भयावह भ्रष्टाचार, अन्यायपूर्ण शोषण, कुप्रबंधन और अलोकतांत्रिक सामंतवाद का घिनौना चेहरा—यही है @cbic_india प्रशासन।
आदरणीय @narendramodi@nsitharaman जी,
आज @cgstluckzone से 1993 बैच के अनुसूचित जाति वर्ग के एक निरीक्षक श्री प्रदीप कुमार बिना किसी प्रमोशन के रिटायर हो रहे हैं। समाज के सामने यह भ्रम जाएगा कि शायद उनके ऊपर कोई मामला रहा होगा—कोई विजिलेंस, कोई सस्पेंशन। लेकिन सच्चाई यह है कि न तो कोई केस है, न कोई विजिलेंस जांच। यह पूरी तरह से आईआरएस के संगठित गैंग द्वारा रची गई विभेदकारी HR नीति और संस्थागत भ्रष्टाचार का परिणाम है। प्रमोशन में किए गए भ्रष्टाचार के विक्टिम्स हो गए ये। भ्रष्टाचारी जेबें गर्म करके मौज करते है और अन्याय, वित्तीय नुकसान, सामाजिक छवि ख़राब होने,कुंठा मानसिक प्रताड़ना, के शिकार कमजोर होते है। @NCSC_GoI
आज प्रमोद कुमार जी हो गए असंवेदनशील, भ्रष्ट, सामंतवादी, विभेदकारी व्यवस्था के ।सोचिए युवा Group B इस भयावह सच को देखने पर किस मानसिक स्थिति के शिकार होंगे?
समाज के सामने यह भ्रम जाएगा कि शायद उनके ऊपर कोई मामला रहा होगा—कोई विजिलेंस, कोई सस्पेंशन। लेकिन सच्चाई यह है कि न तो कोई केस है, न कोई विजिलेंस जांच। यह पूरी तरह से आईआरएस के संगठित गैंग द्वारा रची गई विभेदकारी HR नीति और संस्थागत भ्रष्टाचार का परिणाम है।
किसी भी संस्था में योग्यता और कार्यकुशलता से लोग आगे बढ़ते हैं, लेकिन भारत और विशेषकर अंग्रजी हैंगओवर में रह रहे @cbic_india@FinMinIndia की हकीकत अलग है। यदि आपने एक बार UPSC पास कर लिया, तो बिना कोई कार्य किए, केवल गैंगिंग, साजिश, और ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसा उगाही से आप ऊँचाई तक पहुंच सकते हैं। 12 वर्षों की सेवा में मैंने आज तक कोई IRS अफसर ऐसा नहीं देखा जो अपने आदेश स्वयं ड्राफ्ट करता हो—क्योंकि वह न तो जानता है, न कभी सीखा।उच्च पदों पर आसीन कई IRS अधिकारी यह तक नहीं जानते कि अधीनस्थ से निर्णय आदेश लिखवाना अवैध है।
जब बिना कार्य किए, केवल व्यवस्था का शोषण करके पदोन्नति, पोस्टिंग और सुविधा पाई जा सकती है, तो कोई क्यों सीखे? अधिकांश को बैलेंस शीट या रिटर्न्स देखने तक नहीं आते, फिर भी वे स्वयं को ‘राजस्व अधिकारी’ कहते हैं। यही वास्तविकता है।
IRS अधिकारियों को जहां पूरे करियर में 7-9 प्रमोशन मिलते हैं, वहीं ग्रुप B अधिकारी 20-25 वर्षों में एक या दो। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित गैंग द्वारा रची गई रणनीति है। सारे उपर के पदों असिस्टेंट कमिश्नर से ले कर चेयरमैन तक केवल आईआरएस है। तो कोई कुछ कर नहीं पाता क्योंकि इनका गैंग है।
IRS अधिकारियों को जहां पूरे करियर में 7-9 प्रमोशन मिलते हैं, वहीं ग्रुप B अधिकारी 20-25 वर्षों में एक या दो। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित गैंग द्वारा रची गई रणनीति है, जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार पर फलना फूलना है विभागों के संसाधनों की लूट करना है।
इसका दूसरा चरण होता है—HR प्रणाली को जानबूझकर एक ऐसे गड़बड़झाले में बदल देना कि ग्रुप B अधिकारी आपस में कोर्ट केसों में उलझे रहें। ‘डिवाइड एंड रूल’ की नीति से वे न केवल प्रमोशन और संसाधनों से वंचित रहते हैं, बल्कि लगातार आपसी संघर्ष में झोंके रहते हैं।
