Budweiser Magnum ka jo beer mil rha hai mere taraf dumri ( jharkhand) me usme bahut sara jhag nikal rha hai jo pahle nhi hota tha itna.quality 150 ki bhi nhi hai or 220 av bhi liya ja raha hai or upar se nakli pilaya ja rha hai .kai or log bhi yahi bol rhe hai.
@Thebihar_in Exam cancel jharkhand me hua hai.dard bihar me ho rha hai.iska mukhya vajah bas itni hi hai adhikansh seting geting wale or usse naukri pane wale bhi yahi hai.dukh samjh sakta hu tumhara kyonki hamne dukhon ko jhela hai
@JmmJharkhand@HemantSorenJMM Bhai tumse abhi defend na ho payega isliye behatar hai jabtak protest ho rha tabtak underground ho jao .jmm ki Sarkar ko abhi is waqt defend nhi kar paoge aise me shant rahne me hi bhalai hai.
हेलो मेन स्ट्रीम मीडिया, सो कॉल्ड न्यूट्रल इंफ्लूएंसर, दरबारी पत्रकार,
कब उठाओगे पीड़ित छात्रों की आवाज?
छात्रों का सैलाब बता रहा है कि अब अन्याय नहीं सहा जाएगा।
जुल्मी जब जब जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से
चप्पा चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से।
हेमंत सोरेन इस्तीफा दो।
*Disclaimer - आदिवासी समुदाय में शादियाँ घर पर होती हैं और इन्हें 'पाहन' (आदिवासी पुजारी) संपन्न कराते हैं। हमारी परंपराएँ, रीति-रिवाज़ और शादी के तौर-तरीके बिल्कुल अलग हैं। सांसद विजय कुमार हांसदा ने आदिवासी संस्कृति छोड़ दी है और ईसाई धर्म अपना लिया है। उसका आदिवासी संस्कृति और आदिवासियत से कोई लेना-देना नहीं है।
माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी चांडालमारा का पुल जो 2019 में बह गया 6 करोड़ वाला वो भी महज चार साल में। फिर आपने दूसरा नया पुल बनवाया 8 करोड़ + की लागत से।2019 में जो बहा उसे 2065 तक चलना था। क्या मैं जान सकता हूं इसमें क्या करवाई हुई?
फुसरो से जैनामोर जाने वाली सड़क पुरी तरह से खराब हो चुकी है। और ये जो सड़क है मुख्य सड़क है गिरिडीह से बोकारो जाने वाली सड़क है डुमरी होते हुए। और राज्य सरकार को खबर तक नहीं है।
@JmmJharkhand अरे वो पिटाई वाली घटना तो बिहार की थी। जिसमें @IrfanAnsariMLA के रहते बुरी तरह से पीटा गया था उसका अमन चैन छिना गया था। और वैसे भी इरफान अंसारी का झारखंड से कहाँ कोई तालुक है।
A journalist came dangerously close to being lynched by supporters of Jharkhand Health Minister and Congress leader Irfan Ansari after he asked probing questions on delays in the promised compensation to crash victims.
Where are all those activists who outrage on Press Freedom?
ये दो कौड़ी के पत्रकार की क्या मजाल जो झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से सवाल पूछेगा,
पीट दिया गया!!!
पत्रकारों को अपनी औक़ात नहीं भूलना चाहिए मंत्री संतरी से सवाल पूछने से पहले उनके होंठों में थरथराहट होनी चाहिए।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी से सवाल पूछे जाने के बाद उनके सामने ही एक पत्रकार आशीष साव की पिटाई कर दी गई। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। अब तक किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुई है।
@RahulGandhi
शादीशुदा महिला से मायके का प्रेमी प्रेम करता था। स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। जिसके बाद वॉर्ड सदस्य ने दोनों को खंभे से बांधकर बेरहमी से पिटाई की। बिहार के पूर्णिया का ये वीडियो अब वायरल
Plzz read...
