तीसरी आँख (Third Eye) क्या है?
पीनियल ग्लैंड और आज्ञा चक्र को एक्टिवेट करने के बारे में पूरी जानकारी
शुरुआत करने वालों के लिए इस शानदार परिचय में जानें कि तीसरी आँख असल में क्या है। जानें कि पीनियल ग्लैंड कैसे काम करती है, आज्ञा चक्र का क्या मतलब है, और अपनी आध्यात्मिक जागृति (spiritual awakening) की ओर पहला कदम कैसे बढ़ाएं।
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अगर आप अपनी तीसरी आँख को एक्टिवेट करने के लिए तैयार हैं, तो कमेंट में 👁️ लिखें
पहली बार हिंदी में शिव तांडव स्तोत्र 🔱
आशुतोष राणा की दमदार प्रस्तुति ने रोंगटे खड़े कर दिए हर शब्द में भक्ति, हर स्वर में महादेव की शक्ति का एहसास
नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव 🚩🙏
यह धन लक्ष्मी स्तोत्र का एक लोकप्रिय और अत्यंत सरल प्रार्थना मंत्र है। इसे श्रद्धापूर्वक जपने से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
॥ धन लक्ष्मी स्तोत्रम् ॥
जय धन लक्ष्मी, नमो वर लक्ष्मी,नमो जय लक्ष्मी दया करीते ।आपकी कृपा से सभी लोगों का,जीवन सुख-समृद्धि से भरपूर हो ॥
॥ स्तोत्र पाठ ॥
देवी देवमुपागम्य नीलकण्ठं मम प्रियम् ।कृपया पार्वती प्राह शङ्करं करुणाकरम् ॥१॥ [4]
पार्वत्युवाच
भगवन् देवदेवेश सर्वज्ञ करुणाकर ।दारिद्र्य-पीडितानां च जनानां दुःख-मोचनम् ॥२॥
कोऽस्ति मन्त्रः जगन्नाथ दरिद्राणां च तारकः ।तन्मे ब्रूहि कृपासिन्धो यतस्तैः सुखमाप्यते ॥३॥
श्री सदाशिव उवाच
देवि त्वं प्रश्नमकरोः लोकानां हितकाम्यया ।गुह्याद्गुह्यतरं स्तोत्रं धनदं धनसाधकम् ॥४॥
यस्य स्मरणमात्रेण दरिद्रोऽपि धनी भवेत् ।तस्य मन्त्रस्य वक्ष्यामि ऋष्यादिकमनुत्तमम् ॥५॥
विनियोगः
ॐ अस्य श्री धनलक्ष्मी स्तोत्रमंत्रस्य भृगुऋषिः, श्री धनलक्ष्मीर्देवता, अनुष्टुप् छन्दः, धनलाभाय विनियोगः ।
ध्यानम्
ॐ पीताम्बरां सुवर्णाभां वरदां हस्त-पद्मयाम् ।सर्वालंकार-संयुक्तां महालक्ष्मीं विचिन्तयेत् ॥६॥
स्तोत्रम्
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः स्वाहा ।नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते ।शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मी नमोस्तु ते ॥७॥
नमस्ते गरुडारूढे कोलासुर-भयङ्करि ।सर्वपाप-हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तु ते ॥८॥
सर्वज्ञे सर्ववरदे देवी-माहात्म्ये सर्वार्ति-कारिणि ।सर्व-दुःख-हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तु ते ॥९॥
सिद्धि-बुद्धि-प्रदे देवी भुक्ति-मुक्ति-प्रदायिनि ।मन्त्र-मूर्ते सदा देवी महालक्ष्मी नमोस्तु ते ॥१०॥
आद्यन्तरहिते देवी आद्य-शक्ति-महेश्वरी ।योगज्ञे योग-संभूते महालक्ष्मी नमोस्तु ते ॥११॥
स्थूल-सूक्ष्म-महारौद्रे महाशक्ति-महोदरे ।महापाप-हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तु ते ॥१२॥
पद्मासन-स्थिते देवी परब्रह्म-स्वरूपिणी ।परमेशि जगन्मातर्महालक्ष्मी नमोस्तु ते ॥१३॥
श्वेताम्बर-धरे देवी नानालंकार-भूषिते ।जगत्-स्थिते जगन्मातर्महालक्ष्मी नमोस्तु ते ॥१४॥ [6]
॥ फलश्रुति ॥
महालक्ष्मी-अष्टकमिदं यः पठेद् भक्तिमान् नरः ।सर्वान् कामावप्नोति महालक्ष्मी-प्रसादतः ॥१५॥
आप मां लक्ष्मी के बीज मंत्र "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः" या "ॐ महालक्ष्म्यै नमो नमः" का जाप करके भी मां की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
क्या आपने कभी महसूस किया है कि जिन विचारों से आप बचना चाहते हैं, वही बार-बार आपके मन में लौट आते हैं? जितना आप किसी विचार को दबाने की कोशिश करते हैं, वह उतना ही शक्तिशाली होकर वापस आता है। आखिर ऐसा क्यों होता है?
हम श्रीमद्भगवद्गीता, योग सूत्र, अष्टावक्र गीता और सनातन ज्ञान की दृष्टि से मन के इस गहरे रहस्य को समझेंगे। जानेंगे कि विचारों से लड़ना समाधान नहीं है, बल्कि साक्षी भाव ही वह मार्ग है जो मन को शांति और स्थिरता प्रदान करता है।
यदि आपके मन में बार-बार नकारात्मक, डरावने या परेशान करने वाले विचार आते हैं, तो यह वीडियो आपके लिए एक नई दृष्टि लेकर आएगा।
Lalita Sahasranama is more than a chant—it's the Divine Mother's thousand sacred names guiding you toward strength, peace, wisdom, and abundance. 🌺
Every name carries a divine vibration that calms the mind, removes fear, inspires clarity, and awakens your true inner power. You don't need perfection—only sincere devotion. Her grace reaches every heart that remembers Her with faith.
The greatest secret of meditation is hidden in a place most people never notice.
Every day you take thousands of breaths. The breath comes in, the breath goes out. Yet between these two movements exists a subtle pause, a moment of complete stillness.
#BreathAwareness