सुराणा प्रकरण में दैनिक भास्कर द्वारा बिना जानकारी के सनसनी फैलाने के लिए खबर छाप दी गई और लाशों पर राजनीति करने वालो को एक मुद्दा मिल गया। उस वक्त राजपूत बनाम दलित करने का सुनहरा अवसर था तो सभी ने लाभ लिया।
अब इस खबर में शिक्षक मीणा है, क्या इसे लेकर भी देश में ऐसा माहौल बनाया जाएगा। बच्चा तो बच्चा ही है, क्या सवर्ण का, क्या दलित का।
ये संसार है यहां घटनाएं होती ही रहेगी, है घटना को जाति के दृष्टिकोण से देखना, एक व्यक्ति की आड़ में पूरी जाति को टारगेट करना ठीक नहीं है।क्योंकि आज एक पक्ष आरोपी है तो कल दूसरा पक्ष होगा। अपराधी को अपराधी की नज़र से ही देखा जाना चाहिए।
कभी क़ासिम तो कभी गजनी से भिड़ा ठाकुर !
हार तो तय थी...पर लड़ा ठाकुर !
हारना ही था उसे , वो अकेला लड़ा था ,
क्या जन्मभूमि ये तुम्हारी नहीं थी ? फिर क्यों अकेला लड़ा ठाकुर ?
बीवी सती हुई ,बच्चे अनाथ !!
हिन्दू तो बचा पर , भरी जवानी में
मरा ठाकुर
सदियों से रक्त दे माटी को सींचा ,
जन,जन्मभूमि और धर्म की वेदी पर
मिटा ठाकुर !
मौत होती तो भी लड़ लेता,पर...अपनों की घृणा से ..अब सहमा ठाकुर !
जिनके लिए सब कुछ खोया , क्यों उनकी ही नज़रों में बुरा ?
फ़िल्मों का ठाकुर !
कहानियों-क़िस्सों का ठाकुर !
कविताओं का ठाकुर
जब दुबक बैठे थे घरों में सब तमाशबीन ,
तब पीढियां युद्धभूमि में बलिदान कर रहा था ठाकुर ,
आज बुद्धिजीवी पानी पी पीकर बरगलाते और कोसते
कि आखिर कौन है ये ठाकुर..?
कौन बताए उन्हें कि केशरिया करके , मूंछों पर तांव देकर मौत को गले लगाने वाला जांबाज ही था ठाकुर ।।
ये दो चेहरे..❣️🚩
गत वर्ष जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में जब अरविंद सिंह के समर्थन में रवीन्द्र सिंह ने शुरुआत की तब उन्हीं के बराबर का चुनावी माहौल मोती सिंह जोधा ने अपने दम पर खड़ा कर दिया था!
ये लड़का क्रान्तिकारी हैं आने वाले समय मे आप इन्हें राजनीति में धूम मचाते देखेंगे!
जम्मू कश्मीर में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में राजपूत हॉस्टल के प्रिय मित्र जितेंद्र सिंह नरूका
गांव नवलपुरा जिला अलवर
शहीद हो गए भगवान इनके परिवार को शक्ति प्रदान करे दिवगंत आत्मा को मां भगवती अपने श्री चरणों में स्थान दे
सादर श्रद्धांजलि 🙏
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