3 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत MGGS eng medium schools के प्रधानाचार्यों / शिक्षकों को भी वापस हिंदी माध्यम स्कूल में( पुर्व पदस्थापन) भेजा जा रहा है।माननीय मंत्री महोदय से निवेदन है कि उनसे भी विकल्प माँग जाए ।@madandilawar
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ एवं मीडिया में पे प्रोटेक्शन मुद्दा उठने पर पर निदेशक महोदय ने मांगा मार्गदर्शन-आभार निदेशक महोदय- विपिन प्रकाश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
🛑 *"तृतीय श्रेणी शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, उनके वेतन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!" - विपिन प्रकाश शर्मा* 🛑पे-प्रोटेक्शन..शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे!..महेंद्र पाण्डे....राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात..
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा एवं सभाध्यक्ष शशि भूषण शर्मा ने शिक्षकों की समस्याओं. पे-प्रोटेक्शन एवं टेट कीअनिवार्यता,शिक्षक स्थानांतरण, स्टाफिंग पैटर्न आदि से अवगत कराया..समाधान के लिए आश्वस्त किया
पे प्रोटेक्शन रिकवरी मुद्दे को विभाग से हल करवाने का प्रयास है।
कुछ लोग इसके नाम पर शिक्षकों, व्याख्याताओं व अन्य सेवा के कर्मचारियों अधिकारियों से चंदा उगाही कर रहे हैं ऐसा व्हाट्सअप ग्रुप्स में देखने में आया है।
ऐसे लोगों से दूर रहें।
विभाग स्तर पर इसका हल होने की उम्मीद ओर विश्वास है।
पे प्रोटेक्शन रिकवरी मामले में संगठन स्तर पर उचित प्रयास जारी है उम्मीद ओर विश्वास है कि एक भी साथी जिसमें व्याख्याता सहित तृतीय श्रेणी से आए हुए की वेतन रिकवरी नहीं होने दी जाएगी।
एक रहे मजबूत रहे संगठित रहे।
जय रेसला
🛑 *"तृतीय श्रेणी शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, उनके वेतन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!" - विपिन प्रकाश शर्मा* 🛑पे-प्रोटेक्शन..शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात हम किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे!.. राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
🛑 *"तृतीय श्रेणी शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, उनके वेतन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!" - विपिन प्रकाश शर्मा* 🛑पे-प्रोटेक्शन..शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात हम किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे!.. राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
साथियों,
पे प्रोटेक्शन रिकवरी मुद्दे पर शुक्रवार को संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक महोदय व वित्तीय सलाहकार से वार्ता की थी उसी क्रम में आज पुनः वित्तीय सलाहकार से मिलकर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत करवाया ओर शुक्रवार की वार्ता के क्रम में वित्त विभाग से स्पष्टीकरण मांगने हेतु पत्र लिखने हेतु पक्ष रखा।
अधिकारियों ने संगठन को पूर्ण आश्वस्त किया है कि आजकल में ही वित्त विभाग को पत्र लिख दिया जाएगा साथ ही स्पष्टीकरण आने तक फील्ड में किए जा रहे रिकवरी आदेश रुकवा दिए जाएंगे।
सभी प्रभावित व्याख्याता, प्राचार्य सहित अन्य अधिकारी निश्चित रहें संगठन लगातार पैरवी कर रहा है।
जय संगठन जय रेसला
सादर गिरधारी गोदारा प्रदेश अध्यक्ष रेसला
डबल इंजन सरकार में ठगा महसूस कर रहा है कर्मचारी
छः महीने से कर्मचारियों को नहीं मिल रहा जीपीएफ ,एस आई,पीएल तथा सेवानिवृत्ति का पैसा कर्मचारी हो रहें हैं परेशान- सरकार शीघ्र करें वित्तिय प्रावधान..विपिन प्रकाश शर्मा,
प्रदेश महामंत्री
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ
