पंजाब में भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी दोनों बड़े राजनीतिक संकट में दिखाई दे रहे हैं। अब सवाल केवल हकीकत का नहीं, बल्कि उस Perception का है जो राजनीति में अक्सर सबसे बड़ा निर्णायक बन जाता है। और जब Reality और Perception एक-दूसरे के करीब दिखने लगें, तो बचाव की गुंजाइश बेहद कम रह जाती है। ⚠️
पहले संबंधित वीडियो को Fabricated बताया गया, फिर उसे AI Generated कहकर खारिज करने की कोशिश हुई। अकाल तख्त के समक्ष भी यही दलील दोहराई गई कि वीडियो असली नहीं है।
इसके बाद अकाल तख्त ने कहा—अपनी पसंद की दो फॉरेंसिक लैब के नाम दे दीजिए, जांच वहीं करा दी जाएगी। लेकिन आज तक उस पर कोई जवाब नहीं आया। 🤔
इधर सरकार की ओर से कराई गई जांच भी सवालों के घेरे में आ गई। आरोप लगे कि फॉरेंसिक रिपोर्ट को प्रभावित करने की कोशिश हुई, पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए, ₹10 लाख के कथित ऑफर की चर्चा हुई और गुरुग्राम के एक होटल में हुई मुलाकात का फुटेज भी सामने आने का दावा किया गया। 📹
अब राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है—अगर सब कुछ इतना स्पष्ट था, तो निष्पक्ष जांच से परहेज़ क्यों? आखिर सच से डर किस बात का? ❓
उधर अकाल तख्त पहले ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की बात कह चुका है और सामाजिक बहिष्कार की अपील भी कर चुका है।
अब देखना यह है कि पंजाब की राजनीति में आगे फैसला जनता करेगी या हालात खुद लिख देंगे। ⏳
विडियो @23pradeepsingh जी
🚨 मनमोहन सिंह, गुजराल और हामिद अंसारी — कांग्रेस के इन तीन नेताओं ने RAW के जासूसों का "Death Warrant" कैसे जारी किया... सुनिए। 🫵🇮🇳🕵️😓
कांग्रेसी होना मतलब गद्दार कहलाने जैसा है। कांग्रेसी से बड़ी गाली दूसरी कोई नहीं हो सकती। इसलिए जीवन में सब कुछ बनो, बस कांग्रेसी मत बनना।
भारत के दुश्मन, भारत के अंदर ही सिस्टम में बैठे हैं। 🇮🇳
🎙️ सुनिए आदरणीय @23pradeepsingh जी।
🎓 दुनिया की पहली विश्वविद्यालय तक्षशिला, दूसरी नालंदा और तीसरी भोजशाला हमारे भारत में थीं। दुनिया में सबसे पहले समान शिक्षा व्यवस्था भी भारत में लागू थी। हमारी शिक्षा व्यवस्था "No Profit, No Loss" के सिद्धांत पर आधारित थी, जहाँ केवल नाममात्र की फीस ली जाती थी।
📚 आज शिक्षा का बाजारीकरण हो चुका है और शिक्षा व्यवस्था गर्त में चली गई है। पहले पूरी दुनिया से विद्यार्थी तक्षशिला, नालंदा और भोजशाला में पढ़ने आते थे, लेकिन आज हमारे अपने बच्चे उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने को मजबूर हैं।
🏫 आज की शिक्षा व्यवस्था पर स्कूल माफिया, कोचिंग माफिया और किताब माफिया का कब्ज़ा बताया जाता है।
📖 स्कूल माफिया नहीं चाहते कि One Nation, One Education Board लागू हो, इसलिए अलग-अलग बोर्ड चल रहे हैं—CBSE, ICSE, IB, State Boards आदि।
🎯 कोचिंग माफिया नहीं चाहते कि स्कूलों में वही पढ़ाया जाए जो प्रतियोगी परीक्षाओं (NEET, JEE, CLAT, NDA, SSC, UPSC आदि) में पूछा जाता है। परिणामस्वरूप 10वीं-12वीं का टॉपर छात्र भी बिना कोचिंग के चयन पाने में कठिनाई महसूस करता है।
📕 किताब माफिया हर साल नई किताबें बेचने के लिए मामूली बदलाव कर नए संस्करण जारी करते हैं। पहले एक ही किताब कई वर्षों तक चलती थी—बड़े भाई से छोटे भाई तक, फिर पड़ोस के बच्चों तक। आज हर साल नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं।
🌳 इससे पर्यावरण पर भी प्रभाव पड़ता है, क्योंकि हर वर्ष नई किताबों की छपाई के लिए लाखों पेड़ों की आवश्यकता होती है।
❓यदि भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान जैसे विषयों में हर साल कोई बड़ा नया आविष्कार नहीं होता, तो फिर हर वर्ष किताबों में अध्याय या पन्ने बदलने की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
🙏 मेरा आप सबसे हाथ जोड़कर निवेदन है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े इन मुद्दों पर आवाज़ उठाइए। अपने सांसद और विधायक से पूछिए—
🇮🇳 One Nation, One Education Board क्यों नहीं?
