जब करनी थी दलित राजनीति, तब पूरा कुनबा लेकर केतन के गाँव पहुँच गया था BHIM ARMY का 'रावण'
हाईकोर्ट ने करवाई जांच तो सामने आई नाबालिग से दुष्कर्म की बात, अब दिए गए हैं POCSO के आदेश
@RitikaChandola पूछ रही हैं कि क्या अब पीड़िता के परिवार से मिलने भी जाएगा 'लेफ्ट लिबरल गिरोह' और 'दलित चिंतक' कुनबा?
@curiosweetie Tolkein is my personal favourite. In my opinion much of Rowling's work relies on existing folklore of witches, wizards, goblins etc while Tolkein invented entire mythologies, cultures, and even actual functioning languages.
Bindranwale was fond of raping women inside the temple. So many dead disrobed bodies of women were found once the temple was cleared. Yet Khalistanis consider him as their daddy.
रजिस्टर्ड बकलोली करने वाले आईपीएल किड्स को बताना जरूरी हो जाता है कि 1980 के पंजाब में हिंदू बच्चों तक को बस से उतार उतार के पहचान के गोली मारी जाती थी।
पंजाब पुलिस के जवानों को रिश्तेदारों को केवल इस बात पर मार दिया जाता था कि उनके रिश्तेदार पंजाब पुलिस में हैं।
स्वर्ण मंदिर हिंदुओं के हत्यारे खालिस्तानी आतंकियों की ऐशगाह बन चुका था जिसमें सबकुछ होता था।।
अगर पहले रिबेरो और फिर के पी एस गिल न होते तो पंजाब पुलिस का ही मनोबल टूट जाता। आम लोगों की बात छोड़ो।
और मैंने पटियाला कांड में अपना खुद एक साथी स्टूडेंट के भाई की लाश देखी है।
खालिस्तानी आतंकियों का समर्थन करने वाले किसी भी तरह की मुरव्वत के काबिल नहीं।
ये भी क्रिमिनल ही हैं।
The first non-Indian record of Sati comes from a Indian captain of a Ancient Greek warship being KIA & Aristobulus observing his 3 wives competing for Sati. One was 16 & too young, other pregnant. The Greek army did a march of honour while the 3rd wife set herself on fire.
शहीद भरत तिवारी जी ने आज से 10 वर्ष पहले यानी 2017 में बिहिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म निर्माण कार्य अच्छे से नहीं होने पर दानपुर रेलवे DRM को पत्र लिखा था,,,,, जिसे DRM ने रिसीव भी किया था और उसके बाद बढ़िया काम भी हुआ था
ऐसे जनहित के मुद्दे को उठाने के कारण ही भरत तिवारी भ्रष्ट SDM के आंख की किरकिरी बन गए थे
उत्तर प्रदेश-
ग्रामीण उत्तर प्रदेश के लिए CM योगी का निर्णय-
ग्राम सचिवालय में एक जुलाई से बैठेंगे लेखपाल-
राजस्व परिषद ने जिलाधिकारियों को आदेश जारी किए-
CM योगी के आदेश के बाद दिशा निर्देश जारी -
लेखपाल ग्राम सचिवालय में ग्रामीणों के निवास प्रमाण पत्र, खतौनी आदि मामलों का निस्तारण करेंगे , तहसील के स्थान पर लेखपालों को ग्राम सचिवालय में भी बैठना अनिवार्य होगा !!
जिस बंधुआ मजदूरी का इल्ज़ाम 70s-90s में सामंतों पर लगता है। जिनपे लिख-बोल कर समाजवादी विचारधारा पनप गई। आज 2026 में उससे सौ गुना क्रूर अमानवीय अपराध में डॉमिनेंट ओबीसी वर्ग संलिप्त है। और ऐसा भी नहीं है कि यह इकलौता मामला है।
पता नहीं ऐसे पापी अपनी अंतरात्मा को जस्टिफाई कैसे करते होंगे।