@aajtak@jayantrld@yadavakhilesh इन दोनों के लिखने से कुछ नहीं होगा पटकथा जनता लिखति है। लेकिन एक बात है जन्यत के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। केवल 50 प्रतिशत किसान (जाट) और मुसलमान इनको मन्ज़िल तक नहीं ले जा सकते।
@BBCHindi ये उन्हें लगता है जो सत्ता पाने में असमर्थ है। अभी कुछ दिन पहले ममता बनर्जी भी यही कह रही थी अब लोकतन्त्र की वजह से सीट हारने की बावजूद भी मुख्यमंत्री हैं।
@BBCHindi अ��्ल से नीचे अक्तर तुझे देवता और राक्षसों में भेद नहीं दिखाई देता है आर एस एस है देवताओं की संस्था और संस्कृति और तालिबान है राक्षसों की जमात और संस्कृति। पर तेरी अक्ल पर पत्थर पड़ा है
@ajitanjum ये ही नहीं जनाब मुस्लिम नाई, धोबी, मिस्त्री (मोटरसाईकिल, एसी, फिर्ज आदि) और फिल्म वालों मुस्लिम यदि हिन्दू सहयोग न करें ये सब भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे।