You have to be a whole new level of stupid to think people like Dhruv Rathee, Neha Bora and Abhijeet Dipke actually give a fuck about your voting rights lmao. 😭
#WATCH | A passenger who was onboard the flight on which Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke was travelling to Delhi says, "We were travelling from Mumbai. We had to wait even after the flight landed. After the flight landed, we could hear sloganeering of 'Inquilab Zindabad' from the front of the aircraft. I don't know who Dipke is. They must be 'Cockroach' who must be behaving like this; I don't know much...They were on a protest for 36 days earlier. But will they create inconvenience everywhere? Public is inconvenienced due to a few people like this. If the names of people have been wrongfully deleted, Supreme Court will look into it. They (protesters) are not going to look into it. Shut down Courts if public will do everything. There is a system which we follow, shut down that system. If there is a problem, we will protest - will that help?"
कोई अप्रिय घटना अभी हो जाए तो बुद्धिजीवी कहेंगे कि जब पुलिस को पता था कि भीड़ जुटने वाली है तो समुचित इंतज़ाम क्यों नहीं हुआ ?
पिछली बार से सबक लेते हुए अब जब भारी इंतज़ाम हो गया तो कह रहे कि अरे इतनी फ़ोर्स लगाने की ज़रूरत क्या थी ?
चित भी मेरी, पट भी मेरी और….
जंतर मंतर पर 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस की अनुमति नहीं मिली है, इसलिए कानून का सम्मान करें और इससे दूरी बनाए रखें। CAA आंदोलन के अनुभव से सबक लीजिए ना ही किसी मुसलमान की नागरिकता गई और ना ही आप लोगों को उकसा कर सड़कों पर लाने वालों की सत्ता आई, राजनीतिक आह्वान करने वाले नेता अपनी राजनीति करते रहते हैं, लेकिन कानूनी परेशानियों का सामना अक्सर आम लोगों और उनके परिवारों को करना पड़ता है। किसी के बहकावे में आकर अपना भविष्य जोखिम में न डालें।
एक बात और समझ लीजिए कि 2014 से लेकर 2024 तक बार-बार बीजेपी की सत्ता जाने के दावे किए गए, लेकिन चुनावी नतीजे हर बार इन दावों से अलग रहे। बीजेपी आज भी एक मजबूत राजनीतिक ताकत है, जबकि 2027 में यूपी और 2029 में केंद्र में क्या होगा, इसका फैसला जनता करेगी और बीजेपी का समर्थक जो 2014 में था वह आज भी उसके साथ है बल्कि उसकी संख्या और बढ़ी है। इसलिए सड़कों की भीड़ या राजनीतिक नारों को जनमत समझने की भूल न करें यह वही लोग हैं जो 2014 में विपक्ष में थे और आज भी हैं अतः किसी के राजनीतिक एजेंडे का मोहरा बनने के बजाय अपने परिवार, रोजगार, शिक्षा और भविष्य को प्राथमिकता दें। आपकी सुरक्षा किसी भी राजनीतिक प्रदर्शन से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
@PMOIndia@HMOIndia@DelhiPolice@DCPNewDelhi@DCPWestDelhi@DCPSouthDelhi@DcpNorthDelhi@DCP_NorthWest@dcpouter@DCPCentralDelhi@DCPNEastDelhi@DCPEastDelhi@dcp_southwest
नरेंद्र मोदी को ऐसे हराएं.
@narendramodi ने देश के लिए अपना दस साल का प्लान पिछले दो दिन में रख दिया है. उनके भाषण की हर लाइन को सुनना चाहिए. उन्होंने 2036 तक का देश का प्लान बना लिया है. 2047 तक का प्लान भी आएगा.
अब विपक्ष, खासकर @RahulGandhi को बताना चाहिए कि रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रा, रेल, विदेश, आंतरिक सुरक्षा, वित्त, एनर्जी, टेलीकॉम, खेल, महिला कल्याण, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर आदि पर उनका अल्टरनेट प्लान क्या है. रिफॉर्म पर कांग्रेस की नीति क्या है?
जैसे ब्रिटेन में हर मंत्री के सामने विपक्ष एक शैडो मिनिस्टर उतारता है और मंत्रालय की हर पॉलिसी और कमजोरी पर बात करता है, वैसे ही भारत में भी हर नीति पर विपक्ष अपना पक्ष और प्लान रखे.
राष्ट्र जानना चाहेगा कि कांग्रेस की पॉलिसी क्या है.
फिर जनता अपना पक्ष चुन लेगी. कांग्रेस की तो कई राज्यों में सरकारें हैं. वे अपना मॉडल लागू करके भी दिखा सकती है.
बीजेपी को हराने का ये तरीका है.
राहुल जी को ध्यान देना चाहिए.
दिल्ली में 5 हजार लोगों को सड़क पर उतारकर कुछ नहीं मिलेगा. सिर्फ रील बनेगी. और नेता को एक्साइटमेंट आएगा कि देखो हमने मोदी का मजाक उड़ा दिया.
राष्ट्र ने वो लंबा दौर देखा है जब समाजवादी, कम्युनिस्ट और जनसंघ दिल्ली में पांच-पांच लाख लोगों की रैलियां करते थे और चुनाव में 10-12 सीटें लाते थे.
पिछले 13 साल में तो विपक्ष ने अभी तक दिल्ली का रामलीला मैदान भी नहीं भरा है, जिसमें 50 हजार लोग आ सकते हैं.
अन्ना हजार के बाद रामलीला मैदान कभी नहीं भरा.
5 हजार लोग तो पंचायत का मुखिया या नगर पार्षद भी जुटा लेता है. वो तो हर पार्टी के नेता जुटा सकते हैं. मेरा एमएलए दस हजार लोगों की भीड़ की ताकत रखता है.
पैसा दो, SC-ST एक्ट लगवाओ!
दुश्मन के गोडे टिकवाने हों, ठुड्डी टिकवानी हो, रड़क निकलवानी हो, वहम निकलवाना हो, जेल में डलवाना हो, पक्का और गारंटीड "इलाज" करवाना हो तो इनसे संपर्क कीजिए। पैसा खर्च कीजिए और तमाशा देखिए। SC-ST एक्ट का जो मजा ये भाई लोग ले रहे हैं, ऐसा सबको लेना चाहिए।
कोई इन्वेस्टमेंट नहीं। कोई रिस्क नहीं।
रिटर्न 100% और वो भी गारंटीशुदा।
दैनिक भास्कर ने जो स्टिंग ऑपरेशन किया है, उसकी फाइंडिंग ये है कि एक व्यक्ति जो खुद अनुसूचित जाति से नहीं है, लेकिन अनुसूचित जाति की एक महिला से विवाह किया है। क्लाइंट को जिसकी भी ऐसी-तैसी करवानी हो, आए। निर्धारित रकम दे और तमाशा देखे। पत्नी से छेड़छाड़ और SC-ST एक्ट में केस करवा देंगे, गवाह खुद बन जाएंगे। जेल जाना तय। सजा होना तय। ऐसे गिरोह धड़ल्ले से काम कर रहे हैं।
अब बताइए
इस देश को विकसित होने से अब कौन रोकेगा?
क्लाइंट अलग पैसा देगा। सरकार अलग देगी।
इतना पैसा जब मार्केट में आएगा तो भारत विकसित होगा या नहीं होगा?