लोकसभा सदस्य और पूर्व डीजीपी हरिश्चंद्र मीना राजस्थान की राजनीति के उन विरल नेताओं में हैं जिनकी पहचान शालीनता, गंभीरता और संयमित भाषा से बनी है। वे अपनी बात बेबाकी से कहते हैं, लेकिन उनकी बेबाकी को अभद्रता समझ लेना या जान-बूझकर वैसा प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
हाल में यह प्रचार किया गया कि उन्होंने पंचना बांध के पानी के मुद्दे पर खण्डीप गाँव में चल रहे आंदोलन के दौरान कोई अशालीन और आपत्तिजनक टिप्पणी की है। स्वाभाविक रूप से यह सुनकर हैरानी हुई, क्योंकि उनका सार्वजनिक व्यवहार ऐसी भाषा से मेल नहीं खाता। उनके वीडियो खंगाले।
पूरे प्रसंग को समझने पर स्पष्ट होता है कि उन्होंने कोई गाली, अश्लील टिप्पणी या किसी व्यक्ति का अपमान नहीं किया। उन्होंने केवल यह कहा कि हम पंचना बांध से अपने हिस्से का पानी लेकर रहेंगे। इसी बात को दृढ़ता से व्यक्त करने के लिए उन्होंने राजस्थान के लोकजीवन में प्रचलित एक पुरानी कहावत का प्रयोग किया, “बकरी सीधे दूध दे दे तो ठीक, नहीं तो मींगणियां मिलाकर देगी।”
इस कहावत का अर्थ अश्लील नहीं, बिल्कुल व्यावहारिक है। इसका आशय है कि कोई काम सहजता और सहमति से हो जाए तो अच्छा है; अन्यथा परिस्थितियां ऐसी बनेंगी कि वही काम कठिनाई, संघर्ष या दबाव के बाद करना पड़ेगा। राजस्थान के गांवों, खेत-खलिहानों और पशुपालक समाज में ऐसी कहावतें सामान्य बोलचाल का हिस्सा रही हैं। इनमें लोकजीवन के अनुभव, व्यंग्य और चेतावनी; तीनों समाहित होते हैं। यह एक शक्तिशाली भाषा का नमूना है।
लेकिन जो इसे अश्लील बता रहे हैं, वे बकरी पालन से भी वाक़िफ़ नहीं हैं। बकरी कई बार दूध नहीं देती; आदमी बहुत कोशिश कर लेता है; लेकिन एक मौक़ा ऐसा ऐसा आता है, जब बकरी के थनों में इतना दूध आ जाता है कि वह मिमियाने लगती है और तब एक तरफ़ दूध निकलता है और दूसरी तरफ़ वह प्रेशर में मेंगनियाँ करने लगती है तो मेंगनिया दूध में भी गिर जाती हैं।
किसी लोकप्रचलित कहावत को उसके सांस्कृतिक संदर्भ से काटकर अभद्र घोषित करना भाषायी अज्ञान भी है और राजनीतिक दुर्भावना भी। भाषा केवल शब्दकोश से नहीं समझी जाती; उसे समाज, भूगोल, परंपरा और लोक-स्मृति के भीतर पढ़ना पड़ता है। जो लोग इस कहावत को अश्लील बता रहे हैं, वे या तो राजस्थान के लोकसमाज और उसकी बोली से अपरिचित हैं, या फिर परिचित होते हुए भी राजनीतिक लाभ के लिए अर्थ का अनर्थ कर रहे हैं।
वास्तविक मुद्दा हरिश्चंद्र मीना की भाषा नहीं, पंचना बांध का पानी है। बहस इस पर होनी चाहिए कि पानी पर किन क्षेत्रों का अधिकार है, उसका न्यायपूर्ण वितरण कैसे होगा और वर्षों से लंबित समस्या का समाधान क्या है। लेकिन जब मूल प्रश्न से बचना हो, तब एक लोककहावत को विवाद में बदल देना सबसे आसान राजनीतिक हथकंडा होता है।
हरिश्चंद्र मीना ने कोई अशालीन टिप्पणी नहीं की; उन्होंने राजस्थान की लोकभाषा में एक दृढ़ राजनीतिक संकल्प व्यक्त किया है। लोकभाषा को अपराध की तरह प्रस्तुत करने वाले दरअसल उस राजस्थान से कटे हुए हैं, जिसके नाम पर वे राजनीति करना चाहते हैं।@HC_meenaMP
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#ChhatronKiGoonj
आज मनोहरपुर,महुवा पहुंचकर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री किरोड़ीलाल जी मीना के छोटे भाई श्री जगमोहन जी मीना की धर्मपत्नी स्व.श्रीमती साबुती देवी जी के तीये की बैठक में सम्मिलित होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
@DrKirodilalBJP
“सिर्फ़ भारतीय नाविकों पर हमला हो रहा है… हम तो सैनिक नहीं हैं, Seafarers हैं हमको क्यों मार रहे हो भाई…”
ईरान में भारतीय नाविकों की परेशानी भरी पुकार, उनका कहना है कि U.S. जानबूझकर उन जहाज़ों पर हमला कर रहा है जिनमें भारतीय सवार हैं
वीडियो @vijaita
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं।
Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।
जयपुर के कनौता स्थित जयपुर बायो फर्टिलाइजर्स में किसानों के हितों से खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। जांच में भ्रामक लेबलिंग, गलत वैधता अवधि, अनियमित भंडारण एवं मानकों के विपरीत जैविक उर्वरक निर्माण जैसी गंभीर अनियमितताएं मिली हैं।
कल दिनांक 12 जून 2026,शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र के गंगापुर सिटी विधानसभा के दौरे पर रहूंगा जहां ग्राम खंडीप में आयोजित किसान महापंचायत में सम्मिलित होकर किसान भाइयों से संवाद करूंगा।
आप सभी की उपस्थिति सादर अपेक्षित है।
@INCIndia@INCRajasthan
India has also become a Land of Hypocrites .