विभाग में अधिकांश पद केवल IRS अधिकारियों के लिए बनाए गए हैं—उनकी रैंक, गाड़ी,ऑफिस, वेतन और सुविधा बढ़ाने के लिए। उनका कोई ठोस कार्य नहीं है, फिर भी उनके रखरखाव पर टैक्सपेयर के सैकड़ों करोड़ खर्च हो रहे हैं। उदाहरण के लिए, जहाँ पूरे राज्य के स्टेट GST में एक कमिश्नर है, वहीं केंद्र सरकार के GST विभाग में उत्तर प्रदेश में ही 40 से अधिक कमिश्नर, प्रिंसिपल कमिश्नर, चीफ कमिश्नर और प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर तैनात हैं। इस ढांचे से केवल भ्रष्टाचार उपज सकता है—लोकतंत्र और उच्च स्तरीय लोक सेवा नहीं।
जब @ianuragthakur जी @FinMinIndia में MoS थे, तो हमारे संगठन द्वारा तैयार की गई कैडर रीस्ट्रक्चरिंग रिपोर्ट को VIP रिफरेंस के माध्यम से @cbic_india को ख़ुद भेजा एक रिमाइंडर भी भेजा, बिना किसी जुगाड़ से, लेकिन @cbic_india उसे जानबूझकर दबाए रखा। जब वे मंत्रालय से हटे, तो वह रिपोर्ट कूड़े में फेंक दी गई और अपनी पसंद की रिपोर्ट—बिना ग्रुप B की भागीदारी के—आगे बढ़ा दी गई।
एक बार मैंने तत्कालीन @dghrd_cbic से मीटिंग में कहा था—आपकी कैडर रीस्ट्रक्चरिंग कमेटी में केवल IRS अधिकारी हैं। ग्रुप B का कोई प्रतिनिधि नहीं। जबकि हमें भी अच्छी तरह मालूम है कि विभाग के लिए क्या अच्छा हो सकता है, क्या बुरा। हम सुझाव दें और आप उन्हें कूड़ेदान में फेंक दें, यह कौन सा लोकतंत्र नहीं। उन्होंने जवाब दिया: “अगर आपको विश्वास नहीं है तो हम क्या कर सकते है?” इन्ही ने हमसे कहा था जीएसटी के नाम पर विभाग में दीमक लग गया है। मतलबअवैध कमाई कम हो जाएगी ।
मैंने कहा: “मुद्दा विश्वास का नहीं है, लोकतंत्र भागीदारी से चलता है—विश्वास से नहीं।” भारत में साइमन कमीशन की मानसिकता अभी भी जीवित है—बस फर्क यह है कि अब अंग्रेज नहीं, UPSC से निकले ‘भारतीय अंग्रेज’ शासक बन बैठे हैं।
भारत के नेतागण ही सुधार कर सकते है। श्री अनुराग ठाकुर ने कदम उठाया था। लेकिन ये धूर्त और मक्कार नौकरशाही ने ऐसा नहीं होने दिया। ये तो 1947 के पहले के ही भारत में रहना चाहते है। सुधार इनको नहीं चाहिए। इनको तो ऐसी व्यवस्था चाहिए जिससे ये अपने सरकारी आवास में स्विमिंग पूल टैक्सपेयर के पैसे से खुदवा ले और कोई कुछ ना बोल पाए। ऐसी मानसिकता की नौकरशाही लोकतंत्र के लिए श्राप है।
जब बेरोजगारी इतनी ज़्यादा हो देश में उस समय अगर मुझे अच्छा लगें कि अच्छा हुआ कि मुझे इन भ्रष्टाचारियों के गैंग ने इस cartel द्वारा शासित भ्रष्ट विभाग से निकाल दिया तो इससे बड़ा फीडबैक मैं क्या दे सकता हूँ ।
श्री प्रदीप कुमार के साथ जो एक केंद्र सरकार के विभाग में हुआ वो ना ही निंदनीय है बल्कि आईआरएस के गैंग और भ्रष्टाचार की पोल खोलता है। ऐसे गैंग को तुरंत डिस्मेंटल कर देना चाहिए। इसमें से कई सैकड़ो करोड़ के मालिक है।प्रमोशन में किए गए भ्रष्टाचार की जांच कर इसमें जेबें गर्म करने वाले सभी अधिकारियों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए।
@DoPTGoI@DrJitendraSingh@PIB_India@RahulGandhi@rashtrapatibhvn@khurpenchh@cgstdelhizone@CGSTMumbaiAudit@PMOIndia@DainikBhaskar@JagranNews@sgaiceia@OfficeCATDelhi@DelhiHighCourt@indSupremeCourt
प्रोन्नति में करोड़ो की लगातार घूसखोरी -३
मैंने @nsitharaman जी को इस बिना रिक्तियों के कैबिनेट द्वारा मंजूर पदों के ऊपर जा के सैकड़ो - हज़ारों की तादात में किए गए प्रमोशन और १० साल की वेतन वृद्धि और मामला प्रकाश में आ जाने के बावजूद इन भ्रष्ट प्रोन्नति को वापिस करने पर निर्णय ना ले कर लाखों करोड़ों की कमाई करने की जाँच का पत्र लिखा तो महा भ्रष्ट अधिकारियों ने मिल कर मुझे नौकरी से निकाल दिया , संगठन की तरफ़ से चिट्ठी लिखने के जुर्म में।
