देश में जाति के आधार पर सदियों से तोड़े व पछाड़े गये ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं अन्य कमज़ोर तबक़ों आदि को उनके वोट की ताक़त के माध्यम से सत्ता की मास्टर चाबी देकर उन्हें शोषित से शासक वर्ग बनाने हेतु इनके मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के रुके एवं बिखरे हुये कारवाँ को आगे मंज़िल तक पहुँचाने के लिये बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर बी.एस.पी. परिवार की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित।
मान्यवर श्री कांशीराम जी के मिशनरी संकल्प का ही यह सुखद परिणाम था कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल व महत्वपूर्ण राज्य में मेरे नेतृत्व में बी.एस.पी. की चार बार सरकार बनी और इसके माध्यम से ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ के ऐतिहासिक कार्य करके ’बहुजन समाज’ में समय-समय पर जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासकर महात्मा ज्योतिबा फुले, श्री नारायणा गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर आदि के समता व समानता के हक़ के लिये उनके अतुलनीय संघर्ष व बहुमूल्य योगदान को ज़मीनी स्तर पर उतारकर संविधान के पवित्र मंशा की पूर्ति की गयी।
यही नहीं बल्कि इन महापुरुषों की प्रेरणा से, यूपी में सर्वसमाज के हित में अपराध नियंत्रण व क़ानून व्यवस्था के मामलों में क़ानून द्वारा क़ानून का राज क़ायम करके तथा जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी, बेहतरीन सरकार देकर मान्यवर श्री कांशीराम जी को सच्ची श्रद्धांजलि व श्रद्धा-सुमन अर्पित किया गया।
1. यूपी के ज़िला रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आज़म ख़ान के पारिवारिक ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद अली जौहर के नाम पर स्थापित यूनिवर्सिटी की 38 शिक्षण इमारतों को, उसका स्वीकृत नक्शा आदि के अभाव में, ध्वस्त करने की रामपुर विकास प्राधिकरण की कार्रवाई पर अब रोक लगाने का फैसला उचित व इसका स्वागत।
2. वैसे केवल जौहर विश्वविद्यालय ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में अगर अन्य और भी शिक्षण संस्थायें हैं जो अपने निर्माण आदि में सरकारी नियमों आदि का सही से अनुपालन नहीं कर पाये हैं, तो उन पर भी बुलडोजर चलाकर तोड़ने की सख़्ती करने के बजाय, सरकार को उन सबको सही व नियमित कराने के सम्बंध में ज़रूरी कार्रवाई करने की नीति अपनानी चाहिये, ताकि वहाँ शिक्षा हासिल करने वाले सभी छात्र-छात्राओं का जीवन किसी भी प्रकार से प्रभावित ना होने पाये। उम्मीद है कि सरकार बी.एस.पी. की इस जनहितैषी सलाह पर ज़रूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।
सत्य, अहिंसा व मानवता के आदर्श ज्योति को दुनिया में फैलाकर भारत को जगदगुरु की विश्व ख्याति व सम्मान दिलाने वाले तथागत (भगवान) गौतम बुद्ध को आज उनकी जयन्ती पर शत्-शत् नमन व उनके अनुयाइयों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक बधाई एवं सुख, शान्ति व सौहार्द भरे जीवन की शुभकामनाएं।
तथागत गौतम बुद्ध के बताए रास्ते पर सही से चलकर लोगों के जीवन को सुखी व सम्पन्न बनाना ही सच्चा राजधर्म है, इससे भला कौन इंकार कर सकता है। लेकिन इसकी सार्थकता तभी संभव है जब सभी सरकारें अपनी कथनी व करनी में अन्तर ना आने दें और वही करें जो कहें एवं वही कहें जो कर पायें, तभी इससे सभी को प्रेरणा मिलेगी।
साथ ही, सरकारें ख़ासकर सभी धर्मों के मानने वालों के जान, माल व मज़हब की सुरक्षा सुनिश्चित करें तो यह तथागत गौतम बुद्ध को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इतना ही नहीं बल्कि ’अप्प दीपो भवः’ अर्थात शिक्षित बनो, ख़ुद ऊपर उठो व अपना प्रकाश स्वयं बनो के सिद्धान्त से ही देश आत्मनिर्भर एवं महान बनेगा।
बाबा साहेब ने कहा था कि, वे एक समाज की प्रगति उसके महिलाओं की प्रगति के आधार पर मापते हैं। और आज यूपी की हालत इतनी बदतर हो गई है कि बाबासाहेब की मूर्ति के अपमान का विरोध कर रही हमारी माताओं और बहनों को इस बर्बरता से पीटा गया। 1/2
इस लड़की ने जो मीडिया बंधु को बताया उसमे साफ हो गया है.इस बलबे का मुख्य कारण कोई दरोगा है जिसने बाबा साहब की मूर्ति को तोड़ा.खेल कुछ और है प्लानिंग किसी और की लगती है.इस सम्बंधित दरोगा की भूमिका की जाँच कर इस पर भी कार्यवाही होनी जरुरी है.@myogiadityanath जी संज्ञान लें.