विष्णुगढ़..मामला..
बेटे सेहत के लिए बेटी की बलि, अंधविश्वास ने ममता को निगल लिया
*10 साल के अवैध संबंध और अंधविश्वास का संगम*
बेटे के स्वास्थ्य लाभ की कामना में एक मां ने अपनी ही 12 वर्षीय मासूम बेटी की बलि दे दी यह सुनने में जितना असंभव लगता है, कुसुंभा की घटना ने उसे उतना ही भयावह सच बना दिया। जिस कोख ने जन्म दिया, उसी ने मौत का रास्ता दिखा दिया। कटाक्ष यही है यहां बीमारी बेटे की नहीं, सोच की थी… जिसका इलाज किसी तंत्र-मंत्र से नहीं, इंसानियत से होना चाहिए था।
अंधविश्वास का जहर इतना गहरा हो चुका है कि अब लोग भगवान से ज्यादा ढोंगियों पर भरोसा करने लगे हैं। “बलि देने से सब ठीक हो जाएगा”इस झूठ ने एक मासूम की जिंदगी छीन ली। सवाल सीधा है क्या कोई भी ईश्वर अपने ही बनाए बच्चे का खून मांग सकता है? या फिर यह इंसान के भीतर बैठी दरिंदगी का बहाना है?
यह घटना सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि रिश्तों के पतन की भी कहानी है। एक तरफ मां का अवैध संबंध, दूसरी तरफ उसी के सहारे रची गई खौफनाक साजिश। जब रिश्ते भरोसे से हटकर स्वार्थ और लालच पर टिक जाएं, तो उनका अंत हमेशा विनाश ही होता है। यहां प्यार नहीं था, सिर्फ पाप का गठजोड़ था।
जिसे “उपचार” समझा गया, वह दरअसल एक सुनियोजित हत्या थी। पूजा के नाम पर जो खेल खेला गया, उसने यह साबित कर दिया कि अंधविश्वास इंसान को सोचने-समझने की ताकत से वंचित कर देता है। कटाक्ष यही है यहां इलाज नहीं हुआ, इंसानियत का अंत हुआ।
लेकिन कानून का पहिया धीरे सही, चलता जरूर है। जिस मां ने बेटे के लिए बेटी को कुर्बान किया, आज वही मां सलाखों के पीछे है। जिस “बलि” से सुख की उम्मीद थी, उसी ने जिंदगी को बर्बादी में बदल दिया।
समाज के लिए यह एक कड़ा संदेश है अंधविश्वास कभी समाधान नहीं देता, सिर्फ विनाश लाता है। सवाल यह है कि क्या हम इस घटना से सीख लेंगे, या फिर अगली “बलि” का इंतजार करेंगे..
बेटे को बचाने चली थी,
बेटी को मिटा आई…
मन्नतों के नाम पर मां,
अपनी ही ममता जला आई…
और अब..
जिसे “उपचार” समझा था,
वही सजा बनकर सामने खड़ा है।
Sitesh Kumar Tiwary
Its said that Muslims in India have raised about ₹600 crore to help Iran fight against USA-Israel..
10 months ago, India launched attacks against Pakistan to eliminate terrorists camps.
None of these Muslims raised any money to help India fight against Pakistan..
Then they get upset when we question their loyalty to India..
दांत तोड़े, गुप्तांग में डाली लकड़ी, 12 वर्षीय बच्ची के साथ रेप के बाद निर्मम हत्या
झारखंड में दिल दहला देने वाली दरिंदगी, घटना हजारीबाग जिले की है।
बच्ची मंगलवार को रामनवमी की प्रसिद्ध मंगला जुलूस देखने गई थी।
कानून-व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगा सकते हैं, लेकिन अब इतना होने के बाद भी कुछ नहीं होगा।
यही झारखंड के स्थान पर किसी बड़े शहर का नाम रहता तो अब तक पूरे देश में हंगामा हो गया होता।