राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विजन को धरातल पर उतारते हुए राजस्थान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9वीं एवं 11वीं की परीक्षा प्रणाली और प्रमोशन नीति में युगांतरकारी बदलाव लागू किए जा रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों के समग्र विकास और कौशल संवर्धन के लिए कक्षा 9वीं में 3 भाषाएं और व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य की गई है।
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@BhajanlalBjp
राजकीय विद्यालयों में कई साल से विद्यार्थियों को कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने वाले व्यावसायिक प्रशिक्षक आज भी स्थायी नीति के इंतजार में हैं। हरियाणा, असम, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, दिल्ली जैसे राज्य पहले ही अपने प्रशिक्षकों के लिए स्थायी नीति लागू कर चुके हैं, राजस्थान अब भी बार-बार टेंडर की अनिश्चितता में उलझा है।
साथ ही उन्हीं VTP कंपनियों को नए कार्यादेश देने की तैयारी हो रही है जिन पर प्रशिक्षकों का 6 से 13 महीने तक वेतन बकाया है। यह व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता और प्रशिक्षकों के भविष्य दोनों के साथ खिलवाड़ है।
भाजपा सरकार को समझना चाहिए कि "कौशल भारत, कुशल भारत" के नारे तभी सार्थक होंगे जब प्रशिक्षकों को सेवा सुरक्षा और समय पर वेतन मिले। 80 से अधिक जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार की चुप्पी सवालों के घेरे में है। जयपुर में कई दिन से चल रहे इनके अनशन के बावजूद सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई है जो निंदनीय है।
5 दिन से भूख हड़ताल पर बैठी महिला शिक्षिका (व्यावसायिक शिक्षा)को नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली जी @TikaRamJullyINC जी के द्वारा भूख हड़ताल तुड़वाई गई
हम आशा करते हैं विधानसभा में हमारा गंभीर मुद्दा को उठाकर इसका हल निकलाओगे
एक ही मांग स्थाई जॉब पॉलिसी..
#हरियाणा_मॉडल_लागू_करो