मुझे नहीं पता था कि संविधान के अनुसार कोई पद पति को मिले तो पत्नी भी निरीक्षण करने निकल सकती हैं। @BJP4India में ‘प्रधानपति’ की परिकल्पना अब जेंडर न्यूट्रल हो कर ‘मुख्यमंत्री-पत्नी’ तक पहुँच चुकी है।
अच्छा है कि लोग पत्नी के नाम पर प्रधानी और सांसदी करते हैं, यहाँ पति के नाम पर पत्नी निरीक्षण कर रही हैं। कुछ कर तो रही हैं, बाकी तो कुछ करते ही नहीं। फुल सपोर्ट।
तुकाराम नाम में ही कुछ बात है! संत तुकाराम जी से ले कर तुकाराम ओंबले जी ने जो देश पर उपकार किया, और अब महाराष्ट्र के फूड कमिश्नर तुकाराम जी!
एक सत्यनिष्ठ, कर्तव्यपरायण IAS अधिकारी जिसे 21 वर्ष में 25 ट्रांसफर मिले, आज पूरे देश में ख्याति पा रहा है। मिलावटी लोगों को बाँस कर रखा है इन्होंने और लोग भय के मारे मिलावटी सामान स्वयं नष्ट कर रहे हैं।
"15 साल से हमारी पूरी जिंदगी बर्बाद हो चुकी है, पूरा परिवार तबाह हो गया है, हम अपने बच्चों को सही से खाना तक नहीं दे पा रहे और उनकी पढ़ाई भी छूट रही है"
◆ सुप्रीम कोर्ट में खुद अपना केस लड़ते हुए CJI के सामने हैदराबाद की एक महिला ने कहा
◆ महिला ने कोर्ट में अपना मंगलसूत्र उतारते हुए कहा, "एक महिला के लिए मंगलसूत्र से बड़ा कोई गहना या चीज नहीं होती, लेकिन आप ही देखिए... हमारे गले में अब क्या बचा है? सब कुछ तो खत्म हो गया"
◆ सहारा-सेबी विवाद की सुनवाई के दौरान ये नजारा देखने को मिला
◆ CJI ने महिला की आर्थिक तंगी को देखते हुए उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी अदालत की कार्यवाही में शामिल होने की इजाजत दी
#SupremeCourt | Supreme Court | CJI SuryaKant | #CJISuryaKant
"मेरे पति फौजी रहे हैं, लेकिन उनके साथ आतंकवादी जैसा व्यवहार किया गया। उन्होंने कोई गलती नहीं की थी। वह ड्यूटी के दौरान सिर्फ एक महिला यात्री की मदद कर रहे थे।"
यह कहना है आगरा में RPF जवान की पिटाई का शिकार बने डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट नरेंद्र चाहर की पत्नी हरेंद्री चाहर का।
उन्होंने कहा कि उनके पति की पिटाई का वीडियो पूरे देश ने देखा है। अब उन्हें सिर्फ न्याय ही नहीं, बल्कि उनका सम्मान भी वापस चाहिए।
हरेंद्री ने मांग की कि जिन RPF जवानों ने उनके पति के साथ मारपीट की, वे सार्वजनिक रूप से घुटनों के बल बैठकर माफी मांगें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगी।
दरसल रविवार सुबह 11 बजे आगरा कैंट स्टेशन पर एक महिला यात्री की मदद करने को लेकर हुए विवाद के बाद नरेंद्र चाहर के साथ मारपीट हुई थी।
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चार RPF जवानों को निलंबित कर दिया गया।
Ground-level Report on E20.
अगर ईमानदारी से पूछो हर दूसरे बंदे की गाड़ी का माइलेज कम हुआ है लगभग 25-30%
बस वो सरकार का नुमाइंदा ना हो
हमे लगता है सबको आवाज उठानी चाहिए इस मुद्दे पर, आज आप आवाज नहीं उठाओगे, तो कल E30 ले आयेंगे
सब लोग आवाज उठाओगे तो हो सकता है गड़बड़ी जी गड़बड़ी करने से रुक जाये !
हमारे ही वोट से जीतकर पहुचे है, और हमारे उपर ही तानाशाही कर रहे है!
आज हैदराबाद की महिला ने सुप्रीम कोर्ट में अपने ही केस में हाजिरी दी।
सामने बीते हफ्ते "सम्मानित" हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत बैठे थे।
महिला ने कहा, मिलार्ड केस चलते 15 साल हो गए है। सब कुछ बर्बाद हो गया है। मेरी भी सुन लीजिए।
CJI - आपको अगले मंगलवार की तारीख दी जाती है। आपको आने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन अपीरियंस भी चलेगी।
तब महिला ने अपना मंगलसूत्र उतारकर कहा– सर सुन लीजिए प्लीज़। मेरा परिवार बर्बाद हो चुका है। बच्चों के पास खाने को नहीं है, वे पढ़ नहीं पा रहे हैं।
लेकिन चीफ जस्टिस नहीं पिघले। कोई बर्फानी थोड़े हैं?
