कल #8CPC के साथ आधिकारिक बैठक में सभी प्रकार के स्कूल शिक्षक समाज के लिए "एकभारत श्रेष्ठभारत" उद्देश्य हेतु निम्न सुधारों के लिए सुझाव रखे
✅ 14 CL, 30 EL, 20 Med. Leave
✅ Vice Principal पद पर दिल्ली के शिक्षकों के लिए 100% प्रमोशनल कोटा
✅ Principal पद पर विभागीय शिक्षकों के लिए 50% प्रमोशन कोटा और 25% परीक्षा कोटा
✅ Head of Subject का नया प्रमोशनल पद सृजित किया जाए जिसका ग्रेड 5400 एवं वाइस प्रिंसिपल को 6600 पर अपग्रेड किया जाय।
✅ सेवानिवृत्ति के समय DGEHS एवं CGEHS में से किसी एक स्वास्थ्य योजना का विकल्प प्रदान किया जाए ताकि रिटायरमेंट पर शिक्षक अपने गृहनगर लौट सकें और वही पर स्वास्थ्य सेवा ले सकें।
✅ शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए ताकि यूनिवर्सिटी टीचर्स के साथ साम्यता बनी रहे।
✅ पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) को पुनः लागू किया जाए।
✅ सेवा के दौरान भी कैशलेस मेडिकल सेवा, और यदि केवल पुरुष नौकरी में है तो उसको भी CCL की सुविधा।
बैठक में #8CPC की माननीय चेयरपर्सन श्रीमती रंजना प्रकाश देसाई जी, प्रो. पुलक घोष जी, श्री पंकज जैन जी एवं अन्य सम्मानित सदस्यों द्वारा सभी मांगों को गंभीरता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से सुना गया।प्रतिनिधिमंडल में डॉ प्रदीप डागर (अध्यक्ष PSNM, विनोद कुमार यादव (प्रदेश अध्यक्ष, AINPSEF, दिल्ली), अंकुर त्रिपाठी विमुक्त प्रदेश अध्यक्ष यूपी एवं अमित कुमार पाण्डेय प्रदेश मंत्री यूपी भी उपस्थित रहे।
#ManjeetSinghPatel
ये वृंदा ग्रोवर हैं, रिसर्चर और ह्यूमन राईट एक्टिविस्ट है.. दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन में हिंसा के दौरान पुलिस ने पेलट गन का इस्तेमाल किया इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुलिस के रवैये के खिलाफ केस लड़ रहीं हैं...
अभी हाल ही में मजदूरी करने गए छत्तीसगढ़ के मजदूरों को कश्मीर में आतंकवादियों ने गोली मार दी... कोई वकील या ह्यूमन राईट एक्टिविस्ट इस मामले को लेकर कोर्ट में गया हो या प्रशासन से सवाल पूछ रहा हो, कारवाई ठीक तरीके से हुई या नहीं इसे लेकर दबाव बना रहा हो, जांच को लेकर दबाव बना रहा हो कोई सांसद विधायक मंत्री चिट्ठी लिख रहा हो एनकाउंटर करने की मांग कर रहा हो ऐसा मुझे गूगल पर खोजने से भी नहीं मिला आप लोगों को पता हो तो बता दीजिएगा।
दीपके भाई साहब को झारखंड के छात्रों के प्रदर्शन में जाने के लिए इतना समय क्यों लग रहा है।
इतना समय तो इन्हें अमेरिका से भारत आने में भी नहीं लगा था।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए सोशल मीडिया पर ट्रेंड चलाने में भी इतना समय नहीं लगा था।
लेकिन अभी भी उनकी तरफ से झारखंड की सरकार में बारे में कुछ नहीं कहा गया है।
झारखंड आने के लिए छात्र उनसे विनती कर रहे हैं लेकिन वो टाइफाइड का बहाना दे रहे हैं। अपने प्रवक्ताओं को भी नहीं भेज पा रहे हैं।
NEET स्टूडेंट
पुलिस वालों की बेटी भी जिहाद का शिकार 🚨
कानपुर में रहकर NEET की तैयारी कर रही UP पुलिस कर्मी की बेटी के साथ पढ़ने वाले असरफ ने बर्थडे पार्टी के बहाने.. हिंदू बेटी को नशीला ड्रिंक पिलाया
फिर रूम पे ले जाकर रेप किया और वीडियो बनाया...और रुपये ऐंठने लगा..
