BSSC महाआंदोलन 4.0 स्टार्ट हो गया हैं दोस्तों...
और अगर आप चाहते हो की ये आंदोलन सफल हो जाये तो फिर आपको गर्दानीबाग आना होगा!....
वैसे इस कुम्भकर्ण आयोग से तो उम्मीदें ख़त्म हो चुकी हैं लेकिन एक आखिरी प्रयास करने मे क्या जाता है..
#BSSC#BSSC
प्रिय बिहार सरकार, BPSSC के पीड़ितों की बात ज़रा सुन लीजिए।
बिहार के लाखों युवा BSSC की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरी मेहनत और उम्मीद के साथ कर रहे हैं। Inter Level परीक्षा की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है, वहीं CGL-4 परीक्षा को लेकर भी अभ्यर्थियों को काफी समय से प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में संविदा कर्मियों को दिए जा रहे 25% अतिरिक्त अंकों/वेटेज का विषय भी लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। इस व्यवस्था से सामान्य अभ्यर्थियों के बीच समान अवसर और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंता उत्पन्न हो रही है। अतः अभ्यर्थियों की विनम्र मांग है कि संविदा कर्मियों को दिया जा रहा 25% वेटेज वापस लिया जाए और सभी अभ्यर्थियों के लिए समान एवं निष्पक्ष प्रतियोगिता सुनिश्चित की जाए।
सरकार द्वारा परीक्षा में पेपर लीक एवं अनुचित साधनों को रोकने के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। यह स्वागत योग्य कदम है। इसके साथ-साथ अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और समान अवसर मिलना भी अत्यंत आवश्यक है।
हमारा विनम्र अनुरोध है कि—
* BSSC Inter Level परीक्षा की तिथि शीघ्र घोषित की जाए।
* CGL-4 परीक्षा का आयोजन जल्द कराया जाए।
* आगामी परीक्षाओं के लिए नियमित एवं समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए।
* संविदा कर्मियों को दिया जा रहा 25% वेटेज/अतिरिक्त अंक वापस लिया जाए।
* सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर और समान प्रतियोगिता का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
* भर्ती एवं परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाया जाए।
बिहार के लाखों अभ्यर्थी वर्षों से मेहनत कर रहे हैं। हमारी मांग किसी व्यक्ति या वर्ग के विरोध में नहीं है, बल्कि समान अवसर, निष्पक्ष प्रतियोगिता और समय पर भर्ती प्रक्रिया के पक्ष में है।
अतः माननीय सरकार एवं संबंधित आयोग से विनम्र निवेदन है कि लंबित परीक्षाओं की तिथि शीघ्र घोषित करने, नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करने तथा संविदा कर्मियों के 25% वेटेज को वापस लेने पर गंभीरता से विचार किया जाए।
सादर।
समस्त प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी
Hello Sir
Sir I'm Bihar Si 1799 Mains qualified students. Sir I put all my energies and dedication to qualify this exam and after clearing mains paper , after that I started preparing for Physical test morning evening nd after 4 months when physical dates is near BPSSC BOARD cancelled our mains paper with Indispensable reason. I lost everything my family nd my peace for this exam nd this happened I don't know what to do I'm in very traumatic phase of my life along with other candidates.
Bihar SSC inter level का परीक्षा फॉर्म 2023 में निकाला गया था..
3620845 अभ्यर्थियों ने भरा है....✅️
■ पिछले 3 वर्षों से exam नहीं लिया गया है , किसी भी मंत्री जी को इसकी चिंता नहीं है.....
#Bihar SSC
@IPRDBihar@gadbihar@officecmbihar
📢 रहमांशु सर का Bssc के छात्रों से खास अपील ~
ज़्यादा से ज्यादा संख्या में गर्दानी बाग पहुंचे ताकि Bssc और सरकार पर दबाव बनाया जा सके!
गर्दानी बाग पटना 📍
#Bssc#bssc#bssc#bssc#Bssc#bssc
अब घर में बैठकर इंतज़ार करने का वक्त नहीं है, अपने हक के लिए शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरने का वक्त है।
आज सभी छात्र साथी गर्दनीबाग पहुँचें और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करें। दारोगा भर्ती परीक्षा में हुई व्यापक धांधली के आरोपों और सामने आए सबूतों की निष्पक्ष जांच हो तथा परीक्षा रद्द की जाए। युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हमारी मांगें बिल्कुल स्पष्ट हैं-
📌 दारोगा भर्ती परीक्षा की निष्पक्ष जांच और परीक्षा रद्द हो।
📌 प्रश्नपत्र, OMR और Answer Key सार्वजनिक की जाए।
📌 BSSC में संविदा व्यवस्था समाप्त की जाए।
📌 CGL-4 और इंटर लेवल परीक्षा की तिथि तत्काल घोषित की जाए।
📌 भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
याद रखिए आंदोलन हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हमारी ताकत हमारी शांति, एकता और अनुशासन है। किसी सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं, किसी से दुर्व्यवहार नहीं,बस अपनी जायज़ मांगों के लिए मजबूती से आवाज़ उठानी है।
घर से निकलें, कमरे से निकलें, लाइब्रेरी से निकलें और गर्दनीबाग पहुँचें।
अपने लिए, अपने भविष्य के लिए, बिहार के हर मेहनतकश छात्र के लिए।
✊ शांतिपूर्ण आंदोलन में एकजुट हों।
आवाज़ बुलंद करें,हक लेकर रहेंगे।
23 जून को जंतर-मंतर की घटना पर पुलिस कहती है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में दरार की बात निराधार है। लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में वह खुद “7 टांके”, “मरने की स्थिति” और “307 बनता था” जैसी बातें कह रहा हैं।
वह यह भी दावा कर रहा हैं कि संजय कुमार की बेटी निशु, थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि “अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खाकर मर जाएंगे।” साथ ही उनका दावा है कि वे जेल तक नहीं गए और “कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं”, “चिराग पासवान अपने बड़े भाई हैं” तथा “सबका सपोर्ट है।"
तो सवाल है कि अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 टांके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटें सामान्य कैसे बताई गईं? अगर धारा 307 का मामला बनता था, तो आरोपी जेल क्यों नहीं गया?
“कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह क्यों नहीं स्पष्ट कर रही कि इस मामले में किसी अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप की कोई भूमिका थी या नहीं?”
आखिर पुलिस के रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? हमें इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपने पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे। जय भीम, जय भारत।।
Swatantra Bhardwaj का साथ दे रही है दिल्ली पुलिस? एक दलित का सिर फोड़ने के बाद भी ये खुलेआम धमकी दे रहा है और दावा कर रहा है कि दिल्ली पुलिस और बीजेपी के बड़े नेता उसके साथ हैं...
@vinay_sultan
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
This guy is openly admitting that he attacked people at Jantar Mantar and that BJP leaders provided him immunity from police action afterwards.
How much more openly does someone have to admit it before @DelhiPolice takes action?