हमारा देश दशकों से एसे दौर से गुजर रहा है ,जिसमें विचार धारा और विश्व शक्ति बनने का ख्याल ही नहीं है.
हमारी वैचारिक शक्ति जातिवाद, क्षेत्र वाद, भाषा वाद के संघर्ष में उलझकर रह गया है.
@ScienceJourney2 इसको जल्दी से license भी दे दो और SJ को फ्री टिकट के साथ BSP और बहन जी के प्लेन में बिठा दो.
नहीं बैठे तो पूरा delete समाज ये मेहनत करें.
Merit नहीं चाहिए
एक 10th class के स्टूडेंट् के मोबाइल में 50 videos लड़की के साथ... करते हुए था.
माता पिता की समझ से भी परे हो चुके हैं बच्चे
आज कल. ये सोशल मीडिया का असर या संगत का या फिर और किसी का समझ में नहीं आता
दोष किसे दिया जाए बच्चों को? माता पिता को? समाज UOM
को? शिक्षकों को? या फिर सोशल मीडिया को ?
आपकी क्या राय है?