रीलबाजी का शौक जो ना करा दे!!
बहराइच में इंस्पेक्टर साहब बालीवुड हीरो स्टाइल में घायल महिला को गोद में उठाकर अस्पताल ले जा रहे हैं जबकि पुलिस की गाड़ी 10km/hr के हिसाब से हौले हौले पीछे चल रही है!!
पूरे देश में “रील का रोज़गार” टॉप पर है,
नेपाल से एक और भयावह तस्वीर सामने आया है..लोग अपने दिन चर्या में लगे हुए थे..किसी को नहीं पता था कि कुछ ही पलों में सबकुछ तहस नहस हो जाएगा..
#nepal#NepalFlood
ये नेपाल तिब्बत बॉर्डर पर बाढ़ का डरावना दृश्य है।
सोचिए जो लोग बालकनी में फंसे हुए थे, उस वक्त उनके दिलोदिमाग पर क्या बीत रही होगी।
#nepal#नेपालीसेना#नेपाल
पूर्व सांसद मरहूम अतीक अहमद के मरहूम बेटे आबान अहमद के जनाज़े में पुलिस द्वारा लोगों को पीटना बताता है कि पुलिस नफ़रत से भरी हुई है, पुलिस व्यवस्था बनाने नहीं बल्कि लोगों को पीटने और उन पर डंडे बरसाने गई थी।
आज जो छात्र दिल्ली आए है। ये सिर्फ एक पार्टी या एक नेता के पीछे नहीं आए है। ये सिर्फ और सिर्फ मुद्दों की लड़ाई को लेकर आए है। ये सरकार को अपना दर्द बताने के लिए आए है।
सरकार को इनकी आवाज सुननी चाहिए। और शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा होना चाहिए।
@PMOIndia#Delhi#JantarMantar
#DelhiNews
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। बौंडी थाना क्षेत्र में धान की रोपाई के बाद 12 वर्षीय मासूम नदी किनारे हाथ-पैर धोने गया था। तभी पानी में छिपे एक खूंखार मगरमच्छ ने उस पर अचानक हमला कर दिया और उसे गहरे पानी में खींच ले गया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण और परिजन दौड़े, लेकिन उनकी तमाम कोशिशें नाकाम रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मगरमच्छ बच्चे को बार-बार पानी में उछालता रहा, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
करीब पांच घंटे तक चले तलाश अभियान के बाद मासूम का शव बरामद किया गया। इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में मातम पसर गया। घटना के बाद वन विभाग और प्रशासन हरकत में आया और आखिरकार आदमखोर मगरमच्छ को पकड़ लिया गया। इस वाकये ने नदी किनारे रहने वाले लोगों में खौफ पैदा कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से जलाशयों और नदी किनारों पर बेहद सावधानी बरतने की अपील की है।
“जिंदा हूं मैं…!”
ये चीख है बस्ती के इशहाक अली की, जो आज कफ़न ओढ़कर DM ऑफिस पहुंचे… ताकि वो साबित कर सकें कि वो जिंदा हैं!
सोचिए, एक शख्स जिसने जिंदगीभर नौकरी की… 31 दिसंबर 2019 को रिटायर हुआ…
लेकिन सरकारी कागजों में वो 7 साल पहले ही ‘मर’ चुका था!
#Panamá#حافظ_قوم_کا_محافظ