पिछले हफ्ते से सोच रहा हूं कि भारत को लाखों भगत सिंह की ज़रूरत है।
जाहिल मोदी भगतों की नहीं।
E-20 पेट्रोल का असर : इंजन खोलने पड़ रहे, इंजेक्टर-फ्यूल पंप वारंटी में बदलने लगे... 58% पेट्रोल वाहन मालिकों ने कहा- एवरेज 2 से 5 किमी कम हुआ
#BhaskrInvestigation#E20Petrol#FuelEfficiency
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सुप्रीम कोर्ट सिर्फ बड़े लोगों के लिए है…बड़े लोगों के लिए तो जज साहिबान आधी रात को सुनवाई के लिए तैयार हो जाते है…
गरीब आदमी की क़िस्मत में सिर्फ सिस्टम से लड़ना है, जीतना नहीं है…
आज हैदराबाद की ये महिला अपना मंगलसूत्र दिखा कर रोती रही, कहती रही कि मेरे बच्चे भूखे हैं, प्लीज सुन लीजिए मेरी बात लेकिन जज साहब ने अगले मंगलवार की तारीख दी है…
दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है भारत…
Vishal Dadlani
Swara Bhaskar
Mohd Zubair
Anurag Kashyup
Rana Ayyub
Javed Akhtar
They all supported Tahir Hussain, who stabbed Ankit Sharma 55 times during the Delhi Riots
Never Forgive, Never Forget
हैदराबाद की महिला ने खुद का केस रिप्रेजेंट करना चाहा, उसने कहा मिलार्ड 15 साल हो गए है, सब कुछ बर्बाद हो गया है, मेरी भी सुन लीजिए
CJI सूर्यकांत शर्मा - आपको अगले mnglवार की तारीख दी जाती है, आपको आने की आवश्यकता नहीं है, ऑनलाइन अपीरियंस भी चलेगी,
महिला ने अपना मंगलसूत्र भी उतार कर कहा सर सुन लीजिए प्लीज़, मेरा परिवार बर्बाद हो चुका है, बच्चों को खाना भी नहीं खिला पा रही हूं, बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं,
लेकिन मिलार्ड नहीं पिघले, इसी रवैया के चलते लोग सम्मान करते हैं, गाली गलौच पर उतर जाते हैं 🔥🔥
ओमवीर पेलावत जी के ट्वीट से साफ है कि वे BJP-RSS के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं और पार्टी के लिए 'जिला प्रमुख-प्रधान' बनाने में भूमिका निभाई।
सरकारी शिक्षक होने के नाते क्या सेवा नियमों के तहत राजनीतिक गतिविधि की अनुमति है?
ट्रांसफर से नाराज होकर VRS लेना उनका अधिकार है, लेकिन 'BJP को डुबो देंगे' जैसी धमकी से लगता है कि कुछ लोग नौकरी और राजनीति दोनों साथ चलाना चाहते हैं।
शिक्षा विभाग को ऐसे मामलों की जांच करनी चाहिए।
ऐसे शिक्षकों को बिना एक पैसा दिए घर बिठाना चाहिए। शिक्षा की तबाही में इनका योगदान बहुत अधिक हैं।
@madanrrathore@madandilawar@GovindDotasra@Barmer_Harish
तथाकथित LKFC ने, फैक्ट चेक करके पूरी कोशिश की थी कि दंगाई ताहिर हुसैन को मासूम साबित किया जाए,
उसने पूरी कोशिश की थी कि दंगाई ताहिर हुसैन ने कुछ नहीं किया और उसने खुद ही पुलिस बुलाने की अपील की थी।
लेकिन कड़कड़डूमा कोर्ट ने फैक्ट की बत्ती बनाकर LKFC के स्थान विशेष में डाल दिया
सर, आप सरकार में किसी को तो जानते ही होंगे, उनसे पूछिए कि कहाँ गए हैं। वैसे भी प्रोटोकॉल तो कहता है कि सरकार को LoP की गतिविधियों की सूचना होनी चाहिए। ये सब भी अब जनता को आउटसोर्स कर देंगे क्या?
इधर मोहन यादव का Paid whitewashing चल रहा है, उधर मध्यप्रदेश में 73% आरक्षण का नतीजा सामने आ रहा है👇
MPPSC के FSO परीक्षा में 22 सीट अनारक्षित (UR) थीं! उसमें से सिर्फ 2 सीट पर GC उम्मीदवार चुने गए!
मतलब open seats में 91% सीट भी OBC ले गए!
तो सवाल ये कि फिर 73% आरक्षण क्यों?
मोहन यादव ने वही किया जो इस समय बीजेपी का हर नेता कर रहा है। बहती गंगा में सब हाथ धो रहे हैं। जिसे जहां मिल रहा है लूट-खसोट कर रहा है।
जिन्हें मंदिर मिला उसने मंदिर को मिले दान को लूटा, जिसे सत्ता मिली उसने सत्ता के ज़रिए लूटा। जिन्हें विश्वविद्यालय मिले, दूसरे बड़े संस्थानों की ज़िम्मेदारी मिली, वे वहाँ मैाल बना रहे हैं।
बहती गंगा में सब हाथ धोने में लगे हैं।
मोहन यादव फंदे में आ गए। उनके बहू, बेटे, भाई सबने जमकर ज़मीनें खरीदीं, वहां ख़रीदीं जहां सरकार कुछ करने वाली थी और जमकर मुनाफ़ा कमाया।
मोहन यादव अकेले नहीं होंगे। उनके मंत्रिगण भी इसी तरह नोट छाप रहे होंगे। आरएसएस के लोग भी हिस्सा-बाँट रहे होंगे। एकाध नेता के बारे में किसी तरह से रिपोर्टें छप जाती हैं, इसलिए हम जान पाते हैं।
ज़रा इन्हें सत्ता से हटने दीजिए तब पता चलेगा कि इनकी अलमारी में कितने कंकाल पड़े हुए हैं।
इसमें आप बीजेपी-आरएसएस का असली चरित्र देख सकते हैं। उनका ढोंगीपन देख सकते हैं।