#Prophecies_About_TheMessiah
भविष्यवक्ता फ्लोरेंस ने अपनी पुस्तक "Golden light of New Era" में लिखा है कि एक संत की विचारधारा से पूरे विश्व में शान्ति होगी और वह सत्ताधारियों की मनमानी पर भी अंकुश लगा देगा। वह कल्याणकारी संत रामपाल जी महाराज जी हैं। https://t.co/5vKrv6pQSC
🌿 क्या आप जानते हैं ?
आज से 509 साल पहले कबीर परमेश्वर ने तथाकथित धर्मगुरुओं के षड्यंत्र को विफल करते हुए, 18 लाख लोगों के भंडारे का आयोजन किया था।
आज उसी उपलक्ष्य में बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में, कई ज��ह पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा
🌿 क्या आप जानते हैं ?
आज से 509 साल पहले कबीर परमेश्वर ने तथाकथित धर्मगुरुओं के षड्यंत्र को विफल करते हुए, 18 लाख लोगों के भंडारे का आयोजन किया था।आज उसी उपलक्ष्य में बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज द्वारा देश के विभिन���न राज्यों में, कई जगह पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा
#सन1513_में_काशीभंडारा
509 वर्ष पूर्व जुलाहे की भूमिका करते हुए पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ने 18 लाख साधु संतों को भोजन कराया। सारा भोजन भंडारा सतलोक से लाये तथा प्रत्येक भोजन करने वाले को एक दोहर और एक मोहर दी। वह अलौकिक भंडारा लगातार तीन दिनों तक चलता रहा।
#सन1513_में_काशीभंडारा
509 वर्ष पूर्व जुलाहे की भूमिका करते हुए पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ने 18 लाख साधु संतों को भोजन कराया। सारा भोजन भंडारा सतलोक से लाये तथा प्रत्येक भोजन करने वाले को एक दोहर और एक मोहर दी। वह अलौकिक भंडारा लगातार तीन दिनों तक चलता रहा।
विशाल भंडारादिव्य धर्म यज्ञ दिवस इस उपलक्ष्य पर संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 7 से 9 नवंबर 2022 को विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है जि�� प्रकार 509 वर्ष पूर्व परमेश्वर कबीर बंदीछोड़ जी ने दिव्य धर्म यज्ञ (विशाल भंडारा) 3 दिन तक किया था18 लाख श्रद्धालुओं को भोजन कराया था
🔮संत रविदास जी ने पूर्ण परमेश्वर कबीर साहेब जी को गुरु धारण कर आजीवन कबीर साहेब द्वारा बताई सतभक्ति की थी।
संत रविदास जी की ��ाणी बताती है कि:-
साहेब कबीर समर्थ है, आदी अन्त सर्व काल।
ज्ञान गम्य से दे दिया, कहै रैदास दयाल॥
#KabirPrakatDiwas14June
🔮संत गोरखनाथ जी की वाणी में कबीर परमेश्वर की महिमा का प्रमाण:
नौ नाथ चौरासी सिद्धा, इनका अन्धा ज्ञान।
अविचल ज्ञान कबीर का, यो गति विरला जान॥
#KabirPrakatDiwas14June
🔮आदरणीय धर्मदास जी को परमात्मा सतलोक से आकर मथुरा में जिंदा महात्मा के रूप में मिले।
जिसका प्रमाण उनकी ये वाणी देती है।
“आज मोहे दर्शन दियो जी कबीर।
सत्यलोक से चल कर आए, काटन
ज�� की जंजीर।।”
#KabirPrakatDiwas
🔮आदरणीय नानक देव जी ने कबीर परमेश्वर जी की महिमा लिखी है
राग तिलंग महला 1, पंजाबी गुरु ग्रन्थ साहेब पृष्ठ 721:
यक अर्ज गुफतम पेश तो दर गोश कुन करतार।