📘 One Nation, One Syllabus क्यों नहीं?
📝 One Nation, One Curriculum क्यों नहीं?
यदि पूरे देश में एक रेलवे बोर्ड से रेल चल सकती है, और GST जैसे एक समान कर व्यवस्था लागू हो सकती है, तो शिक्षा में एक समान राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और मानक क्यों नहीं हो सकते?
📚 केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय का पाठ्यक्रम पूरे देश में समान हो सकता है, तो सभी विद्यालयों के लिए भी एक समान मूल पाठ्यक्रम बनाया जा सकता है। प्रत्येक राज्य अपने विद्यार्थियों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा दे—बंगाल में बंगाली, गुजरात में गुजराती, तमिलनाडु में तमिल आदि।
💬 मेरा मानना है कि जब तक समाज इन मुद्दों पर आवाज़ नहीं उठाएगा, तब तक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाना कठिन रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता आदरणीय @AshwiniUpadhyay जी
🚨 "मैं और मेरे पिता श्री हरि शंकर जैन जी लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हैं। हाल की अनियमितताओं की खबरों से हम आहत हैं, क्योंकि यह ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के निर्देशों पर बना था।"
वरिष्ठ अधिवक्ता आदरणीय @Vishnu_Jain1 जी ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता पर अपनी बात रखी। 🙏🚩
राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है, इसलिए हर प्रश्न का स्पष्ट और निष्पक्ष उत्तर मिलना चाहिए। 🇮🇳
#RamMandir #Ayodhya #JaiShriRam 🚩
🚨 वीडियो में एक मुस्लिम व्यक्ति यह कहते हुए दिखाई देता है कि, "हमें भारत से पाकिस्तान जैसा एक और देश चाहिए।" 🇮🇳
वह आगे दावा करता है कि BJP का समर्थन करने वाले मुसलमानों की हिंदू पत्नियाँ होती हैं, वे शिया हैं और शिया गद्दार हैं।
एक अन्य व्यक्ति कहता है, "हम मुसलमान भारत में खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।"
ऐसी मानसिकता वाले स्त्रोत को ही खत्म कर देना चाहिए ❗#BanMadarsa
Hindus Tej Jago 🚩 Must Unite 🤝
#Implement_NRC
@narendramodi@AmitShah
🚨 दिल्ली के सीलमपुर में 16 वर्षीय हिंदू युवक की हत्या के मामले को लेकर स्थानीय लोगों का भारी विरोध प्रदर्शन। 😡
वीडियो में प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि यह हत्या मजहबी कट्टरता से प्रेरित थी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यदि यह सच है, तो दोषियों को बिना किसी भेदभाव के कठोरतम सज़ा मिलनी चाहिए। न्याय हर नागरिक का अधिकार है। ⚖️🇮🇳
#Seelampur #Delhi #Justice #Hindu #LawAndOrder
#कोटा_स्टोरीज#जेहाद_अल_अकबर
आखिर कब तक झुठलाओगे जेहाद और जेहादी मानसिकता की गंदी सच्चाई को।
जितनी बड़ी दिक्कत जेहाद है उससे कही बड़ी दिक्कत इस जेहाद को ना मानने वाली सोच है..
अब भी जिसे लगता है के जेहाद झूठ है वो शायद तभी समझेंगे जब उनकी कोई अपनी इन जेहादियों के जेहाद की शिकार होगी...#WakeUpHindus क्योंकि ये सरकार, प्रशासन, कानून इस जेहाद को पूरी तरह नहीं रोक सकते..
