@SEVA_NBPDCL शिकायत नंबर है जो 1912 के माध्यम से मिला है NSU07082603871. जल्दी समाधान करे। आज इस मौसम में बिना ज्यादा गर्मी , आंधी तूफान बिना किसी पूर्व जानकारी के 9 घंटे से ज्यादा बिजली गायब है । जल्द समाधान दे।
"क्यों नहीं इन्होंने (कांग्रेस) 70 सालों तक पेपर लीक पर एक भी कानून बनाया? क्योंकि ये उससे पैसा कमाते थे...": प्रदीप भंडारी, भाजपा प्रवक्ता
"दुर्भाग्य यह है कि 2014 में हमारी सरकार चली गई। NTA का गठन 2017 में हुआ। NTA में जो भी लोग आए, वे RSS से आए": आलोक शर्मा, कांग्रेस प्रवक्ता
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बिल्कुल इंदिरा गांधी ने भी सोना कम खरीदने की सलाह दी थी, लाल बहादुर शास्त्री ने भी सोना कम खरीदने की सलाह दी थी और चिदंबरम ने भी। लेकिन उस दौर से इस दौर की तुलना करने से पहले इसे ध्यान रखिए।
1- 1960 के दशक में भारत ने 1962, 1965, 1971 में दस वर्ष के भीतर तीन युद्ध लड़े थे(दो पाकिस्तान से और एक चीन से)
२- 1967 में देश में भीषण अकाल भी आया था जब प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने जनता से अपील की थी कि हम एक वक्त का खाना कम खाएंगे लेकिन देश के स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं करेंगे, अमरीका के सामने नहीं झुकेंगे।
३- 1973 में मिडिल ईस्ट क्राइसिस भी आया था जिसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा तेल संकट माना जाता है।
४- लेकिन इतना संकट के बावजूद सिर्फ सोना कम इस्तेमाल करने का अपील किया गया बाकी किसी अन्य वस्तु जैसे खाद या किसी अन्य चीज कम इस्तेमाल के लिए नहीं।
५- सब जानते है कि उस दौर में हमारा देश एक गरीब देश था लेकिन आज तो भारत विष शक्ति है न ? या तो मोदी जी स्वीकार करें कि अब भारत विश्व शक्ति नहीं रहा या फिर ये स्वीकार करें कि भारत एक बार फिर से उसी गरीबी और अकाल वाले दौर में पहुंच गया है जिस अकाल, युद्ध और गरीबी वाले दौर में 1960 के दशक में था।
६- चिदंबरम ने सोना कम इस्तेमाल करने को तब कहा था जब 2006 से 2013 के दौरान हर साल सोने का दाम दो गुना हो रहा था और लोग भरी मात्र में सोना खरीद रहे थे। जिस सोने की कीमत वर्ष 2006 में पांच हजार थी उसकी कीमत 2012 में 35 हजार हो चुकी थी। और चिदंबरम ने ही सिर्फ सोना कम खरीदने की अपील नहीं किया था बल्कि उस दौर के इन्वेस्टर भी लोगों से अपील कर रहे थे कि इतना सोना मत खरीदिए। उस दौर में सरकार सिर्फ कम सोना खरीदने की अपील लोगों से नहीं की बल्कि सोने के भाव कंट्रोल करने के लिए खुद रबी ने अरबों रुपए का सोना IMF से खरीदा ताकि बढ़ने सोने के दाम पर लगाम लगे और लोग सोना में इन्वेस्ट कम करें।
7- 1990 के दशक में जब कम सोना इस्तेमाल करने के लिए अपील किया गया था तब सरकार ने खुलेआम स्वीकार किया था कि देश आर्थिक संकट में है। आज तो सरकार विकास का भी दावा कर रही है और भीख भी मांग रही है।
8- और सबसे बड़ी बात जब 1960 के दशक में कांग्रेस सरकार ने सोने की खरीद पर अंकुश लगाने का प्रयास किया था तब कांग्रेस के कई नेताओं ने कांग्रेस सरकार के फैसले का विरोध किया था, क्या आज बीजेपी के किसी भी नेता में हिम्मत है कि वो मोदी सरकार के इस फैसले के खिलाफ चू शब्द भी बोल दे?
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