हक्का कबीर करीम त�� बेएब परवरदिगार।।
#KabirPrakatDiwas
🔮कबीर परमेश्वर जी अब्राहिम अधम सुल्तान जी बलख बुखारा के राजा को मिले थे
कबीर सागर के अध्याय "सुल्तान बोध" में पृष्ठ 62 पर प्रमाण है:-
प्रथम पान प्रवाना लेई। पीछे सार शब्द तोई देई।।
तब सतगुरु ने अलख लखाया। करी परतीत परम पद पाया।।
#KabirPrakatDiwas
🔮परमेश्वर कबीर जी ही नरसिंह रुप धरकर आए थे और अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा की-
गरीब, प्रहलाद भक्त कुं दई कसौटी, चौरासी बरताया।
नरसिंह रुप धरे नारायण, खंभ फाड़कर आया।
#KabirPrakatDiwas
🔮संत गरीबदास जी महाराज को कबीर परमेश्वर 10 वर्ष की आयु में छुड़ानी में मिले। सच्चाई जानकार गरीबदास जी ने कबीर परमेश्वर की महिमा बताते हुए कहा है कअनन्त कोटि ब्रह्मांड का, एक रति नहीं भार।
सतगुरु पुरुष कबीर हैं, कुल के सृजनहार।।
जाके अर्ध ��ूम पर सकल पसारा, ऐसा पूर्ण ब्रह्म हमारा।
🔮42 वर्ष की आयु में श्री मलूक दास जी को पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी मिले थे, संत मलूक दास जी ने अपनी वाणी में कबीर साहेब की समर्थता का उल्लेख किया है।चार दाग से सतगुरु न्यारे, अजरो अमर शरीर।दास मलूक सलूक कहत है, खोजो कसम कबीर॥जपो रे मन सतगुरु नाम कबीर।जपो रे मन परमेश्वर नामकबीर
🔮कबीर परमेश्वर, नानक जी को जिंदा बाबा के रूप में बेई नदी के किनारे मिले और उनके आग्रह करने पर सतलोक दिखाया तब श्री नानक जी ने उनकी महिमा का वर्णन करते हुए कहा,
हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदिगार।
नानक बुगोयद जनु तुरा, तेरे चाकरां पाख़ाक।।
#KabirPrakatDiwas
🔮संत रविदास जी की वाणी में कबीर परमेश्वर की महिमा का प्रमाण -
साहेब कबीर समर्थ है, आदि अन्त सर्व काल।
ज्ञान गम्य से दे दिया, कहै रैदास दयाल॥
निरगुण का गुण देखो आई।
देही सहित कबीर सिधाई।
#KabirPrakatDiwas
📔कबीर साहेब जी ने ही सर्व प्रथम विस्तार से बताया कि, शेरांवाली माता दुर्गा का पति काल ब्रह्म है। जिसे ज्योति निरंजन, काल, ब्रह्म भी कहते हैं। जो आज तक कोई भी नकली संत नहीं बता पाए।
📔कबीर परमेश्वर ने ही सबसे पहले बताया कि गीता ज्ञान कहने वाला काल ब्रह्म है तथा ब्रह्म भी नाशवान है यानी जन्म-मरण के चक्र ���ें है तो इसके पुजारी कैसे उस स्थान को प्राप्त कर सकते हैं जहां जाने के पश्चात पुनः लौटकर संसार में (जन्म-मरण के चक्र) में नहीं आते।
📔कबीर साहेब जी ने ही अपने द्वारा रची सृष्टि की सही स्थिति का ज्ञान कराया है। आज तक नकली धर्मगुरु ब्रह्मा, विष्णु, महेश के मात�� पिता तथा शेरावाली दुर्गा जी के पति के बारे में नहीं बता पाए।
परमेश्वर कबीर जी ने बताया कि
"माँ अष्टंगी पिता निरंजन, वे जम दारुण वंशन अंजन।"
📔कबीर साहेब जी का ज्ञान सबसे निराला
परमेश्वर कबीर जी ने ही सर्वप्रथम बताया कि जन्म-मृत्यु क्यों होती है, हमें जन्म देने और मारने वाला भगवान काल है। जो अपने स्वार्थवश हमें अपने जाल में फंसाए रखता है। तथा कबीर साहेब जी ने ही काल जाल से निकलने का सही मार्ग बताया है।