राजस्थान सरकार निम्नलिखित छ: परीक्षा नियम बनाए :-
1.राजस्थान सिविल सेवा संयुक्त प्रतियोगिता सीधी भर्ती परीक्षा नियम (राज्य सेवाओं के पदों व अधीनस्थ सेवाओं के 4800 ग्रेड पे के पदों पर भर्ती हो सकेगी)
2.राजस्थान अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगिता सीधी भर्ती परीक्षा नियम [अधीनस्थ सेवाओं के 4200,3600 व 2800 ग्रेड पे के पदों (नायब तहसीलदार,पुलिस उपनिरीक्षक,जेलर,प्लाटून कमांडर आदि) पर भर्ती हो सकेगी]
3.राजस्थान स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता सीधी भर्ती परीक्षा नियम (ग्राम विकास अधिकारी,पटवारी,छात्रावास अधीक्षक आदि पदों पर भर्ती हो सकेगी)
4.राजस्थान स्नातक तकनीकी स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता सीधी भर्ती परीक्षा नियम [लिपिक ग्रेड-II/कनिष्ठ सहायक (राजस्थान उच्च न्यायालय कनिष्ठ न्यायिक सहायक सहित) के पदों पर भर्ती हो सकेगी]
5.राजस्थान उच्च माध्यमिक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता सीधी भर्ती परीक्षा नियम (कॉन्स्टेबल,वनरक्षक,जेल-प्रहरी आदि पदों पर भर्ती हो सकेगी)
6.राजस्थान माध्यमिक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता सीधी भर्ती परीक्षा नियम (चपरासी,पशु परिचर आदि पदों पर भर्ती हो सकेगी)
नोट:उक्त नियमों का निर्माण राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं (संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा द्वारा सीधी भर्ती) नियम,1999 (वह नियम जिसके द्वारा RAS परीक्षा आयोजित होती है) की तर्ज पर किया जा सकेगा। उक्त नियमों के बनने से न केवल प्रारम्भिक परीक्षाएं एकीकृत होगी,बल्कि मुख्य परीक्षाएं भी एकीकृत हो जाएगी, जबकि समान पात्रता परीक्षा (CET) से केवल प्रारम्भिक परीक्षाएं ही एकीकृत हो सकी है।@alokrajRSSB
यह जंतर-मंतर का वीडियो है। आज दिल्ली की उमस भरी गर्मी जान ले रही है। उस हाल में वहाँ लोग ठसा-ठस भरे हैं। हाथ का पंखा लेकर नौजवान एक दूसरे को हवा का मरहम लगा रहे हैं। घर में पंखे के नीचे राहत नहीं है, वहाँ तो क्या ही हालत होगी। इस गर्मी में वहां मौजूद लोगों की हालत भी ख़राब हो रही होगी। सोनम वांगचुक को जबरन हटाने के बाद भी धरना कमज़ोर नही हुआ है। लोगों ने आगे आकर इस धरने को थाम लिया है। कौन नेता है, कैसा नेता है, यह सब सवाल पीछे चला गया है। आज पूरे दिन जंतर-मंतर पर भारी भीड़ रही। धरना स्थल तक जाने के लिए लोग कतार में बिना शिकायत खड़े हैं। वहाँ से लौटने वाले लोगों की लाइन राजीव चौक मेट्रो में भी बढ़ती जा रही है। सोमवार को सरकार का इम्तहान है। कल वह मार्च में बाधा डालेगी या मार्च होने देगी।
आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग़ाज़ियाबाद इन महानगरों, महाज़िलों में रहने वाले जेन ज़ी, जेन बी जेन एक्स, जेन जो भी, किसी से पूछ लीजिए। क्या यहाँ एक भी सरकारी शैक्षणिक संस्थान है, जिसकी दुनिया छोड़िए, भारत में पहचान हो। जिसकी गुणवत्ता की तारीफ होती हो। जिसमें पढ़ने का सपना देखा जाता हो। एक भी नहीं है। सोचिए लाखों करोड़ों की आबादी के बीच एक ढंग का कॉलेज नहीं है। जहाँ भारत का एस्पिरेशनल क्लास रहता है। वह 12 साल से व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी में डूबा रह गया। बच्चों के लिए अमेरिका का वीज़ा बनवाता रहा लेकिन मुड़ कर नहीं देखा कि उसके शहर में