#JehadAlAkbar
वीडियो पूरा देखिए और जितना हो सके हिंदुओं तक पहुंचाइए हो सकता है कुछ का सेक्युलरिज्म खत्म हो और वो अपनी बहन बेटियों को बचाने की सोच सकें
@Akhand_Bharat_S ⚠️अगर आपके शहर पर Nuclear Attack हो जाए तो क्या करेंगे⁉️
एक पल में सब कुछ बदल सकता है — घर, लोग, सपने…सब राख में बदल सकता है।
लेकिन सच ये है कि सही जानकारी आपकी जान बचा सकती है।
❤️ सुरक्षा ही असली इंसानियत है।
अपनी सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों को जागरूक करना ही असली इंसानियत है।🤝
⚠️ अगर आपके शहर पर Nuclear Attack हो जाए तो क्या करेंगे⁉️
एक पल में सब कुछ बदल सकता है — घर, लोग, सपने… सब राख में बदल सकता है।
लेकिन सच ये है कि सही जानकारी आपकी जान बचा सकती है।
Nuclear Explosion सिर्फ विस्फोट नहीं होता, उसके बाद आता है सबसे खतरनाक दौर — रेडिएशन फॉलआउट ☢️
यहाँ जानिए क्या करना है 👇
💥 1. धमाके के तुरंत बाद क्या करें?
तेज सफेद रोशनी दिखे तो उसे सीधे मत देखें — इससे स्थायी अंधापन हो सकता है।
तुरंत जमीन पर लेट जाएँ।
आँखें और कान बंद करें।
चेहरे को कपड़े से ढक लें।
यह आपकी पहली सुरक्षा है।
🏢 2. कहाँ शरण लें?
सबसे सुरक्षित जगह:
मेट्रो स्टेशन 🚇
बेसमेंट
अंडरग्राउंड पार्किंग
👉 जमीन के नीचे रहना फॉलआउट से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
अगर बाहर शेल्टर न मिले तो:
घर की सभी खिड़कियाँ और दरवाज़े बंद करें
छोटी से छोटी दरार भी टेप, कपड़े या गत्ते से सील करें
हवा का रास्ता बिल्कुल न छोड़ें
💧 3. पानी और भोजन की तैयारी
अटैक की खबर मिलते ही बाल्टी, बोतल, ड्रम में पानी भर लें
बाद में नल का पानी रेडिएशन से दूषित हो सकता है
सिर्फ पहले से स्टोर किया पानी ही पिएँ
🍪 खाने के लिए रखें:
बिस्किट
ड्राई फ्रूट्स
पैकेज्ड फूड
ऐसा खाना जो बिना पकाए खाया जा सके
🚿 4. अगर बाहर एक्सपोज हो गए हों
अंदर आते ही कपड़े उतारकर पॉलीथिन में सील करें
साबुन और स्टोर किए हुए पानी से अच्छी तरह नहाएँ
नल का पानी उपयोग न करें
⏳ 5. सबसे खतरनाक समय
पहले 24 घंटे बेहद खतरनाक होते हैं।
इस दौरान बाहर बिल्कुल न निकलें ❌
अगर कोई आधिकारिक निर्देश मिले तो उसका पालन करें
यदि सूचना न मिले तो कम से कम 72 घंटे तक शेल्टर में रहें
तीन दिन सही तरीके से गुजार लिए — तो बचने की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
📱 6. टेक्नोलॉजी की तैयारी
न्यूक्लियर अटैक के बाद EMP (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स) आ सकता है जो इलेक्ट्रॉनिक्स खराब कर सकता है।
एक पुराना फोन
पावर बैंक
वॉकी-टॉकी
इनको एल्युमिनियम फॉयल में लपेटकर स्टील बॉक्स में रखें (अस्थायी सुरक्षा के लिए)।
🧠 सबसे जरूरी — घबराएँ नहीं
पैनिक आपकी सबसे बड़ी दुश्मन है।
न्यूक्लियर अटैक एक टाइम गेम है — जो जितना शांत रहेगा, उसके बचने के चांस उतने ज्यादा होंगे।
🤝 ये जानकारी सिर्फ आपके लिए नहीं है। आपके परिवार, दोस्तों और समाज के लिए है।
अगर एक शेयर से किसी माँ का बच्चा बच सकता है, किसी पिता की उम्मीद लौट सकती है, किसी बहन का भाई घर वापस आ सकता है ।
तो इसे जरूर साझा करें।
❤️ सुरक्षा ही असली इंसानियत है।
अपनी सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों को जागरूक करना ही असली इंसानियत है। 🤝❤️
@HMOIndia@PMOIndia@HinduJagrutiOrg@ARanganathan72@AshwiniUpadhyay@Vishnu_Jain1
@Akhand_Bharat_S 500 साल के शासन में मुगल लगभग 1,000 मदरसे खोलकर गए थे, लेकिन आज उनकी संख्या 3.5 लाख तक पहुँच चुकी है !!
