#उत्तर प्रदेश की #पुलिस अविनाश पांडे के बाद अपने फ़ूल मूड है अब न्याय #कोर्ट-कचहरी में नहीं पुलिस वाले रोड में खुद कर देंग
और इनकी अविनाश #पांडे की तरह नौकरी भी नहीं जायेंगी
गांव में क्षमता है तो #राजा भैया पर हाथ उठाकर दिखाऔ 35 मुकदमे है उनके नाम
तुम कहते हो हम अपराधी को मारें
After backlash, Sourav Joshi deleted the clip from his video in which he said his car’s mileage fell from 16 km/L to 5 km/L.
Why??
Pressure of government??😳
"कॉकरोच जनता पार्टी" को समर्थन देना है या नहीं, ये आपकी मर्ज़ी है।
लेकिन अगर आज भी सोनम वांगचुक जैसे इंसान के संघर्ष पर चुप हो, तो कल अपने हक़ के लिए किसी और से लड़ने की उम्मीद मत रखना।
जो सत्ता के डर से खामोश हैं, इतिहास उन्हें नहीं, संघर्ष करने वालों को याद रखता है।
Anupam Kher:
“राम मंदिर घोटाला तो बस एक छोटी सी चोरी है।
असली चोरी तब हुई थी जब मुग़लों ने हमारे मंदिर को लूटा, ब्राह्मणों की हत्या की और हमसे सब कुछ छीन लिया।
अगर हम उस समस्या से उबर सकते हैं, तो राम मंदिर घोटाला कोई बड़ी बात नहीं है।”
सोचिए, मुग़लों का ज़िक्र करके घोटाले को सही ठहराया जा रहा है।
ट्रेन में नमाज़ पढ़ने पर भावनाएं आहत हो जाती हैं...
ट्रेन के केबिन में हनीमून का सरप्राइज देने पर संस्कृति खतरे में आ जाती है और TTE सस्पेंड हो जाता है...
लेकिन जब भारतीय रेलवे के एक वीआईपी सैलून कोच (Saloon Coach) के अंदर बकायदा पंडितों को बुलाकर, चलती ट्रेन में पूरा तामझाम फैलाकर रुद्राभिषेक और पूजा-पाठ किया जाता है, तब सारे नियम-कायदे और सर्व समाज का विरोध कहां चला जाता है?
दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के अधिकारियों और स्टाफ का है, जो सरकारी या वीआईपी यात्रा के दौरान ट्रेन के भीतर यह धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं।।।
सवाल किसी धर्म या पूजा-पद्धति से नहीं है, सवाल नियमों के दोहरे मापदंड से है।।।
क्या चलती ट्रेन में इस तरह तरल पदार्थ, धातु के बड़े बर्तन और अनुष्ठान की सामग्री रखना सह-यात्रियों या ट्रेन की सुरक्षा के लिहाज से सही है???
सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) या सरकारी सैलून कोच का इस्तेमाल क्या व्यक्तिगत धार्मिक अनुष्ठानों के लिए इस तरह खुलेआम किया जा सकता है???
कानून सबके लिए बराबर क्यों नहीं???अगर आम जनता के किसी कृत्य पर रेलवे तुरंत एक्शन लेता है, तो वीआईपी या उनके स्टाफ के लिए रेलवे के मैनुअल बदल क्यों जाते हैं???
संविधान और कानून की नजर में हर नागरिक और हर मजहब बराबर होना चाहिए। अगर एक जगह नियम सख्त हैं, तो दूसरी जगह भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।।।
इस दोहरेपन पर आपकी क्या राय है? क्या वीआईपी कोचेस में ऐसे आयोजनों की छूट होनी चाहिए???
"हां, हम 'Failed Social Activist' हैं और हमें इसपर गर्व है!" 🤫🔥
हरदीप पुरी जी : हम अपने बाप के पैसों पर ऐश नहीं करते, न ही हमारे लिए कोई एथेनॉल डिस्टिलरी चालू की जा रही है।
हम अपनी मेहनत से आगे आए हैं। रही बात गडकरी जी के 'Oil Lobby' वाले बयान की, तो पुरी जी फोन घुमाकर खुद उनसे पूछ लें कि वो लॉबी है क्या? IOC, HPCL, BPCL का आपसी झगड़ा वो खुद संभालें, हमें बीच में न घसीटें।
मेहनत बनाम नेपोटिज्म की इस लड़ाई में हम सीना तानकर खड़े हैं! ✊
#EthanolScam
BETA BADHAO YOJNA
#SelfMade #FailedSocialActivist
@ShivrattanDhil1@nachiket1982
UP पुलिस के अधिकारी निजी गाड़ी पर पुलिस फ्लैशलाइट व ब्लैक शीशे लगाकर कर रहे दबंगई।
ग्रेटर नोएडा एक फॉर्च्यूनर पर पुलिस की फ्लैश लाइट व ब्लैक काले शीशे लगी गाड़ी को स्थानीय पुलिस को लौटना पड़ा।
जब UP पुलिस के अधिकारी निजी गाड़ी पर पुलिस फ्लैशलाइट व ब्लैक फिल्म लगाकर चल रहे हैं तो आम जनता का क्या होगा।
ये कार मेरा 2020 मॉडल है।
इस पोस्ट से मै आप लोगों को और खास कर नितिन गडकरी जी को दो चीज़ दिखाना चाहता हूं।
1st 👉 मै गाड़ी ज़्यादातर इतना ही स्पीड में चलाता हूं, और आज भी 60 से 80 km/h के अंदर ही चला रहा हूं।
2nd👉मेरा गाड़ी का इंजन 1000 cc का है, माइलेज लगभग 20 का निकाल लेती है। ₹ 500 का पेट्रोल में 100 km का सफर तय था।
लेकिन कल उतना ही सफर तय किया था और ₹800 का पेट्रोल लेना पड़ा नितिन गडकरी जी आप कहते हैं E 20 पेट्रोल में कोई दिक्कत नहीं है।
पहले महीने में ₹4000 का पेट्रोल लेता था, अब ₹1200 और बढ़ाना होगा, नितिन गडकरी जी साल का ₹14000 आप लुट रहे हैं!
नोट:~ ये सिर्फ कार का कैलकुलेट किया है मौका मिला तो बाइक का भी किया जाएगा 💯
रुबिका भाई जान, ओम मोदी ने अगर ये वीडियो देख ली तो रोने लगेगी
"जब पत्रकारिता का ज़मीर टीआरपी और सत्ता के बीच गिरवी रख दिया जाए, तब न्यूज़ चैनल नहीं, प्रचार चैनल पैदा होते हैं।"
पेट्रोल पंप पर खड़े मोटरसाइकिल का चालान काट रहे हैं वो भी एक कांस्टेबल होकर ..
इनलोगों को क्या ट्रेनिंग दी जाती है पता नहीं... मतलब पूरे देश में लगता है पुलिस को कोई ब्रिटिश आर्मी वाला ट्रेनिंग दें रहा है....
लगता है जांच के लिए इंडियन आर्मी या एयरफोर्स को बुलाना पड़ेगा ...
📍 छत्तीसगढ़ पुलिस आपकी सेवा में....!!!
निर्माण घटिया होगा तभी तो दुर्घटनाएँ होंगीं! सूखा मसाला भरकर पिलर ढाला जा रहा है.
क्या रेलवे के इंजीनियर और ठेकेदार अपने घरों का पिलर भी इसी तरह ढलवाते हैं?