“कमबख़्त” फ़ारसी शब्द है…आप ये मौलाना और मौलवियों वाली भाषा क्यों बोल रहे हैं?
कठमुल्लापन छोड़िये…कुछ हिन्दी या संस्कृत में ट्राई कीजिए महाराज!
@myogiadityanath@myogioffice
मुलायम सिंह यादव से तुम लोगों की नफरत सिर्फ इसलिए है वह बैकवर्ड समाज से आते थे लेकिन यह तुम जातिवादियों की भूल है और नीच सोच का प्रतीक है जो देश के लिए सबसे खतरनाक है, 🙁👇
नेताजी मुलायम सिंह यादव जी वो नेता थे जो चीन के पसीने छुड़ा दिए थे। वो देश के पहले रक्षा मंत्री थे जो सियाचिन ग्लेशियर पर गए। नेताजी हमेशा कहते थे कि भारत के लिए पाकिस्तान से बड़ा दुश्मन चीन है।
उनके रक्षामंत्री बनने से पहले सेना के लिए अलग नियम था। जब भी सेना का कोई जवान शहीद होता था, तो उसका पार्थिव शरीर उसके घर नहीं पहुंचाया जाता था। शरीर का अंतिम संस्कार सेना के जवान खुद करते थे और आखिर में जवान के घर उसकी एक टोपी भेज दी जाती थी।
रक्षामंत्री बनने के बाद उन्होंने सबसे पहले इसी को लेकर फैसला लिया। उन्होंने कानून बनाया कि जब भी कोई जवान शहीद होगा तो उसका पार्थिव शरीर पूरे सम्मान के साथ उसके घर ले जाया जाएगा। डीएम और एसएसपी शहीद जवान के पार्थिव शरीर के साथ उसके घर जाएंगे।
नेताजी पहले और आखिरी रक्षामंत्री हुए जो चीन को चार किलोमीटर पीछे ढकेल दिए। उनके कई महत्वपूर्ण फैसलों के कारण ही सेना ने उन्हें बेस्ट रक्षा मंत्री का आर्डर दिया था।
नेता जी हर जवान किसान के दिल में बसते हैं। ♥️♥️
यह फैसला ठीक है लेकिन एक बात और है मैं
बोलना नहीं चाह रहा था लेकिन बोल दे रहा हु
जिला अंबेडकर नगर मतदाता सूची 20 से
36 बुथ अध्यक्ष ऐसे है जिन्हें बोला गया था
की 5 और 10 वोट बड़ा लीजिए 2 वोट तक
नहीं जोड़ सके पहले ख्याल मतदाता सूची पर
रखे हमारी राय@MediaCellSP@yadavakhilesh जी
मेरा निलंबन सरकार की मनमानी है, मेरे और मेरे परिवार को जान का आज खतरा बना हुआ है। दो कानून चल रहे है महाराष्ट्र में, अगर महाराष्ट्र में लोकतंत्र ख़त्म हो चूका है तो सरकार जनता के साथ और जनता के चुने हुए प्रतिनिधि के साथ कुछ भी कर सकती है।
#Maharashtra#AbuAsimAzmi#Aurangzeb #SamajwadiParty #AkhileshYadav #BudgetSession2025 #suspension #HatePolitics
तुम नीच पाखंडियों से अगर हमें श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव जी के बारे में सीखने का मौका मिलेगा तो इससे बड़ा दुर्भाग्य हमारे लिए कुछ भी नहीं हो सकता अर्थात हमारी सारी पढ़ाई लिखाई बर्बाद हो जाएगी,😂
मुलायम सिंह यादव ने देश को वो चीजें दीं जिसका तुम पाखंडियों जातिवादियों को ज्ञान ही नहीं होगा, क्योंकि तुम अनपढ़, गवार, चरसी और जातिवादी हो,
अगर मुलायम सिंह यादव ना होते तो न तो देश का मिसाइल कार्यक्रम कलाम साहब के सफल नेतृत्व में आगे बढ़ पाता और नांहीं मिसाइल मैन कलाम साहब देश के राष्ट्रपति बन पाते,
सीधे कहिए तो देश का मिसाइल कार्यक्रम मुलायम सिंह यादव की वजह से ही बढ़ पाया, यह बात जाननी चाहिए कि कलाम साहब पहले पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव के सलाहकार भी थे,
कलाम साहब को जो कुछ भी थोड़ी बहुत हिंदी आती थी वह मुलायम सिंह यादव ने ही सिखाई थी, यह बात देश के मिसाइल मैन Abdul कलाम साहब ने सैफई में एक रैली के दौरान खुद ही स्वीकार की थी,
यह बात बहुत कम लोगों को पता होगा कि भारत अमेरिका न्यूक्लियर डील को लेकर के जो सपा का हृदय परिवर्तन हुआ उसके पीछे भी कलाम और मुलायम सिंह जी की मित्रता थी,
2008 में मनमोहन सिंह जी की सरकार इस मुद्दे पर पैदा हुए गतिरोध को दूर करने के लिए जी जान से लगी हुई थी, तभी मनमोहन सिंह साहब को कलाम साहब का ख्याल आया, उन्होंने कलाम साहब से रास्ता निकालने को कहा,
फिर क्या था कलाम साहब ने मुलायम सिंह जी को बुलाया और कहा "डील भारत के हित में है" मुलायम सिंह यादव ने मित्र की बात मानी वह तत्काल सहमती हो गई और सरकार की मुश्किलें खत्म हो गईं,
धरतीपुत्र नेताजी अमर रहें, ♥️🙏
