3rd ग्रेड अध्यापक भर्ती परीक्षा के परिणाम आ रहे है , बाकी सब ठीक है मुझे सर्वाधिक जो अखर रहा है वो है बोर्ड द्वारा सवाल डिलीट किया जाना , L1 और L2 में लगभग 36 सवाल डिलीट कर दिए , मतलब पूरे पेपर का लगभग 10 फ़ीसदी हिस्सा आपने डिलीट कर दिया ।
क्यों ? आपके पेपर सेटर में इतनी बुद्धि नहीं है कि सवाल सही सेट करें ? क्या आपने नाकाबिल सेटर बिठा रखें है ? इस पूरे विश्वासघात भरे कृत्य की जिम्मेदारी कौन लेगा ? और जिन बच्चों के साथ अन्याय हुआ उनको न्याय कैसे मिलेगा ? आप भरोसा खोते जा रहे हैं। थोड़ी हया होनी चाहिए की सवाल तो सही सेट करें ! कोर्ट के चक्कर निकालने के लिए न बच्चों के पास पैसे है न समय । फिर न्याय कैसे होगा ?
10 % सवाल का मतलब होता है परीक्षा के कुल पाठ्यक्रम का 10% हिस्सा । आपको पता नहीं है कि पाठ्यक्रम का दस प्रतिशत हिस्सा तैयार करने में बच्चों को कितने पापड़ बेलने पड़ते है ?
बच्चे की एक गलती पर आप उसको परीक्षा से वंचित कर देते है, एक गलती पर आप पाँच अंक काट लेते है , और आपने ये जो रायता फैलाया है इसका क्या दंड है ? ये कौन तय करेगा ? सवाल बहुत है पर जवाब सिर्फ़ इतना की बोलने वाले की आवाज दबा दो , नया कुछ कर दो ताकि बच्चा पुराना भूल जाएँ। उम्मीद है बोर्ड से की अब अपनी साख वापस स्थापित करें।
पोस्ट क्रेडिट: @ganpatsingh1 #REET
⏩ 11 सवाल डिलीट होना सामान्य बात नहीं: "अध्यक्ष साहब, अगर एक्सपर्ट नहीं हैं तो हमसे पेपर बनवा लीजिए, बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो!" 😡🔥
⏩ राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा जारी प्राथमिक विद्यालय अध्यापक (लेवल-प्रथम) भर्ती परीक्षा के परिणाम में एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 11 प्रश्नों को डिलीट किया गया है। यह स्थिति परीक्षा की तैयारी करने वाले हर एक गंभीर अभ्यर्थी के लिए मानसिक प्रताड़ना जैसी है।
👉 अध्यक्ष साहब के ट्वीट का ढर्रा:
⏩ परिणाम आते ही और युवाओं का गुस्सा भड़कते ही जल्द ही अध्यक्ष साहब का एक ट्वीट (Tweet) आ जाएगा कि— "पेपर बनाने वाली एजेंसी या पैनल को ब्लैकलिस्ट (Blacklist) किया जा रहा है।"
⏩ लेकिन सवाल यह है कि आपके ब्लैकलिस्ट करने से उन अभ्यर्थियों का क्या फायदा होगा, जिनकी बरसों की तपस्या इस 11 प्रश्नों के हेरफेर के कारण खराब हो गई?
👉 "विशेषज्ञ नहीं हैं, तो हमसे पेपर बनवा लीजिए!"
🙄 युवाओं का सीधा और तार्किक सवाल है कि यदि आपके पास इतने बड़े स्तर की परीक्षा के लिए योग्य विषय विशेषज्ञ (Subject Experts) ही मौजूद नहीं हैं, तो कृपा करके यह जिम्मेदारी अभ्यर्थियों या अनुभवी शिक्षकों को सौंप दीजिए! हम बिना किसी गलती के एक साफ-सुथरा और सटीक पेपर तैयार करके दे देंगे।
👉 परीक्षा हॉल में समय की बर्बादी और मानसिक तनाव:
⏩ एक तो परीक्षा कक्ष (Exam Hall) में पहले से ही इतना भयंकर स्ट्रेस (Stress) और दबाव होता है। ऊपर से इस तरह के विवादित, गलत और दोहरे अर्थ वाले प्रश्न डाल दिए जाते हैं, जो बच्चों को बेवजह उलझाते हैं।
⏩ अभ्यर्थी उस गलत सवाल को हल करने के चक्कर में अपना कीमती समय बर्बाद करता है और अनावश्यक रूप से भारी मानसिक तनाव में आ जाता है। यह सीधे-सीधे अभ्यर्थियों के साथ एक बड़ा धोखा है!