कुछ दिन बाद असरफ के दोस्त इब्राहिम ने वही
वीडियो दिखाकर लड़की को ब्लैकमेल किया और
फिर वीडियो बना लिया.. और पैसे ऐंठने लगा...
लेकिन जब इब्राहिम के दोस्त जाहिद ने भी वीडियो दिखाकर लड़की को ब्लैकमेल करने की
कोशिश की तो लड़की ने अपने पिता को आपबीती सुना दी...
फिलहाल असरफ और इब्राहिम को कानपुर
पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, बाकी के साथी
फरार हैं ✍️
हिन्दुओं.....
कैसे बचाओगे इन दरिंदों से अपनी बच्चियां ?
झारखंड के ‘जंतर मंतर’ पर छात्र पेपर लीक को लेकर हेमंत सरकार के ख़िलाफ़ ग़ज़ब भड़के हुए हैं। बारिश में फटी तिरपाल-टेंट, गिले बिस्तर और चूड़ा गुड़ खाकर गुज़ारा कर रहे छात्र इस लड़ाई में आसानी से हार मानने वाले नहीं हैं।
>ब्रो का नाम योगेन्द्र यादव है
>ब्रो का काम आंदोलन के तवे पर रोटी सेकना है
>ब्रो आंदोलन खाता है, आंदोलन पीता है, आंदोलन से नहाता है, आंदोलन से साँस लेता है
>ब्रो केवल दिल्ली वाले आंदोलन पर फोकस करता है
>जैसे ही कोई आंदोलन का ऐलान करता ब्रो फेयर एंड लवली लगाकर तैयार हो जाता है
>जैसे ही लोग दिल्ली की तरह आंदोलन करने बढ़ते हैं ब्रो उनकी बस में कन्डक्टर की तरह लटक लेता है
>ब्रो पूरा आंदोलन कैपचर करके फुल मीठी आवाज में मीडिया बाइट देता है
>आज झारखंड में बच्चे आंदोलन कर रहे लेकिन आंदोलन जीवी चैन की नींद सो रहा
>ब्रो सिलेक्टिव है, ब्रो सोंच समझ के आंदोलन करता है,
>छात्रों को ऐसे लोगों को याद रखना चाहिए, जब मदद मांगे कभी मत खड़े होना
झारखंड के छात्र आंदोलन और राजनीतिक रूप से प्रायोजित अभियानों का अंतर देखिए।
यहाँ जुनैद की बिरयानी नहीं,
मंदिर का लंगर है।
यहाँ फाइव-स्टार टेंट नहीं,
टूटी-फूटी तिरपाल है।
यहाँ पेशेवर आंदोलनजीवी नहीं,
यही असली छात्र हैं।
यह आंदोलन कैमरों और प्रायोजकों के भरोसे नहीं, बल्कि अपने भविष्य, मेहनत और न्याय की लड़ाई लड़ रहे युवाओं के संकल्प पर खड़ा है।
झारखंड की राजधानी रांची का यह वीडियो आज शाम का है।
20 से 25 हज़ार से अधिक छात्र सड़कों पर उतरकर झारखंड सरकार के खिलाफ़ मशाल जुलूस निकाल रहे हैं। यह आंदोलन परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में छात्रों के बढ़ते आक्रोश का प्रतीक है.
