एक ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक ने अंतरिक्ष में 128,000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई और पृथ्वी पर पहुंचे...
उन्होंने 1236 किलोमीटर का सफर 4 मिनट और 5 सेकंड में पूरा किया...
उन्होंने पृथ्वी को घूमते हुए
साफ देखा...
एक अद्भुत वीडियो, आपको भी इसे देखना चाहिए...
कृपया इसे अपने परिवार
सोनू निगम की आवाज और मनोज मुंतशिर भैया के लिरिक्स, कलेजा ही फाड़ दिया..❣️
कुछ दर्द कभी सोते ही नहीं, बनवास खत्म होते ही नहीं
चौखट पे दिये जलते ही रहे,कुछ राम कभी लौटे ही नहीं..!!
Our beloved General Manager, Central Railway, Shri Vijay Kumar, passed away this morning.
Central Railway mourns the loss of a noble soul, an efficient administrator, and an inspiring leader whose contributions to Indian Railways will always be remembered amongst us.
ॐ शांति 🙏🏻
Inspiration for generations to come, you’ve made every Indian proud with your fearless cricket and belief throughout. You guys deserve all the accolades and enjoy the moment to the fullest. Well done Harman and the team. Jai Hind 🇮🇳🇮🇳
Champions of the World! 🇮🇳🏆
Congratulations to the #WomenInBlue on their phenomenal triumph in the 2025 #WomensWorldCup. Really proud moment for Indian cricket.
@BCCIWomen
A spectacular win by the Indian team in the ICC Women’s Cricket World Cup 2025 Finals. Their performance in the final was marked by great skill and confidence. The team showed exceptional teamwork and tenacity throughout the tournament. Congratulations to our players. This historic win will motivate future champions to take up sports.
#WomensWorldCup2025
Champions of the World!🏆🇮🇳
Congratulations to Team India on a phenomenal victory in the ICC Women's Cricket World Cup 2025.
Your triumph is a proud moment for the nation and an inspiration for every young girl with a dream.
"मुख्य न्यायाधीश BR गवई का मैं सम्मान करता हूँ और अपनी पिछली बातें वापस लेता हूँ। उक्त वीडियो में अजीत भारती एवं कौशलेश राय ने जो भी कहा, उससे मैं स्वयं को अलग करता हूँ। इन दोनों से मेरा कोई सम्बन्ध न माना जाए।"
"अगर CJI ने भगवान विष्णु को लेकर कुछ कह भी दिया तो इसे लेकर हंगामा नहीं होना चाहिए, क्योंकि वो जिस पद पर हैं वहाँ से उनके लिए धर्म या देवी-देवता सारी चीजें उस पद से परे हैं।"
ऐसा बोलूँगा समझा था क्या? अजी घंटा...
अधिवक्ता राकेश किशोर ने कहा कि प्रश्न यह नहीं है कि उन्होंने जूता उतारा, प्रश्न यह होना चाहिए कि एक पढ़े लिखे, MSc गोल्ड मेडलिस्ट को इस कार्य के लिए विवश होना पड़ा।
आगे वो कहते हैं कि ये जो दलित-दलित की बात हो रही है, संभव है कि मैं भी दलित होऊँ क्योंकि मेरे नाम से तो पता नहीं चलता कि मैं कौन हूँ। यह कार्य मैंने ईश्वरीय प्रभाव में आ कर किया।
मैंने कल भी यही कहा था, पुनः आज भी यही कहूँगा कि यदि जज लोग नहीं सुधरे, यदि वो न्याय की जगह बकलोली करते रहे, तो जनता की आस्था समाप्त होगी और धैर्य टूट जाएगा।
बात यह नहीं है कि कल कोई और जूता मार देगा, बात यह है कि किसी ने आज जज के ऊपर जूता खोल लिया है। CJI के शब्दों के विरोध में जूता उतार लेना स्वयं में एक बहुत बड़ी घटना है। यह जज को जूता मारने से बड़ी घटना है।
2001 में आज ही के दिन मैंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। आज मैंने सरकार के मुखिया के रूप में ईश्वर रूपी जनता-जनार्दन की सेवा करने के अपने 25वें वर्ष में प्रवेश किया है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में ये सिद्धि, मुझे भारत की जनता का बहुत बड़ा आशीर्वाद है।
इन वर्षों में हर एक दिन, हर एक क्षण मैंने देशवासियों के जीवन को बेहतर करने और उनके विकास के लिए समर्पित भाव से काम करने का प्रयास किया है। ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे आप सभी लोगों का निरंतर स्नेह मिला है।