जब मुगल चले गए, तो फिर ये मदरसे क्यों चल रहे हैं??
मदरसे बंद कर दिए जाएँ, तो देश सुरक्षित हो जाएगा! 🇮🇳🔥
@HMOIndia
मदरसा आतंकवाद का सेंटर है !
मदरसा अलगाववाद का सेंटर है !
मदरसा जिहाद का सेंटर है !
मदरसा मजहबी उन्माद का सेंटर है !
मदरसा पत्थरबाजों का सेंटर है !
मदरसों में लव जिहाद सिखाया जाता है ,लैंड जिहाद सिखाया जाता है, धर्मांतरण सिखाया जाता है !!
मदरसे घुसपैठियों के सेंटर हैं। चाहे वे रोहिंग्या हों या बांग्लादेशी, उन्हें शरण मदरसों में मिलती है !!
500 साल के शासन में मुगल लगभग 1,000 मदरसे खोलकर गए थे, लेकिन आज उनकी संख्या 3.5 लाख तक पहुँच चुकी है !!
जब मुगल चले गए, तो फिर ये मदरसे क्यों चल रहे हैं??
मदरसे बंद कर दिए जाएँ, तो देश सुरक्षित हो जाएगा! 🇮🇳🔥
आदरणीय @AshwiniUpadhyay जी
@Akhand_Bharat_S#कांग्रेस की मंशा इससे अलग नहीं है। उसका पिछला रिकॉर्ड भी यही बताता है।
नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था।
कांग्रेस के शासनकाल में इंदिरा गांधी ने गौरक्षकों पर गोलियां चलवाईं और धार्मिक संगठनों के प्रमुखों को गिरफ़्तार किया गया।
क्या आपने ध्यान दिया है ?
अचानक मार्केट में एक नया Toolkit सक्रिय हो गया हैं, इनके निशाने पर साधु-संत हैं।
कभी तमिलनाडु में सनातन धर्म के संत जगद्गुरु के आश्रम पर छापा लगाना, कभी गरीबों के लिए कैंसर अस्पताल बनाने वाले बाबा बागेश्वर पर मनगढ़ंत आरोप लगाना! और अब वे प्रेमानंद महाराज पर गंदे और अपमानजनक आरोप लगाना।
ये कोई संयोग नहीं है हैं बल्कि एक संगठित एजेंडा हैं‼️
आज हम आपको तीन नई वजह बताएंगे कि यह टूलकिट ऐसा कर क्यों रही है।
ये हिंदू संत और कथावाचक वही काम कर रहे हैं जो टूलकिट गिरोह को सबसे ज़्यादा खामोश रखता आया है। #धर्मांतरण के रूप में सोशल मीडिया पर इनकी लोकप्रियता इतनी तेज़ी से बढ़ी है कि ये डरे हुए हैं। डर के मारे नफ़रत और झूठ फैलाना इनका हथियार बन गया है।
सनातन के ये प्रहरी संत भारत की सभ्यता, संस्कृति और आस्था को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। ये पश्चिम की चकाचौंध में खोए युवाओं को उनकी सनातन जड़ों से जोड़ते हैं और उन्हें योग, त्योहारों और परंपराओं के फ़ायदे बताते हैं। यही बात इन तथाकथित धर्मनिरपेक्ष गिरोहों को आहत करती है,
जो "भगवा आतंकवाद" का एक नया रूप शुरू करना चाहते हैं।
ये संत बेखौफ होकर "हिंदू हितों" और "राष्ट्रवाद" की बात करते हैं।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो या मंदिरों को बचाने की लड़ाई, ये खुलकर बोलते हैं।
उनके लिए देश धर्म से ऊपर है। उन्हें बदनाम करने की तीसरी और सबसे बड़ी वजह उनका हिंदू होना है,
क्योंकि टूलकिट गैंग का एजेंडा साफ़ है।
टोपी वालों के कुकर्मों पर चुप रहना और बलात्कार, धोखाधड़ी और अपराध के झूठे आरोप लगाकर साधुओं को बदनाम करना।
कई बार आपने देखा होगा कि अखबार निकलते हैं और सुर्खियाँ छपती हैं।
इन दिनों छागुर बाबा का मामला भी कुछ ऐसा ही है...✍️
‼️असल में एक गैर-हिंदू, लेकिन नाम देखकर पता नहीं चल रहा था कि किस पर 100 करोड़ से ज़्यादा की फंडिंग लेने और हिंदू लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है‼️
