यह दीपांशु शोकीन का पीढ़ियों तक याद रहने वाला राजनीतिक चूक थी कि उन्होंने DUSU अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ा।
सूत्रों के मुताबिक, NSUI नेतृत्व की ओर से उन्हें अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव भी दिया गया था।
विशेष तुम तो सच में विशेष निकले भाई। 🔥
मात्र 129 वोट
मात्र 129 वोट
मात्र 129 वोट
यकीन नहीं हो रहा है कि इतने करीब आकर लास्ट राउंड में सिर्फ और सिर्फ 129 वोटों से विशेष यादव को हरा दिया गया।
सामने ABVP के लक्ष्यराज सिंह थे तो 129 वोटों से हारना तो बनता ही था।
कोई बात नहीं विशेष यादव आपने वहां इतनी तगड़ी लड़ाई लड़ी है जहां आपके हाथ से सबकुछ फिसल गया था लेकिन फिर भी अपना तगड़ा छाप छोड़ गए।
शानदार चुनाव लड़ा है आपने, बस जातीय राजनीति थोड़ी भारी पड़ गई।
साथियों, विजय शंकर मीणा को हराया गया है...🙏🏻😭
राजस्थान के छोटे से गाँव गरीब परिवार से निकलकर राजस्थान के लड़के ने खूब संघर्ष किया और सबका दिल जीता। 🙏🏻💝
जिस प्रकार अनिल चोपड़ा को जयपुर ग्रामीण से हरवाया गया उसी प्रकार DU में धांधली करके NSUI को हराया गया! वोट चोरों ने
@nsui@SachinPilot #vijayshankarmeena
हार जीत होती रहती है, लेकिन विजय शंकर मीणा का संघर्ष काबिले तारीफ था।
गरीब किसान का बेटा दिल्ली विश्वविद्यालय में चुनाव लड़ा है यही बहुत बड़ी बात है।
NSUI ने विजयशंकर मीणा टिकट दिया, कुछ जातिवादी मानसिकता के लोगों को ये हजम नहीं हो रहा था।
NSUI में रहते हुए संगठन के साथ गद्दारी करने वाले लोगों की वजह से विजय शंकर चुनाव नहीं जीत पाया।
#DelhiUniversity #DUSU
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ जी ने वीडियो जारी किया....
दिल्ली यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन पूरी तरीके से ABVP के समर्थन में चुनाव जीतने के लिए उतर चुका है और पूरी धांधली कर रहा है।
@SachinPilot@VinodJakharIN
जीता हुआ चुनाव सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन ने मिलकर हरा दिया।
पहले फोन आया, फिर काउंटिंग रोकी गई, फिर वीसी आए और उसके बाद शुरू हुआ हरवाने का खेल। अब सबको पता है कि किसका फोन आया होगा।
विनोद जाखड़ ने जो मेहनत की, उसकी जितनी तारीफ़ की जाए उतनी कम है। यह हार नहीं, जीत है
चलती हूँ दिमाग ख़राब
अब कल परीक्षा(थानेदार) के लिए करेंट अफेयर्स पढ़ने का मन था लेकिन...
दिल्ली वालों ने दिल तोड़ दिया 💔
बधाई जिनका कंडीडेट जीता उनको...
लेकिन चर्चे तो विजय के होंगे...
विजय शंकर मीणा बढ़त बनाए हुए थे, तभी मतगणना रोक दी गई।
इसके बाद DU के कुलपति स्वयं काउंटिंग सेंटर पहुँचे और फिर गिनती दोबारा शुरू हुई। इसके बाद विजय शंकर मीणा की बढ़त खत्म हो गई।
BJP ने अपनी सत्ता और ताकत का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।
#dusu
ना पैसा था, ना पावर थी,
बस संघर्ष था और मेहनत पर विश्वास था।
गरीब घर का बेटा हूँ,
लेकिन साथ देने वालों का प्यार और भरोसा जबरदस्त था।
आज दिल्ली विश्वविद्यालय ने देख लिया—
मेहनत और संघर्ष से बड़ी कोई ताकत नहीं होती। ✊
विजय शंकर मीणा
दिल्ली विश्वविद्यालय
#NSUI#DUSU
बीजेपी और प्रशासन ने मिलकर DUSU चुनाव में खेला कर दिया है अब भारत में दुसरी पार्टीयों का चुनाव जीतना अब बहुत मुश्किल हैं।
विजय शंकर मीणा की जीत पक्की थी।
#DUSU
विजय शंकर मीणा तो राजस्थान में नेता बन जायेगा,
लेकिन वो लोग कहाँ जायेगें जो NSUI संगठन में रहने के बावजूद समाज का कार्ड खेल रहे थे?
उनका क्या होगा?
विनोद जाखड़ का संघर्ष काबिले तारीफ था, अकेला किस किस से लडता।