एक भी कॉलेज काम का क्यों नहीं है। इसके कारण मिडिल क्लास के साथ साथ नियो मिडिल क्लास के बच्चे भी घिस रहे हैं, पिस रहे हैं, मिट रहे हैं। जो मेहनत मज़दूरी करने वाला तबका है, जिसे लग रहा है कि पढ़ाई से उसके परिवार का भविष्य बदल सकता है, वह कड़ी मेहनत कर अपने बच्चों को किसी तरह स्कूल और कालेज भेज रहा है। उसे पता ही नहीं है कि वह अपने बच्चों को जिन सपनों के लिए तैयार कर रहा है, वह कब का रौंदा जा चुका है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग़ाज़ियाबाद और गुरुग्राम के घरों में काम करने वाली महिलाओं से पूछ लीजिए। हाड़ तोड़ मेहनत कर रही हैं और अपने बेटी की पढ़ाई के लिए फीस भर रही हैं। उनके बच्चे भी ख़ूब मेहनत करते हैं लेकिन सामाजिक पूंजी नहीं होने के कारण उन्हें गाइड नहीं मिल पाता। हर दिन लाखों सपनों की हत्या हो रही है। समाज के इस तबके को अभी शिक्षा से जुड़े मुद्दे की समझ नहीं है, कभी तो उन्हें भी पता चलेगा कि सारा सिस्टम इसी तरह डिज़ाइन किया गया है कि उनके बाद उनकी बेटियाँ भी घरों में काम करती रहेंगी । शिक्षा को बर्बाद किया गया ताकि लाखों लोगों का भविष्य बर्बाद हो सके और वे कम से कम पैसे में काम करने के लिए हमेशा मजबूर रहें।
भारत के भविष्य के साथ लंबे समय तक यह धोखा हुआ है। हो सकता है भारत का युवा धर्म की राजनीति में फिर से सनक जाएगा, वह गौरव और पहचान राजनीति में धर्म से पाने लगेगा, यह सब हो सकता है, हो ही रहा है, लेकिन अगले तीस साल में भी वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए बड़े स्तर के शैक्षणिक संस्थानों को नहीं पा सकता है। यह लड़ाई आज की नहीं है, अगले पचास साल की है।
पाचना बांध का पानी के लिए गुर्जर मीणा समाज को लड़वाने के लिए दोनों समाजों के कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं।
ये लोग अपनी राजनीति के लिए दो किसान वर्ग के लोगों को लड़वाना चाहतें हैं।
दोनों समाजों के प्रतिनिधियों को सरकार के साथ मिलकर फैसला लेना चाहिए ताकि आपसी सौहार्द्र बना रहे।
पाचना बांध का पानी पेयजलापूर्ति और सिंचाई के लिए मिलना चाहिए।
पायलट साहब की गहरी बात को गहलोत साहब को सुनना होगा
गहलोत साहब आग उगलते है दूसरी और पायलट साहब धैर्य से प्यार से अपनी बात रखते है जो सभी के दिल को छू जाती है
आओ मिलकर मोहब्बत की दुकान खोले 😀
@SachinPilot@ashokgehlot51 👌❤️🙏
आखिरकार मेरी हर बात पे मुहर लगाते हुए बौखलाहट में ही सही अपना अलसी चेहरा और रंग दिखा ही दिया... आज सीधे सोनिया गांधी जी और कांग्रेस पार्टी को षड्यंत्रकारी बोलकर अपनी असलियत सबके सामने ले आए... जो बातें बंद कमरे में बैठकर मुझसे किया करते थे, जिस तरह की अभद्र और घटिया बातें राहुल गांधी जी और सोनिया जी के लिए किया करते थे सारी सीमाएं लांघते हुए आज उस सोच को सरेआम कर दिया... अपनी कुर्सी बचाए रखने के लिए तमाम तरह के षड्यंत्र रचकर पार्टी और आलाकमान की पीठ में छुरा घोंपकर आज बोल रहे हैं सोनिया गांधी और कांग्रेस ने मेरे खिलाफ बहुत बड़ी कॉन्सपिरेसी की...
21 सीटें आने के बाद भी आपको मुख्यमंत्री बनाया ये कॉन्सपिरेसी थी...??
तीन बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया ये कॉन्सपिरेसी थी...??
या 2020 के सरकार बचाने के झूठे तमाशे के बाद आपको राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की मंशा ये कॉन्सपिरेसी थी...??
"मेरा इस्तीफा हमेशा सोनिया गांधी जी के पास रहता है, वो जब चाहें जब उसे स्वीकार कर सकती हैं"
"मुझे तीन बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया"
"मैं संतुष्ट नहीं अति संतुष्ट राजनेता हूँ"
"मैं कांग्रेस का अनुशासित सिपाही हूँ, कांग्रेस पार्टी ने मुझे सब कुछ दिया है"
बोलने वाले दोहरे चरित्र वाले छद्म गांधी वेष धारी ने बड़ी बेशर्मी से सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को षड्यंत्रकारी कहकर देश के लाखों कांग्रेसियों की भावनाओं को बुरी तरह ठेस पहुंचाई है...
कहते हैं व्यक्ति स्वयं ही अपना दुश्मन होता है उसी कहावत को चरितार्थ करते हुए सचिन पायलट से बेंतहा नफ़रत ने इनका वास्तविक रूप सबके समक्ष ला दिया है..
और आखिर में कह दूँ सचिन पायलट का नुकसान मीडिया वालों ने नहीं सिर्फ आपने किया है...
साहब का गुस्सा और बौखलाहट बता रही है की माज़रा कुछ और ही है !
मैं बहुत क़रीब से जानता हूँ इस टोन, खीज और तमतमाहट को ये तब आती है जब कुछ इनकी मंशा के विपरीत होने वाला हो जिसे सहन और बर्दाश्त करना इनके बस का नहीं हो ….
6 साल हो गए एक ही रट लगाये हुए हैं मैंने सरकार बचा ली, मैंने सरकार बचा ली मेरे पास सबूत हैं बीजेपी, अमित शाह, धर्मेंद्र प्रधान, गजेंद्र सिंह शेखावत और सचिन पायलट मेरी सरकार गिरा रहे थे हालांकि आज गजेंद्र सिंह जी का नाम नहीं लिया और बिना सचिन पायलट जी का नाम लिए बोला कि हमारे विधायकों की मीटिंगे उनके घर में होती थी….
मानेसर से उनके घर जाते थे….
अरे साहब मैं तो आपसे लगातार आग्रह कर रहा हूँ की उन सबूतों की ममी बनवाओगे क्या?
सार्वजनिक क्यों नहीं करते हो?
आपके विधायकों ने एडवांस भी लिया जो लौटाया नहीं है उन पर से केस जो दर्ज करवाये वापस क्यों लिए?
बीजेपी से मिलकर आपकी सरकार गिराने वाले अभी भी कांग्रेस पार्टी में क्यों हैं ?
25 सितंबर 22 को विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री आवास पर क्यों नहीं होने दी ?
आलाकमान पर दबाव बनाने के लिए धारीवाल जी के घर पर मीटिंग करवा के विधायकों के ज़बरदस्ती इस्तीफ़े क्यों दिलवाए गए ?
ये सारे जवाब प्रदेश की जनता आपसे चाहती हैं राजस्थान के तथाकथित गांधी जी।
शुभचिंतक होने के नाते मैं फिर से आपको सलाह दे रहा हूँ अब अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखिए अनावश्यक परेशान होकर अपना रक्तचाप मत बढ़ाइए राहुल गांधी जी कांग्रेस पार्टी को मज़बूत करने की दिशा में बड़े क़दम उठा रहे हैं हम सब उनका साथ दें प्रदेश और देश में कांग्रेस की सरकार बने इस प्रण से काम करें ।
48° तापमान पर लाशें सड़ती रहीं थीं, राशन-पानी एक समुदाय ने बंद करवा दिया, रोटियों पर मिट्टी फैंकी गई गांवों में होकर लाने पर, सूखीं रोटी-कांदा(प्याज़) खाकर गुजारा किया, हरसंभव प्रयास किया मनोबल तोड़ने का लेकिन योद्धा डटे रहे, आसूंओं से सींचा है वक्त हमने ओर तुम्हें पानी चाहिए😵
गुर्जर आरक्षण आंदोलन में शहीद हुए सभी वीरों को “बलिदान दिवस” पर नमन् करता हूँ। आप और आपके परिवार के त्याग व बलिदान को समाज हमेशा याद रखेगा।
आपकी वीरता, त्याग और बलिदान युगों युगों तक हमें हमेशा सच्चाई , समर्पण और समाज संग सार्थक पथ पर चलने के लिये निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
आप हमेशा हमारे हृदय और धमनियों में रहेंगे - आप से ही हम हैं - आप वीर गुर्जर की परिभाषा हो - आपको कोटि कोटि नमन।
~ विजय 'किरोड़ी सिंह' बैंसला
#वीर_गुर्जर #बलिदान_दिवस #आरक्षण_आंदोलन