🛑 *"तृतीय श्रेणी शिक्षक राज्य सरकार के कर्मचारी हैं, उनके वेतन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं!" - विपिन प्रकाश शर्मा* 🛑पे-प्रोटेक्शन..शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात हम किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे!.. राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
साथियों,
आज पे प्रोटेक्शन के मुद्दे को लेकर रेसला प्रदेश अध्यक्ष गिरधारी जी गोदारा के नेतृत्व संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने माननीय निदेशक महोदय जी वार्ता की,
निदेशक महोदय जी वित्तीय सलाहकार को वार्ता में ही बुलाकर पुरा पक्ष सुनकर इस मामले में फील्ड में किए जा रहे रिकवरी आदेश एक बार होल्ड करवाकर वित्त विभाग से स्पष्टीकरण मांगने का भरोसा दिया।
साथियों, सगंठन स्तर पर पूरा प्रयास है इस मामले में अच्छा प्रयास रहेगा।
इस दौरान जिला मंत्री गणेश चौधरी, देवेंद्र राहड़, लक्ष्मण गोदारा, मानक कड़वासरा सहित अन्य साथी उपस्थित रहे।
जय संगठन जय रेसला
सादर गणेश चौधरी जिला मंत्री रेसला बीकानेर
पे प्रोटेक्शन रिकवरी मामले में आज अधिकारियों से वार्ता कर पक्ष रखा।
निदेशक महोदय के आने के बाद पुनः उनसे वार्ता की जाएगी।
यदि बात नहीं बनती है तो सभी आंदोलन के लिए तैयार रहे।
शिक्षकों को सरकार द्वारा किसी न किसी गलत आदेश द्वारा आंदोलन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
मजबूत रहे एक रहे।
लड़ेंगे और जीतेंगे।।
जय रेसला
सादर गिरधारी गोदारा प्रदेश अध्यक्ष रेसला
एक सरकारी सर्कुलर से हड़कंप...
राजस्थान सरकार के वित्त विभाग ने 2 जून को एक आदेश जारी किया गया है जिसमें कि तृतीय श्रेणी अध्यापकों को राज्य सरकार का कर्मचारी ना मानकर नहीं माना गया है और ऐसे जितने भी कर्मचारी अन्य उच्च पदों पर सीधी भर्ती से नियुक्त हुए हैं और पे प्रोटेक्शन का लाभ लिया है उनके वेतन नियतन पुनः कर अधिक भुगतान वसूली के आदेश जारी करने की तैयारी की जा रही है।
इस परिपत्र के अनुसार राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों/ स्वायत्तशासी संस्थाओं/ स्थानीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं के कार्मिक राज्य सरकार के कर्मचारी नहीं हैं, अतः ऐसे कार्मिक यदि सीधी भर्ती के माध्यम से राजकीय सेवा में नियुक्त होते हैं तो उन्हें राजस्थान सेवा नियम, 1951 के नियम 24 एवं 26 के अंतर्गत पूर्व पद का वेतन संरक्षण(Pay-protection) देय नहीं होगा।
जिसके आधार पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों द्वारा कार्यालय स्तर पर कमेटियों का गठन करके सेवा-पुस्तिकाओं का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जिनमें ऐसे कार्मिक जो पूर्व में अध्यापक तृतीय श्रेणी में थे अथवा अन्य विभाग से अध्यापक तृतीय श्रेणी पर नियुक्त हुए, की सेवा-पुस्तिकाओं में वेतन-संरक्षण(Pay-protection) को त्रुटिपूर्ण और नियम विरुद्ध बताया जा रहा है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के दिनांक 14/3/11 के परिपत्र के प्रारंभिक शिक्षा, स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन है एवं तृतीय श्रेणी अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया के अतिरिक्त समस्त सेवा प्रकरण पैतृक विभाग अर्थात स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संपादित किए जाने हैं। अतः जिन अध्यापकों की नियुक्ति जिला परिषद/ पंचायत समिति के माध्यम से तृतीय श्रेणी अध्यापक के रूप में हुई थी तथा वर्तमान में उनका पैतृक विभाग शिक्षा विभाग ही है।
उल्लेखनीय है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी एक प्रकरण में निर्णय दिया है जिसमें पंचायती राज संस्थानों के सभी कार्मिकों को राज्य सरकार के कार्मिक माना गया है, ऐसी स्थिति में यदि किसी प्रकार की वसूली के आदेश होते हैं तो सारे शिक्षक आंदोलन की राह पर जाएंगे।
आग्रह है इस आदेश को वापस लिया जाए।
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