पद और सत्ता अस्थायी हैं, लेकिन समाज के लिए किया गया संघर्ष अमर रहता है.! इतिहास यह नहीं देखता कि कौन जीता और कौन हारा, बल्कि यह देखता है कि किसने किस उद्देश्य के लिए संघर्ष किया.! बाबा को हमेशा उस “बाग़ी जननायक” के रूप में याद किया जाएगा; जो अपनी ही सरकारों से भिड़ जाता था.!
मैं मौसम नही हूँ जो पल में बदल जाऊँ,
मैं इस जमीन से दूर कहीं और ही निकल जाऊँ,
मैं उस पुराने जमाने का सिक्का हूँ मुझे फेंक न देना,
हो सकता है बुरे दिनों में मैं ही चल जाऊँ।
चौकने रहो , सरकार को जगाते रहो
ना रुकेंगे, ना थकेंगे
उम्र भले ही 74 पार है लेकिन जोश आज भी 21 वाला है
बाबा तो वसुंधरा जी के सामने नहीं झुके
भजनलाल जी तो नए खिलाड़ी है 😀👍🙏