बीते कुछ दिन पहले मथुरा से दलित बेटियों की बारात वापस लौट जाने का मामला हमारे पास आया था, जिसकी जानकारी घटना में सम्मिलित युवकों ने हमारी जन-संपर्क यात्रा के दौरान आकर दी थी, मैंने घटना की सूचना प्राप्त होने के बाद उन युवकों को पनाह देना ज़रूरी नहीं समझा था और अपनी टीम से तुरंत कहा कि थाने में फ़ोन करके इन युवकों से अगर गलती हुई है तो गिरफ़्तारी होनी भी ज़रूरी है, माँ-बहन-बेटियों के मसले में हम जाति-धर्म नहीं देखेंगे।
मुझे बहुत लोगो ने ट्रोल किया कि इस मामले पर गगन यादव क्यों शांत है? लेकिन मैंने उस दौरान सोशल मीडिया पर जवाब देना उचित नहीं समझा था।
मैंने अपनी सामाजिक भूमिका को निष्पक्ष रखा था और अब मैं कहता हूँ की उन बहनों की शादी होली के बाद सम्मान के साथ हम करवायेंगे लेकिन भाई चंद्रशेखर (रावण) को अहीर रेजिमेंट का बोर्ड स्वयं अपने हाथों से लगाने मथुरा आना पड़ेगा।
जब लड़ाई दो समाज के बीच की हैं तो इसका समाधान भी दोनों समाज ही बैठकर निकालेंगे।
@BhimArmyChief@iro_india@mathurapolice
एक वफ़ादार सिपाही हमारे नेता जनाब आजम खान साहब के साथ सुख दुख में साथ खड़ा होने वाले हमारे बड़े भाई @rajatrampur22 भाई जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं आप दीर्घायु रहे स्वस्थ रहे मस्त रहे ऐसी हमारी दुआएं है #मोहित खान अंबेडकर नगर
अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री थे,
तब उन्होंने बिना भेदभाव के सरकार चलाई,
सभी जिलों में DM, SP हर जाति, धर्म के अधिकारियों को बनाया,
एक्सप्रेस वे, स्टेडियम, सड़कें, हॉस्पिटल मेट्रो बनवाए,
लैपटॉप बाँटे, छात्रों की जात नहीं देखी,
तीर्थ यात्रा के लिए मुफ्त ट्रेनें चलवाई,
किसी भी सवर्ण समाज के व्यक्ति से बात करिए,
@yadavakhilesh के कार्य की तारीफ करेगा,
लेकिन सवर्ण समाज के लोग अखिलेश यादव को वोट नहीं देंगे,
क्योंकि वो पिछड़ी जात से हैं,
उनके अंदर भावना होती है कि,
कोई हमसे छोटी जात का आदमी हमसे बड़ी कुर्सी पर कैसे बैठ सकता है,
महाकुंभ ख़त्म होने को आया लेकिन दो महीने से काम करनेवाले सफ़ाईकर्मी को वेतन न मिलना बदइंतज़ामी का एक और सबूत है।
सवाल ये है कि उप्र भाजपा सरकार ने महाकुंभ से जो अरबों कमाये हैं वो कहाँ गये?
उनसब का बहोत शुक्रिया जिन चाहने वालों ने दुआएँ खैर करि है और तमाम चाहने वालों का जिन्होंने हर पल याद रखा है.बेशक देर है पर खैर है @AbdullahAzamMLA भाई।
#जनाबआजमखानसाहब@yadavakhilesh जी
सरकार कुंभ को "दिव्य और भव्य" बनाने का दावा कर रही है, लेकिन इस भव्यता की बुनियाद जिन सफाईकर्मियों के खून-पसीने पर खड़ी है, उन्हें अमानवीय हालात में धकेल दिया गया है। ₹10,000 की मामूली मजदूरी में 16-17 घंटे तक काम कराने के बाद इन्हें शौचालयों के पास बदबूदार टेंटों में रहने पर मजबूर किया जा रहा है। यह विकास नहीं, श्रमिकों की संगठित गुलामी है!
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, कुंभ को ‘दिव्य’ बनाने से पहले सफाईकर्मियों को इंसान तो समझ लेते, उनके श्रम का सम्मान करते। इसके बिना यह तथाकथित ‘भव्यता’ महज़ सत्ता का ढोंग और मेहनतकशों की बर्बादी का महोत्सव भर है!
@Prabhat93829767 मजदूर के बच्चे हैं वह अपना पसीना बहा कर मैदान मार रहे हैं आपको दर्द नहीं होना चाहिए, क्रीमी लेयर तो लागू है मजबूत होते ही बाहर हो जाएंगे तुम कहां टेंशन ले रहेहो
मैं तो पहले से ही कहता आ रहा हूं यादवों से जलन नहीं बल्कि उनके साथ मिलकर बिना शर्म के मेहनत करो,
जो मेहनत करेगा उसको कोई बांधा नहीं रोक सकती,
अब आप ही देख लो योगी जी के कार्यकाल में 18 में 11 यादव सलेक्ट हो गये, हां यह बात बिल्कुल सही है कि आज अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होते तो बीजेपी वाले तबला बजा बजा कर झूठा यादव वाद का आरोप लगा कर अन्य पिछड़े भाईयों के दिल और दिमाग में यादवों लिए राजनीतिक खांई पैदा कर दिए होते ??