ये.. बचना नहीं चाहिए हिन्दुओं....Repost✊
नाम - मोहन यादव जिला - हरदोई UP-30
Hello @hardoipolice
यह सपा का दंगाई हमारे मुख्यमंत्री का फोटो इडिट कर दुष्प्रचारित कर उन्हें अपमानित कर रहा है
@Uppolice@dgpup@myogioffice
कृपया संज्ञान लें और कड़ी कार्यवाही करें ✍️
उत्तरप्रदेश के लोगों के साथ सबसे बड़ा धोखा है ..सबसे बड़ा घोटाला है स्मार्टमीटर,और ये सब प्रदेश सरकार के सहयोग सहमति से हो रहा है।3000 से 3200+ का बिजली बिल तो पहले कभी नहीं आया स्मार्ट मीटर लगने से पहले
@UPPCLLKO@UPGovt
भारत के टुकड़े करने का ख्वाब देखने वाले उमर खालिद के रिहाई के लिए 8 अमेरिकी सांसदों ने भारत सरकार को पत्र लिखा है
न्यूयॉर्क के मुस्लिम मेयर ममदानी ने भी मांग किया है।
सोचिए, यह कितना बड़ा षड्यंत्र है।
खालिद उमर ने नारे लगाए थे,
भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशाअल्लाह इंशाअल्लाह।
कश्मीर की आजादी तक जंग चलेगी।
भारत की बर्बादी तक जंग चलेगी।
हम क्या चाहते? आजादी।
भारत से आजादी, मोदी से आजादी।
RSS से आजादी,
हिंदुत्व की क़ब्र खुदेगी।
ऐसे गद्दार और भारत विरोधी तत्वों के लिए अमेरिकी सांसद और मेयर का समर्थन यह दर्शाता हैं कि उमर खालिद का नारा सिर्फ एक नारा नहीं था बल्कि भारत को तोड़ने का अमेरिकी डीप स्टेट द्वारा रचा गया एक बहुत बड़ा षड्यंत्र था।
नेस्ले मैगी-
1-FSSAI ने 5 जून 2015 को Maggi noodles के manufacture और sale पर रोक लगा दी, यह कहते हुए कि कुछ टेस्ट में उसके नमूनों में सीसा (lead) मानक से ज्यादा मिला।
2- नेस्ले ने इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में चैलेंज दायर किया।
बस फिर क्या था, कोर्ट के माननीय की दया और fssai की मिलीभगत पर फैसला नेस्ले की तरफ गया।
3-13 अगस्त 2015 को हाईकोर्ट ने बैन को हटाकर उसे खारिज कर दिया।
अब खुरपेची सवाल-
1-जो मैगी CFTRI जैसी FSSAI- अप्रूव्ड लैब्स में पहले फेल हो गई थी,
वो बाद में कैसे पास हुई?
2-मैगी में टोटल फैट 15% के करीब होता है, और टोटल फैट का 80% तो पॉम ऑयल होता है,
ये ऑयल खाने के सबसे खराब आइल्स में गिना जाता है, जिससे कि हार्ट अटैक की समस्या का सबसे ज्यादा खतरा होता है।
आखिर fssai इस रोक क्यों नहीं लगाती है?
3-FSSAI के मानक के अनुसार नूडल्स में
सीसा की मात्रा ≤ 2.5 mg/kg (ppm) होनी चाहिए।
लेकिन,
उत्तर प्रदेश के FDA ने लगभग 17.2 (ppm) सीसा पाया, जो कि FSSAI के नियम 2.5 ppm से लगभग 7 गुना ज़्यादा था।
उसके बावजूद इन लोगों को मार्केट में मैगी बेचने के लिए क्यों एलाऊ किया गया?
हम भारतीय लोग एक कूड़ेदान की तरह हैं…!!
भारत में जितने भी चिप्स बाज़ार में बिकते है… सब पाम ऑयल से बने होते है…
वहीं चिप्स की कम्पनियाँ दूसरे देशों में वही चिप्स सनफ्लावर ऑयल में बनाती है…
भारत में जो Orio बिस्कुट में क्रीम की जगह होता है भर भर के पाम ऑयल…
लेकिन अन्य देशों में Orio बिस्कुट में वास्तविक क्रीम इस्तेमाल होती है…
भारत में मिलने वाले चॉकलेट में सिर्फ़ 2.5% Cocoa होता है…
जबकि अन्य देशों में 20% होना अनिवार्य है…
पारले जी बिस्कुट जो भारत में ज़्यादा मैदा और ज़्यादा शुगर डालकर बेचा जाता है…
वही पारले जी युरोपीय देशों और अमेरिका में बेहद कम मैदा और शुगर इस्तेमाल करता है…
फ़्रूट जूस नाम से बिकने वाले सारे पैकेट में 0% फ़्रूट कंटेंट होता है…
Sweetener, artificial flavour, डालकर बेच रहे हैं…
वहीं अन्य देशों में जो पैकेट पर लिखा है वही पैकेट में मिलता है…
इसलिए हम भारतीय इन कम्पनियों का कूड़ेदान बनकर रह गए हैं…
जो कचरा बचता हैं वो भारतीयों को चिपका दिया जाता है