1. काफी लम्बे इंतज़ार के बाद जेवर में नोएडा इण्टरनेशनल हवाई अड्डा के प्रथम चरण का कल उद्घाटन हुआ, जबकि इसकी रूपरेखा ही नहीं बल्कि इसके सभी ज़रूरी बुनियादी कार्य बी.एस.पी. की मेरी सरकार में ही शुरू हो गये थे।
2. इतना ही नहीं बल्कि उस समय केन्द्र में रही कांग्रेस पार्टी की सरकार अगर रोड़ा नहीं अटकाती तो विकास का यह कार्य, यमुना एक्सप्रेसवे आदि की तरह, काफी पहले मेरी सरकार में ही पूरा हो गया होता।
3. जहाँ तक सपा सरकार का सवाल है तो इनका ज़्यादातर समय उत्तर प्रदेश की ग़रीबी व पिछड़ेपन आदि को दूर करने हेतु विकास के ठोस कार्य करने के बजाय, ख़ासकर बी.एस.पी. सरकार द्वारा समाज के कमज़ोर तबक़ों के हित, कल्याण व उनके उत्थान हेतु लिये गये ऐतिहासिक फैसलों व किये गये महत्वपूर्ण कार्यों को निष्क्रिय बनाने के साथ-साथ बहुजन समाज में जन्में महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के आदर-सम्मान में निर्मित शिक्षण व मेडिकल संस्थानों व ज़िला आदि का नाम बदलने व उनके नाम पर बने स्थलों, स्मारकों, एवं पार्कों आदि की अनदेखी व उपेक्षा करने के नकारात्मक, जातिवादी व राजनीतिक द्वेष में ही ज़्यादातर समय लगी रही, जो किसी से भी छिपा हुआ नहीं है।
4. अतः इन सबके मद्देनज़र यूपी की जनता से अपील है कि वे विरोधी पार्टियों की छलावापूर्ण राजनीति व बहकावे में ना आकर बी.एस.पी. के ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीति व सिद्धान्त में विश्वास रखते हुये अपने व प्रदेश के विकास हेतु बी.एस.पी. के आयरन नेतृत्व पर ही भरोसा करें।
5. इसके साथ ही, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की अलग से बेंच व उनके लिये अलग से प्रदेश बनाने का सपना ना जाने कब पूरा होगा?
बी.एस.पी. के विधायक श्री उमाशंकर सिंह जबसे बी.एस.पी. में आये हैं उन्होंने पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपनी ज़िम्मेवारी निभाई है और आजतक इनके क्षेत्र से इनके बारे में किसी भी प्रकार की अवैध तरीके़ से सम्पत्ति अर्जित करने या अन्य कोई भी ग़लत कार्य करने की शिकायत नहीं आई है।
हालाँकि पिछले लगभग दो वर्षों से वे काफी गंभीर बीमारी से जूझ रहें हैं, ऐसी स्थिति में आयकर विभाग को अगर इनके सम्बन्ध में कोई शिकायत मिली थी तो वे इनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर इनके ठीक हो जाने के उपरान्त इनसे पूछताछ कर सकते थे। हम कोई इस विभाग के कार्य में दख़ल नहीं दे रहें, लेकिन आज जिस तरह से इन पर अति-गंभीर बीमारी के दौरान कार्रवाई की गयी है वह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है और मानवता के ख़िलाफ है।
महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री तथा महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेताओं में से एक नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता श्री अजित पवार जी का आज बारामती में विमान हादसा में हुई मौत अति-दुखद। उनके परिवार तथा उनकी पार्टी के लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। कुदरत उन सबको इस दुख को सहन करने की शक्ति दे।
Jai Bhim सभी साथियों आज इस बहुजन दबंग लेडी को आपके समर्थन की आवश्यकता है।
इस महिला ने छुपे हुए जातिवाद के मुखौटा पहने मंत्री को बेनकाव कर दिया
गणतंत्र दिवस पर मंत्री गिरीश महाजन ने अपनी स्पीच में बाबासाहेब Ambedkar का नाम जानबूझकर इग्नोर किया ड्यूटी पर तैनात माधवी जाधव भड़क उठी और मंत्री से कहा "जिस व्यक्ति ने देश को संविधान दिया, जिसने लोकतंत्र दिया, उसका नाम तक नहीं लिया आपको देश से माफ़ी मांगनी चाहिए।
माधवी जाधव ने कहा कि मुझे चाहे सस्पेंड कर दो लेकिन बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान नहीं सहूंगी।
महादलित टोला में धूमधाम से सरस्वती पूजा मनाई जा रही है, लेकिन इसे मनाने वाले लोग अपना नाम तक लिखने में असक्षम हैं।
इन्हें बाबा साहब अंबेडकर के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। क्या ऐसे इस समाज का उत्थान होगा..?
