नागौर जिले के श्री बालाजी थाना क्षेत्र के बालासर गांव के एक किसान मोहनराम सऊ के घर पर दिनदहाड़े हथियारबंद बदमाशों द्वारा हमला करने की घटना निंदनीय हैं !
राजस्थान पुलिस व नागौर प्रशासन से निवेदन हैं कि ऐसे गुंडे प्रवृति के लोगों के ऊपर कड़ी क़ानूनी कार्यवाही होनी चाहिए ,ताकि आमजन में भय का माहौल पैदा न हो व ग्रामीण अंचल में इस प्रकार के अपराधी में डर बना रहें !
दिनदहाड़े किसान के घर हमला करना खुलेआम उन्हें धमकियां देना और हथियार चलाकर जान से मारने के लिए प्रयास करना सीधा जानलेवा अपराध हैं ! इस हमले से घर की महिला को चोटें आईं हैं जो घायल हैं नागौर अस्पताल में भर्ती हैं !
हम राजस्थान पुलिस से निवेदन करते है कि इस मामले पर कार्यवाही कर इन गुंडों की गिरफ्तारियां कर उन पर सख़्त कार्रवाई करें ताकि ‘आमजन में विश्वास अपराधियों में भय ‘ पुलिस का ध्येय बना रहे !
@RajCMO@BhajanlalBjp
यह चिता केवल उस बेटी की नहीं है, यह हमारी कानून व्यवस्था और राजनीति की भी चिता है।
यदि व्यवस्था का भय होता, यदि सत्ता और कानून का वास्तविक असर होता, तो बेटियाँ यूँ रोज़ दरिंदगी का शिकार न होती।
मैं एक सरकारी कर्मचारी हूँ। हर साल अपनी 1-2 महीने की मेहनत की कमाई से टैक्स देता हूँ इस विश्वास के साथ कि प्रदेश प्रगति करेगा, सड़कें बनेंगी, बुज़ुर्गों को पेंशन मिलेगी, बेरोज़गारों को सहारा मिलेगा। लेकिन जब देखता हूँ कि उसी टैक्स के पैसों से ऐसे दरिंदे जेलों में दो वक्त की रोटी और सुरक्षा पाते हैं, तो मन भीतर तक टूट जाता है।
और उससे भी अधिक पीड़ा तब होती है जब कुछ पैसों के लिए वकालत खड़ी हो जाती है, मानो यह सिर्फ एक मुकदमा हो कोई संवेदना नहीं, कोई पश्चाताप नहीं। क्या किसी को यह एहसास नहीं होता कि उसने किसी घर का चिराग बुझाया है? किसी माँ की गोद सूनी की है? किसी पिता के सपनों को राख बना दिया है?
यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, यह समाज की सामूहिक असफलता है। जब तक अपराधी को सख्त और त्वरित दंड का भय नहीं होगा, तब तक बेटियों की चिताएँ यूँ ही जलती रहेगी और हम केवल शब्दों में शोक मनाते रहेंगे।
अब समय है कि संवेदनाएँ केवल पोस्ट तक सीमित न रहें, बल्कि व्यवस्था को जवाबदेह बनाने की सामूहिक मांग बनें। क्योंकि हर बेटी की सुरक्षा केवल उसके परिवार की नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
#बीकानेर_घटना
एक महिला ने स्टार हेल्थ इंश्योरेंस से पॉलिसी ली।
किडनी इन्फेक्शन हुआ , तेज बुखार में कंपकंपी छूटने लगी , हालत बिगड़ी तो अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
लेकिन जब क्लेम लगाया गया तो जवाब मिला
आप तो दवा से ठीक हो सकती थीं , एडमिट क्यों हुईं?
अब सवाल ये है कि 👇
क्या बीमा कंपनी अब डॉक्टर भी बन गई है?
क्या मरीज की हालत अस्पताल तय करेगा या इंश्योरेंस ऑफिस?
क्या ICU में जाने से पहले कंपनी से अनुमति लेनी होगी कि “सर, क्या मैं सच में बीमार हूं?”
पॉलिसी बेचते समय कहते हैं “कैशलेस, टेंशन फ्री।”
और क्लेम के समय कहते हैं “आपको तो सिर्फ गोली खानी चाहिए थी।”
तो फिर इंश्योरेंस किस बात का है?
बीमारी कवर करने का या क्लेम रिजेक्ट करने का?
@TheSubhashFouji मैं आप लोगों को एक सूचना देता हूं पब्लिक पैलेस में कहीं पर भी यूएसबी केबल का इस्तेमाल अपने फोन के साथ ना करें पब्लिक प्लेस में यूएसबी ऑप्शन चार्जिंग एडेप्टर में ना लगे इससे आपका फोन का डाटा लीक होता है इससे साइबर फ्रॉड भी होता है
आज जयपुर निवास पर देश के लोकप्रिय नेता कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव युवाओं की शान किसानों की आवाज आदरणीय सचिन पायलट साहब से आत्मीय मुलाकात की.! @SachinPilot
संदीप जी, मैंने कहीं पढ़ा कि आपने अब तक 48 परीक्षाएं दी, मगर पास नहीं हुए, हार नहीं मानी और अब जेल प्रहरी परीक्षा में फिजिकल टेस्ट पास कर मेरिट में अच्छी पोजीशन प्राप्त की।
आपकी दास्तां उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा पूरक है जो हार मान हथियार डाल देते हैं।
वेलडन बेटा, चिरायु भव:
स्कूल व्याख्याता व वरिष्ठ अध्यापक, शिक्षक भर्ती, पुस्तकालयाध्यक्ष ग्रेड-III भर्ती 2027
इन पदों पर भर्तियों का विज्ञापन इस साल के अंत या अगले साल तक अच्छी संख्या में पदों की भर्ती आयेगी।
शिक्षा विभाग द्वारा 2027 मे इस तरह अनुमानित भर्तियां आयेगी:-
1.स्कूल व्याख्याता - 10 हजार पद
2.वरिष्ठ अध्यापक - 15 हजार पद
3.शिक्षक भर्ती - 35 हजार पद
4.लाइब्रेरियन भर्ती- 4500+ हजार पद
◾यह राजस्थान के युवाओं के लिए गोल्डन समय आने वाला है अभी निराश नहीं मेहनत करने का समय है।
सोना फ्री समाज हो जाना चाहिए,
जिस हिसाब से सोने के दाम बढ़ रहा है उस हिसाब से सोना करवाना मतलब ब्याज भरना ही है,,😊😌
Gold rate आम आदमी की पहुंच से बहुतदूर है,,,
बिलाली पहुँचकर पीड़ित माता जी से मुलाकात की। उनके घर हुई चोरी की घटना ने सिर्फ उनका सामान नहीं छीना, बल्कि उनके मेहनत, सुरक्षा का एहसास और मन का सुकून भी लूट लिया। काँपते हाथ, भर आई आँखें और टूटी हुई आवाज़ देखकर दिल भीतर तक रो पड़ा। एक माँ का दर्द शब्दों में बयान करना मुश्किल है। इस पीड़ा की घड़ी में उनको हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
@SachinPilot@DrJaihind@RahulGandhi@priyankagandhi@JitendraSAlwar@INCOBCDept@ManishSharmaIYC