तो जनता ने मना किया था कि प्रधानमंत्री प्रेस कांफ्रेंस करें ? गांव वालों के कारण पीएम प्रेस कांफ्रेंस नहीं कर रहे । अच्छा-अच्छा। बाकी जनता ने राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव को जनता ने प्रेस कांफ्रेंस करने से मना नहीं किया।?
“भाड़े के टट्टे”
“जिनको कुत्ता नहीं पूछता”
“छोड़ूँगा नहीं”
यह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की सदन में भाषा है
धराशायी होते इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल पूछने वालों को गरिया रहे हैं
यह लोकतंत्र है देवेंद्र जी, और जिसको आप कोस रहे हैं वह जनता है
सत्ता का यह नशा उतरेगा ज़रूर
प्रधानमंत्री के पास ऐसी बकलोली के लिए समय है, परंतु UGC, NEET और राम मंदिर जैसे राष्ट्रव्यापी विषयों हेतु एक वाक्य नहीं निकल रहा मुँह से।
मुझे इस से समस्या नहीं है कि अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की सरलता पर PM लिखें, पर जब अन्य विषयों पर इनका मौन देखता हूँ तो विचित्र लगता है।
आप बिल्कुल ग़लत नहीं है। चंपत राय और धर्मेंद्र प्रधान ग़लत नहीं हैं तो आप क्यों होंगे? आप ग़लती मान लेंगे तब भी हम आपको ग़लत नहीं मानेंगे। मोहन यादव भी तो सीएम बनने से पहले रीयल इस्टटे का बिज़नेस कर रहे हैं। आप तो खीरा उगा रहे हैं। रीयल इस्टेट के सामने ये जीरा है। मंत्रिमंडल में आप बने रहें यही भारत का हर खीरा दुआ कर रहा है। खीरा है सदा के लिए। हीरा है मैडम बाइडन के लिए।
अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, कौन व्यक्ति कौन सा मंत्रालय संभालेगा, कौन कहाँ से चुनाव लड़ेगा, ये लीक नहीं हो पाता,
लेकिन जहां जहां सरकार बनाते हैं वहाँ तुरंत पेपर लीक हो जाता है, अजीब समस्या है
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में धार्मिक नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने का बड़ा खुलासा किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उज्जैन मास्टर प्लान और सिंहस्थ मेला 2028 को लेकर प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर सड़कों के आसपास, मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई।
मास्टर प्लान के तहत कृषि भूमि को व्यावसायिक या आवासीय भूमि में बदला जा रहा है। खुलासा यह है कि मास्टर प्लान के सार्वजनिक होने से पहले ही परिवार ने उन स्थानों पर जमीन खरीदी, जिन्हें आगे चलकर व्यावसायिक या आवासीय उपयोग के लिए परिवर्तित किया जाना था।
रिपोर्ट बहुत विस्तार से इस पूरे मामले की पड़ताल करती है। रिपोर्ट को देखकर या सुनकर आसानी से इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि यह सब महज संयोग नहीं है।
उज्जैन को विकसित करने के मास्टर प्लान के समानांतर मोहन यादव का परिवार भी विकसित होता दिखाई दे रहा है।
देखना होगा कि इतने बड़े आरोपों के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया होती है।
भाई बहन ,भाभी ,भतीजा भतीजी ,ममिया ससुर फूफिया चाचा, बहनोई ,साढ़ू सबके नाम ज़मीन ख़रीदेगा तेरा मोहन🤡
मुख्यमंत्री हो तो ऐसा हो वरना ज़िंदा तो….खैर हटाओ!!
Just spoke to a 2025 MBBS graduate, regarding his financials.
Earns 23k as night shift doctor in a hospital.
Father has suffered 2 heart attacks - had to take loans for his treatment.
Elder brother has an unstable job.
He feels guilty of turning 26 but not being able to help his family.
So he has taken up a day shift as well, paying him 24k.
He works 19hrs a day, nearly everyday.
Wants to do a PG but can’t, given his family’s financial situation.
I asked him - a doctor’s life is intensely hard, especially in India. You study till early 30s and work hard all your life, to earn a living. Did you know this when you wanted to become a doctor?
“Yes. I knew all of this.
But I always wanted to become a doctor. I am the first doctor in our family. My parents are so proud of me.
I just wish we were in a better financial position.”
💔
His situation broke my heart. But his attitude told me he is going to make it. Matter of time!
Hands down one of the hardest professions to pursue in India - from entry to survival.
Dr Zainab Vora should be added in the most influential woman in the field of Medicine in India
She has truly brought a revolution in NEET PG through her BTR and respect she has owned is something extraordinary .
@Forbes@ForbesIndia
लोकतंत्र के तथाकथित चौथे स्तम्भ को उसकी औकात बताती भारत की युवा नागरिक।
मीडिया के अनुसार अगर आपको NEET का फुल फॉर्म नहीं पता तो आपको प्रोटेस्ट करने का अधिकार नहीं है।
बेशर्मों, कुछ शर्म कर लो।
हॉल में पेपर लीक पर चर्चा रोकने
पहुंच गई पुलिस, संजय सिंह भड़के
Prayagraj: सर्किट हाउस में प्रतियोगी छात्रों से AAP सांसद Sanjay Singh संवाद कर रहे थे. संवाद के दौरान हॉल में ADM सत्यम मिश्रा और डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल्य पहुंच गए. और हॉल में हो रही पेपर लीक पर चर्चा को रोकने को कहा.
इस पर संजय सिंह भड़क गए और अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई. कहा कि 'बंद कमरे में चल रही चर्चा के लिए कोई परमिशन नहीं लगती. जिस परीक्षा पर हो रही चर्चा को आप रोकने के लिए आए हैं वही परीक्षा पास करके आप अधिकारी बने हैं…'
देखिए वीडियो...
चाचा जी,
जन्मदिन की बधाई देने से फुर्सत मिल गई हो तो
NEET पेपर लीक, SSC exam,CBSE समस्या पर भी ध्यान दे दीजिए।
यदि समय की कमी हो,
तो इस्तीफ़ा देकर देश पर एहसान कर दीजिए।
I am a CBSE Class 12 student.
After receiving unexpectedly low marks in Physics, we applied for photocopies of my answer sheets through the CBSE reevaluation process.
Today we received the copies.
And I am shattered because the Physics answer sheet uploaded by CBSE is not mine
Motilal Nehru medical college in Prayagraj has set a world class example by suspending all the resident doctors of 2 units of Surgery and Ortho department .
But what was their achievement ? It was protecting their dignity and trying to save female doctors who were getting assaulted by the Mob of attendants and demanding their right to security .
When we talk about “Beti bachao beti padhao” like so called slogans we should also talk about “Padhi Hui beti ko jinda bachao” !
The principal of the college should also be ashamed for showing spineless decision against their own hospital doctors out of fear
(we all have heard your stammering voice in the audio clip with the lawyer)
Hon @myogiadityanath ji take cognisance of this matter .
What exactly is their crime ? Raising issues ?
@OmarAbdullah ji please ensure no action is taken against them or the doctors will have to go for peacefully protesting for their rights .