10 साल हो गए रोहित वेमुला को गए हुए।
मां राधिका वहीं ठहरी हुई हैं, ज़िंदगी रुकी हुई है।
आत्महत्या के लिए उकसाने वाले दक्षिणपंथी आगे बढ़ गए, मंत्री संत्री सब बन लिए।
न्याय के नारे लगाने वाले वामपंथी भी कांग्रेस दफ्तरों में सेट हो लिए, कुछ चुनाव भी लड़े।
देश में संसद व राज्य विधानमण्डलों के सत्र के घटते समय के साथ-साथ हर बार इनके भारी हंगामेदार एवं स्थगन आदि से इनकी जन उपयोगिता का घटता प्रभाव अक्सर गंभीर चिन्ता का विषय रहा है और इसीलिये उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों चल रहे 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के तीन-दिवसीय सम्मेलन के दौरान विधानमण्डलों की कार्यवाही के लगातार घटते समय पर चिन्ता व्यक्त किया जाना उचित, सामयिक व सराहनीय, जिसपर सरकार और विपक्ष दोनों को अति-गंभीर होकर इस पर अमल भी ज़रूर करना चाहिये।
भारतीय संसद व राज्यों के विधानमण्डल यहाँ देश की संवैधानिक व लोकतांत्रिक व्यवस्था के अहम स्तंभ हैं तथा सरकार/कार्यपालिका को देश व जनहित के प्रति उत्तरदायित्व बनाये रखने का एक सशक्त माध्यम है। संसद व विधानमण्डलों की कार्यवाही साल में कम-से-कम 100 दिन के कैलेण्डर तथा सही नियमों के हिसाब से शान्ति-व्यवस्था के साथ चले, यह बहुत ज़रूरी है।
इसके अलावा, ’सरकारी मान्यता नहीं होना मदरसा को बंद करने का आधार नहीं’ सम्बंधी माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच द्वारा दिया गया फैसला अति-महत्वपूर्ण व सामयिक है तथा इस आधार पर श्रावस्ती में मदरसे पर लगी सील 24 घण्टे में हटाने के निर्देश का भी स्वागत।
वैसे भी संभवतः यहाँ कोई भी सरकार नीतिगत तौर पर प्राइवेट मदरसों के विरुद्ध नहीं, बल्कि ज़िला स्तर पर अधिकारियों की मनमानी का ही शायद यह परिणाम है कि इस प्रकार की अप्रिय घटनाओं की ख़बरें आती रहती हैं, जिसपर सरकार को उचित संज्ञान लेकर ऐसी प्रवृति को सख़्ती से ज़रूर रोकना चाहिये।
RJD प्रवक्ता @priyanka2bharti कहती हैं👇
मायावती अंतिम पायदान पर रखे गए समाज से आती हैं।
CM बनकर ग्रोथ के साथ बढ़िया काम करके 4 बार दिखा चुकी हैं।
सवाल ये है कि CM ही नहीं PM क्यों नहीं चुनी जा रही हैं?
क्या ये देश अभी सामाजिक न्याय के लिए तैयार नहीं हैं?
दलित समाज की बेटी दिपीका मेघवाल ने थाईलैंड में आयोजित एशिया–ओसेनिया इंटरनेशनल चैंपियनशिप में 50 किलो कुश्ती वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश, राजस्थान और समाज का नाम रोशन किया।
लुणी विधानसभा क्षेत्र के झालामड गांव की इस बेटी ने साबित कर दिया कि मेहनत और हौसले के आगे कोई सीमा नहीं होती।
यह जीत देश के लिए गर्व और प्रेरणा है। 🇮🇳🥇 . . .