लेकिन जो लोग कल तक छात्रों के सबसे बड़े हितैषी बनने का दावा कर रहे थे, आज उनकी दुकान पर सन्नाटा पसरा है।
राहुल गांधी की पार्टी की झारखंड में सरकार है, इसलिए अब उनकी आवाज़ गायब है। कर्नाटक में भी पेपर लीक हुआ, लेकिन राहुल गांधी का मुंह नहीं खुला।
अरविंद केजरीवाल न ख़ुद पंजाब जा रहे हैं, न झारखंड, और न ही अपने पिट्ठुओं, दीपके, दास या रंका, को वहाँ जाने दे रहे हैं।
क्या छात्रों के अधिकार सिर्फ़ उन्हीं राज्यों में याद आते हैं जहाँ राजनीतिक लाभ मिलता हो? क्या न्याय और संवेदना भी अब सत्ता देखकर तय होगी?
ऐसे कैसे चलेगा?
🚨अभिजीत दीपके के दोस्त सौरव दास पर बड़ा खुलासा हुआ है,
आज कल ANI न्यूज एजेंसी का सबसे चहेता बना हुआ सीजेपी का प्रवक्ता ओर उमर खालिद प्रेमी की असलियत सामने आई है,
ओर असलियत भी ऐसी है जो आप कुछ समय पहले देखे होंगे पिछले साल श्रावण महीने मैं कांवड़ यात्रियों के साथ घटना हुई थी,
जिसमें कई जगह कावड़ यात्री किसी ढाबे पर खाना खाने पहुंचे और ढाबे का नाम था शिवकृपा ढाबा लेकिन ढाबा मालिक अब्दुल निकला वैसे ही इस सौरभ दास का पहचान पत्र कुछ ओर ही है,
एक राजनीतिक विश्लेषक द्वारा बताया गया है कि सौरभ दास का पिता नेपाली है.दास टाइटल उसने इंडिया से अडॉप्ट किया है
वह GK1 में रहता है जहां 9000 स्क्वायर फीट का मंथली रेन्ट 8 से 9 लाख रुपए देना पड़ता है
पवन मुंजाल हीरो मोटर्स के मालिक उसके पड़ोसी हैं.
मीडिया यह सभी बातें जानती हैं
लेकिन मीडिया यह नहीं पूछता कि आखिर वह इतने पैसे लता कहां से है ?
जब यह कॉकरोच वाले जंतर मंतर पर बैठे थे तो बताते थे कि हमारे पास पैसा नहीं है इसलिए खाना नहीं है लेकिन आज इनके ठाठ देखो एक तरफ वो 500 साल से प्यासा दीपके है जो करोड़ों रुपए लेके पैरवी करने वाले कपिल सिब्बल के साथ उसके घर पर मिलता है,
उसका पैसा कहा से आ रहा है गृहमंत्रालय की इन सबके खातों की जांच करना चाहिए कौन इन्हें फंड कर रहा है सभी चीजों की क्योंकि मानो या ना मानो लेकिन कुछ गलत चीज मैं लगे हुए है.....?
साभार
रांची में छात्रों का जबरदस्त प्रदर्शन।
हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे लाखों छात्र।
JPSC परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश, हेमंत सोरेन का इस्तीफा मांग रहे छात्र।
प्रियंका वाड्रा और विपक्ष ने भगवा, सनातन और भगवान राम का अपमान करने के लिए यह नाटक किया।
पूरा देश उनकी 'कालनेमि' जैसी चालें देख सकता है।
लोकसभा स्पीकर को ऐसे व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
: साक्षी महाराज, सांसद, भाजपा
एक भी पेपर माफिया को नहीं छोड़ेंगे।
पेपर लीक करने वाली गैंग जो देश के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगी उसे छोड़ेंगे नहीं।
जैसा कि हमने आपसे वादा किया था, हमने बिल दोनों सदनों से पास करवा लिया है।
: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
इन झूठों ठगों मक्कारों को तानाशाह का अर्थ नहीं मालूम....