उदारवादी इकोसिस्टम में उस पर सन्नाटा है, कोई कुछ नहीं कह रहा।
लेकिन प्रेमानंद महाराज को बेवजह घसीटा जा रहा है।
उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर, संपादित करके युवाओं के बीच परोसा जा रहा है। ताकि वे अपने साधु-संतों से नफ़रत करने लगें।
वैसे भी, कांग्रेस की मंशा इससे अलग नहीं है। उसका पिछला रिकॉर्ड भी यही बताता है।
नेहरू ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था।
कांग्रेस के शासनकाल में इंदिरा गांधी ने गौरक्षकों पर गोलियां चलवाईं और धार्मिक संगठनों के प्रमुखों को गिरफ़्तार किया गया।
हर बार हिंदू अस्मिता को निशाना बनाया गया है। समझ लीजिए कि अगर अभी उनकी चाल को नहीं पहचाना गया, तो नफ़रत का यह ज़हर और गहरा होता जाएगा।
#सगंठित_हिन्दू_मजबूत_भारत
@Akhand_Bharat_S सनातन धर्म संस्कृति और सभ्यता, हिन्दू विरोधी विधर्मियों की सत्ता में रहते, अनेकों वैन लगाये गये, गुरु कुल, शिक्षा संस्कार समाप्त करने का उपाय किया गया है , इसीलिए कांग्रेस मुक्त भारत होना ही चाहिए। महादेव 🔱🚩🌷🙏
कांग्रेस ने भारतीय संस्कृति एवं Sanatan Dharma को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट करने के लिए धारा 30 एवं 30A जैसे कानून बनाए ❗
Bharat के स्कूलों गीता क्यों नहीं पढाई जाती❓
क्या आपने कभी सोचा है ❓
मैं भी सोचता हूं , हमारी इतनी बड़ी ग्रंथ (किताब)स्कूलों में पढ़ाई क्यों नहीं जाती ❓
इसके पीछे के कारण हमारे संविधान में धारा 30 के अनुसार Hindu धर्म की शिक्षा स्कूलों और कॉलेजों में ना तो दे सकते हैं और ना ही ले सकते हैं।
धारा 30 के तहत मुसलमान और ईसाई धार्मिक शिक्षा देने के लिए अपने इस्लामिक मदरसा और स्थाई कान्वेंट स्कूल चला सकते हैं ।
लेकिन हिंदू अपने गुरुकुल या वैदिक शिक्षा पर आधारित पारंपरिक स्कूल नहीं चला सकते ,
और यदि वह ऐसा करते हैं तो उन्हें कानून के तहत दंडित किया जाएगा जबकि इस देश की नींव ही सनातन धर्म है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कड़ा विरोध किया था और कहा था "देश के हिन्दुओं के साथ यह विश्वासघात है" तब भी लागू कर दिया गया।
धारा 30 एवं 30A संविधान से हटाना अति आवश्यक है,यह हिन्दू विरोधी और सनातन धर्म के खिलाफ है।
@PMOIndia@HMOIndia
भारत में आतंकी मुल्कों जैसे हालत, खुलेआम दिए जा रहे आतंक के संकेत
@PMOIndia भारत विकसित राष्ट्र की तरफ आगे बढ़ता जा रहा है लेकिन क्या इस प्रकार की आतंकी मानसिकता इस देश को विकसित होने देगी या सीरिया, सोमवारिया,पाकिस्तान जैसे हालत कर देगी?
ये घटना भारत की कानून व्यवस्था को बहुत बड़ी चुनौती है, यदि समय रहते सरकार ने लीपापोती के स्थान कर ठोस कदम नहीं उठाए तो विकसित राष्ट्र तो नहीं पर आतंकी राष्ट्र जरूर बन जाएगा हमारा देश @HMOIndia
A French girl, swept away by love, married a Pakistani Muslim boy and went with him to Pakistan. The love-struck French girl spent 12 years in solitary confinement and her love for the Muslim ended in a horrific way.