Do listen !
What is the rationale behind holding a badminton tournament in London when the Govt expected citizens to follow austerity measures?
सार्थक 18 साल का है - पर सोच, साहस और सिद्धांत में किसी से कम नहीं।
उसने और उसके साथी निसर्ग ने वो कर दिखाया जो देश के बड़े मीडिया हाउस, खोजी पत्रकार नहीं कर पाए - CBSE और COEMPT की मिलीभगत को देश के सामने रख दिया।
मोदी जी चाहते हैं हमारे युवा reels बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें, सवाल न पूछें, आँखें न खोलें। पर इन बच्चों ने सवाल भी पूछे। और जवाब भी ढूँढ निकाले।
देश का 18 साल का बच्चा CBI से तेज़ निकला - नौजवानों की ये जीत सही मायने में सरकार की हार है।
यही है भारत की असली युवा शक्ति - जिज्ञासु, जागरूक, जानकार। और याद रखिए, देश का भविष्य किसी बहकावे में नहीं आएगा।
PM @narendramodi जी,
INS Baaz, UPA सरकार में स्थापित किया गया नौसैनिक अड्डा, पिछले पाँच साल से विस्तार की माँग कर रहा है। मगर, सरकार ने नौसेना की बात अनसुनी कर दी।
अगर आप Great Nicobar project को देश की सुरक्षा से जोड़ते हैं तो आज ही INS Baaz का विस्तार कीजिए। मैं पूरी तरह समर्थन में हूं और पूरा विपक्ष आपके साथ है।
INS Baaz तट पर है - इसके लिए न 1.5 करोड़ पेड़ काटने की ज़रूरत है, न जनजातियों को विस्थापित करने की।
पर सच्चाई यह है - यह project देश की सुरक्षा के लिए नहीं है। यह project है हमारे देश की सबसे अनमोल ज़मीन को एक व्यापारी के हाथों सौंपने के लिए। और हमेशा की तरह इसके लिए भी सेना के नाम का सहारा लिया जा रहा है।
@narendramodi जी - देश की रक्षा सेना करती है। होटल और casino नहीं।
https://t.co/Cihlf8gfXh
ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट- देश का सबसे बड़ा स्कैम है। हमें मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठानी है।
नरेंद्र मोदी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में विकास के बहाने विनाश करने से रोकना है।
#GreenOverGreed
We cannot sit quietly as 1.5 crore trees are cut down, thousands of tribals lose their lands, and land many times the size of Delhi is handed over to Adani for casinos, resorts and blatant exploitation.
I have signed the #GreenOverGreed petition to protect the pristine Great Nicobar Island.
I stand with @RahulGandhi ji in this mission to protect our biodiversity and environment, we will not let India’s natural heritage be sacrificed for Adani’s business interests.
I urge everyone to join this movement and challenge this takeover.
https://t.co/bwt6v1u1hB
#NicobarMatters
राहुल गांधी भी कम दिलचस्प आदमी नहीं हैं।
राजनीति में बहुत शोर हो जाए तो समुद्र में डीप डाइव लगा लेते हैं; वापस लौटते हैं तो लोकतंत्र, संविधान और बेरोज़गारी की चिंता शुरू कर देते हैं। फिर कुछ दिन किसी गुफा, जंगल, खेत या पहाड़ की ओर निकल जाते हैं; लौटकर संसद में कोई तीखा सवाल कर देते हैं। कभी ट्रक ड्राइवरों के साथ, कभी मैकेनिकों के बीच, कभी ऑटो वालों के साथ बैठ जाते हैं।
उनकी राजनीति का कैलेंडर शायद दिल्ली के वातानुकूलित कमरों में नहीं, रास्तों, यात्राओं और अचानक लिए गए विरामों में बनता है। आलोचक इसे अस्थिरता कहेंगे, समर्थक सहजता; लेकिन इतना तय है कि यह आदमी राजनीति को केवल मंच और माइक्रोफ़ोन पर नहीं जीता। बीच-बीच में वह सत्ता की गंभीरता को जीवन की थोड़ी-सी मस्ती, जिज्ञासा और मानवीयता से काट देता है और शायद यही बात उसे बाकी नेताओं से अलग भी बनाती है।
@RahulGandhi
I visited the southernmost tip of India.
I stood at Indira Point. I walked under trees that have stood for centuries. I dove into coral reefs among the most vibrant on earth.
And I sat with the people who live there. Tribal communities, whose land is being taken away by violating the Forest Rights Act. Settlers, many of them former soldiers, placed on these islands by the Indian government, who aren’t getting fair compensation.
The Modi government and BJP tells you Great Nicobar Project is about defence. It is not.
Expand INS Baaz - we will back the government fully. The Navy has been asking for expansion for five years - it has been ignored.
They tell you it is about a transhipment port. It is not. India is already building one in Kerala, which is on the mainland.
What it actually is: 1.5 crore trees felled. Coral reefs erased from official maps. Soldiers and tribals displaced - so one businessman can build hotels and casinos on India’s most irreplaceable ecological land.
Every young Indian I have spoken to understands this. You know that no amount of profit is worth destroying what can never be recovered.
I stand for ecologically balanced development. These islands can be the most extraordinary sustainable destination the world has ever seen. That is the India worth fighting for.
#GreenOverGreed
#NicobarMatters
#WorldEnvironmentDay