ये चार लोग यूट्यूब पर अपने अपने चैनलों पर कुल मिलाकर 51 हजार से अधिक वीडियो बनाकर डाल चुके हैं। लेकिन ताज्जुब यह है कि आजतक उन 51 हजार से अधिक इनके वीडियोज में एक भी वीडियो प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों की प्रशंसा का नहीं है।
बल्कि शत प्रतिशत वीडियो मोदी के प्रति अत्यंत जह रीले विश्लेषणों से भरे हुए हैं। लेकिन मेरी शिकायत यह भी नहीं है, बिल्कुल नहीं है।
मेरी शिकायत इनकी प्रचंड बेशर्मी और प्रचंड बेईमानी से है क्योंकि यह चौकड़ी जबसे यूट्यूब पर सक्रिय हुई है तब से रोजाना लगातार यही हुड़दंग हल्ला और मोदी विरोधी नंग नाच कर रही है कि, मोदी सरकार ने अभिव्यक्ति की आजादी की हत् या कर दी है। मोदी और उनकी सरकार की आलोचना, उसके खिलाफ बोलने पर प्रतिबंध है।
प्रधानमंत्री मोदी सबसे बड़ा तानाशाह है। देश में अघोषित आपात काल चल रहा है।
अतः यह कितने निर्लज्ज और झूठे हैं यह सच तो इन चारों के 51 हजार वीडियो स्वयं बता रहे हैं साथ ही साथ इनके लगभग 2 दर्जन अन्य पिछलग्गू चमचो के यूट्यूब चैनलों पर लगभग एक लाख और वीडियो भी इस गिरोह के झूठ फरेब मक्कारी की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
पत्रकार के भेष में सक्रिय इन झूठों मक्कारों ठगों की इन करतूतों को नंगा करते हुए इनको बस इतना बताना हूं कि, तानाशाह शासक ने जब आपातकाल लगाया था तब देश के 50 से अधिक संपादक और देश के 300 बड़े और चर्चित पत्रकार 19 महीनों के लिए जेल में डाल दिए गए थे।
3,801 अखबारों/पत्रिकाओं के डिक्लेरेशन (पंजीकरण) रद्द कर दिया गया था।
सरकार का रुख न मानने वाले 3,801 समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के प्रकाशन संबंधी डिक्लेरेशन रद्द या जब्त कर लिए गए थे।
सरकार का विरोध करने वाले लगभग 300 अखबारों और पत्रिकाओं के सरकारी विज्ञापन पूरी तरह रोक दिए गए थे, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके।
65 विदेशी संवाददाताओं को देश छोड़ने का हुक्म सुनाया गया और 29 विदेशी संवाददाताओं के भारत में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
दिल्ली और अन्य जगहों पर काम करने वाले 50 से अधिक पत्रकारों, पत्रकारों/कार्टूनिस्टों और फोटोग्राफरों की आधिकारिक सरकारी मान्यता (Accreditation) रद्द कर दी गई थी।
पोस्ट साभार
अब पछतावे होवत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत ...
ये वही लड़की है जो जंतर मंतर पर मोदी जी की तेरहवीं का खाना बांट रही थी ...इसका रोता बिलखता माफी मांगने वाला वीडियो तो पहले ही आ चुका है
अब इसको मकान मालिक ने मकान खाली करवाकर धक्के मार कर बाहर कर दिया है ...
अब देखते हैं इसको दीपके, अखिलेश, राहुल या केजरीवाल अपने मकान में जगह देते हैं या नहीं
झारखंड में परीक्षा धांधली के खिलाफ भाजपा सांसदों ने संसद परिसर में किया प्रदर्शन।
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा में धांधली हुई है, छात्र बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे हैं।
लेकिन विपक्ष की पार्टियों को केवल भाजपा सरकार में पेपर लीक दिखता है।
सुबह का सीन नोएडा मेट्रो में 🔥
आर्मी और सनातन
को गाली देने वाला कॉकरोच मिल गया...
बस फिर क्या था.. अंकल आंटी बहन भाई सबने मिलकर
दे दनादन.. दे दनादन.. दे दनादन 🚨