👉 मेहनत करने वालों को भारी नुकसान:
⏩ 11 सवाल डिलीट होने का सबसे बड़ा झटका उन ईमानदार बच्चों को लगता है जो इन्हें सही करके आए थे। बचे हुए प्रश्नों का भार (Weightage) बढ़ने से नेगेटिव मार्किंग का नुकसान भी दोगुना हो जाता है। बोर्ड को इस गंभीर लापरवाही की जवाबदेही तय करनी ही होगी।
आज रेलवे ALP CBT 1 का रिजल्ट आया है।
• EWS - 64.44
• SC - 69.24
• ST - 69.00
• OBC - 75.55
अब बताइए ये EWS वाले लोग किस मुँह से दूसरों को आरक्षणजीवि कहते हैं..? किस मुँह से मेरिट-
मेरिट चिल्लाते है..? क्या ये लोग सही से ट्रेन का संचालन कर पाएंगे..? बाकी आपलोग बताइए।
यदि आप यह मानते हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल मेहनत ही सफलता का निर्धारण करती है, तो मुझे लगता है कि यह पूरी सच्चाई नहीं है।
राजस्थान में विशेष रूप से कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं में अक्सर 10 12 तक प्रश्न बाद में डिलीट कर दिए जाते हैं। यह केवल एक तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। सवाल यह है कि यदि वे प्रश्न गलत थे, तो उन्हें प्रश्नपत्र में शामिल ही क्यों किया गया? और यदि शामिल किए गए, तो प्रारंभ में उन्हें सही मानकर परीक्षा का हिस्सा क्यों बनाया गया?
जब अभ्यर्थी आपत्तियाँ दर्ज कराते हैं, तब उन प्रश्नों को हटा दिया जाता है। लेकिन इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा नुकसान उन विद्यार्थियों को होता है जिन्होंने उन प्रश्नों के सही उत्तर दिए थे। एक गलत प्रश्न-निर्माण की कीमत वे बच्चे चुकाते हैं, जिन्होंने पूरी ईमानदारी और मेहनत से तैयारी की थी।
कई बार यही डिलीट हुए प्रश्न किसी अभ्यर्थी को चयन सूची से बाहर कर देते हैं। यह केवल अंक खोने की बात नहीं होती, बल्कि उसके आत्मविश्वास, उसके सपनों और उसके वर्षों की मेहनत पर भी गहरा प्रभाव डालती है। जो अभ्यर्थी इस पीड़ा से गुज़रा है, वही समझ सकता है कि अंतिम चयन से कुछ अंकों से बाहर हो जाना कितना दर्द देता है।
आख़िर आयोग की गलती ईमानदार बच्चा क्यों भुगते
डॉ धीर सिंह धाभाई
#rsmmb #thirdgradeteacher #result
बोर्ड ने आज मीटिंग में निम्नलिखित एजेंडा का अनुमोदन किया;
1. टीचर भर्ती लेवल 1 का प्री डीवी रिजल्ट
2. Lab Asst exams के प्राथमिक Keys
L1 के सभी सफल हुए कैंडिडेट्स को बहुत बहुत बधाई!
@alokrajRSSB OTR में डॉक्यूमेंट अपलोड करते समय ग्रेजुएशन ऑप्शन में IGNOU यूनिवर्सिटी के नाम से एक ऑप्शन है जिसके पीछे South लिखा है, लेकिन मैंने अपनी https://t.co/zWt3pfgrdN IGNOU Delhi से की है, जो ऑप्शन में नहीं है।
@alokrajRSSB@Rssbjaipur
OTR में डॉक्यूमेंट अपलोड करते समय ग्रेजुएशन ऑप्शन में IGNOU यूनिवर्सिटी के नाम से एक ऑप्शन है जिसके पीछे South लिखा है, लेकिन मैंने अपनी https://t.co/zWt3pfgrdN IGNOU Delhi से की है, जो ऑप्शन में नहीं है।
@alokrajRSSB@Rssbjaipur
@zomatocare महोदय
मैने 14 अगस्त को सुबह 11:51am पर एक ऑर्डर किया था जो खाने योग्य ही नहीं था जिसके लिए मैने support/mail पर शिकायत की लेकिन समय 72 घंटे से भी अधिक हो गया है और अभी तक उस पर कोई एक्शन और समाधान नहीं किया गया।
ऑर्डर Id - #7163308957
REET पात्रता परीक्षा में शामिल होने वाली महिलाएं ध्यान देवे कि शादियों का सीजन चल रहा है तो वो मेहंदी न लगाए....परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक से उपस्थिति दर्ज की जाएगी.. परीक्षा से वंचित होने से बचें
#reet2025
कर्मचारी चयन बोर्ड ने इसी महीने में ये 12 बहुत संवेदनशील परीक्षाएं कराई जिसमें 51 % ही उपस्थित हुए। इन 58000 अब्सेंट कैंडिडेट्स में से यदि 50000 हजार कैंडिडेट्स ने भी जिम्मेवार बन फॉर्म न भरा होता तो 201 स्कूलों का पढ़ाई का हर्जाना होने से बचता। सबको शेयर कर जिम्मेवार बनाओ।