लादना मंजूर नहीं था...
मन में किसी एक को बसा कर चलें तो मन के तार हमेशा जुड़े रहते है।
लेकिन मन का दरवाजा हर किसी के लिए खोल दे तो वो कनेक्शन लगातार कमजोर होता जाता है। और अंत में किसी एक तरफ का मोह मर जाने के साथ उस मन के रिश्ते का भी अंत हो जाता है।
मुझे बेचैनी घबराहट और साँस लेने में दिक्कत सब एक साथ हो रही थी किसी को समझा नहीं पा रही थी कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है
फिर मेरी आँखों से आँसू निकलने लगे...और वे तब तक बहते रहे जब तक आँखें नींद की गोद में नहीं चली गईं और इसके बाद मैं कैसे यक़ीन कर लूँ कि मेरा कोई अपना है....
अंत में मुझे समझ आया कि धोखेबाज कोई और नहीं बल्कि शायद मैं खुद ही थी क्योंकि मैंने खुद को ही छल लिया
दूसरों से प्रेम परवाह बदलाव और अपनी अहमियत की उम्मीद करना भी शायद एक तरह का छल ही था और हां शायद किसी ऐसे इंसान से प्रेम करना भी छल ही था जिसका प्रेम हर बार किसी और को चुने
परख लेने के बाद
किसी को जीवन में ढोते मत रहो।
जो सम्मान, सच्चाई और अपनापन ना दे सके,
उसे त्यागने में विलंब मत करो।
क्योंकि सड़ा हुआ रिश्ता
सबसे पहले आत्मा को खोखला करता है..!!
गलत लोगों को देर तक सहना भी,
खुद के साथ अन्याय है।।❤️🪽
मुझे नहीं पता
अभी खुद को कैसे मजबूत बनाऊँगी,
कहाँ से शुरुआत करूँगी,
पर इतना तय है
अब मुझे किसी के होने से नहीं,
अपने होने से पूरा होना है।
जो टूट गया,
उसे हर बार जोड़ना जरूरी नहीं,
कुछ भ्रमों का टूटना भी जरूरी होता है
ताकि इंसान पहली बार
अपनी असली हकीकत देख सके।
मैं धीरे-धीरे उससे दूर हो गयी इसलिए नहीं कि उसके लिए मेरी भावनाएँ खत्म हो गई
बल्कि इसलिए कि मुझे आखिरकार एहसास हो गया है कि मैं वो नहीं हूँ जिसे वो अपने जीवन में चाहता था...