पहले सभी मुख्य आयुक्तों के विरोध और कैट मुंबई के आदेश के विरोध में जा के कुछ बोर्ड के भ्रष्ट अधिकारियों ने अपने अथॉरिटी का दुरुपयोग करके प्रोन्नति करा दी । और उनके आगे आने वाले भाई बंधु इसको सही करने के बजाय इस भ्रष्टाचार पर काली कमाई करते रहे ।
अब मुझे निकालने के बाद जब माननीय कैट की प्रधान बेंच ने इन्हें ही समिति बना के सब गंदगी को समेटने को कहा तो कुछ और लोगो को पैसा कमाने का मौक़ा मिल गया । DoLa और जॉइंट सेक्रेटरी एडमिन ने जब तक कोर्ट में मामला था अपने ही स्टैंड के विपरीत जाते हुए , भ्रष्ट प्रमोशन को सही ठहराने लगे । @DoLA ने तो अपना कमेटी के सामने लिखित संस्तुति ही बदल दी और जॉइंट सेक्रेटरी उसके आगे जाते हुए पहले तो जबरिया अपना ग़लत dissent note लिखा फिर कमेटी के रिपोर्ट को एक महीने तक दबाए रखा जिससे प्रमोशन करने के इच्छुक और कमेटी में प्रोन्नति में भ्रष्टाचार के विरुद्ध टस से मस ना हुए लखनऊ जोन के PCC रिटायर हो जाए ।
उसके बाद भी @cbic_india और JS (एडमिन) का खेल रुका नहीं , इन्होंने एक मनमानी चिट्ठी हैदराबाद को कमेटी के रिपोर्ट के ऊपर जा के जारी कर दी और फिर उसे वापिस ले लिया ।ये चिट्ठी जारी करना और वापिस लेना दर्शाता है कि अपने निजी स्वार्थ के लिए ये भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी युवा लोगो के ना केवल करियर से खिलवाड़ कर रहे है अपितु भ्रष्टाचार के ऊपर भी भ्रष्टाचार कर अपनी जेबें भर के एक बार फिर पूरे मामले में रायता फैला कर कोर्ट में उलझने का प्रयास कर रहे है ।
आखिर कमेटी के रिपोर्ट के बाहर जा कर पत्र निकालने का क्या मकसद जब ये ख़ुद कमेटी में थे? इनके ऊपर विभागीय जांच तुरंत शुरू होनी चाहिए ।
इस प्रकरण का समाधान करने के बजाय अपनी जेबें भर रहे अधिकारियों की इस मामले में वृस्तित जांच कर इनकी चल और अचल संपत्ति और इनके कार्यों की जांच @CBIHeadquarters के द्वारा होनी चाहिए । जल्द ही इसके लिए हाई कोर्ट में writ दायर की जाएगी ।
@cbic_india@FinMinIndia@nsitharaman@PMOIndia@narendramodi@AmitShah@RahulGandhi@PIB_India@DoPTGoI@khurpenchh@VivekGa54515036
#Justice4Abhijat. @narendramodi@PMOIndia@nsitharaman@FinMinIndia@mppchaudhary@cbic_india@cgstluckzone@PIB_India
It is HIGH TIME
-to raise our voice
-to strengthen our unity
-to highlight the prevalent injustice towards Group-B in CBIC.
The sentiment of about 13000 Inspectors against Arbitrary Order No.05/2024 dated 12.03.2024, issued by Shri K P Singh, Principal Commissioner CGST Lucknow for removing Shri Abhijat Srivastava from service will take a form of nation wide peaceful lunch hour demonstration 03.05.2024.
#Justice4Abhijat.
आज अन्यायपूर्ण, अराजकतावाद, अनियमितता
की पराकाष्ठा से व्याप्त असन्तोष से उपजे
अस्तित्व, अस्मिता, अधिकार पे आये संकट के संघर्ष में समग्र निरीक्षक वर्ग एक हो कर यही कह रहा है कि न्याय हो।
#Justice4Abhijat
#Justice4Abhijat@narendramodi@PMOIndia@nsitharaman@FinMinIndia@mppchaudhary@cbic_india@cgstluckzone@PIB_India
We all are united. All the Base Cadre Associations across the country like, Superintendent, Inspector, Ministerial and allied Associations observed Lunch Hour Demonstration Programme today. This is Just a starting. Hope the Authority will take cognizance of this and Justice prevails. The Entire Nation is with you #Justicef4Abhijat.
@PMOIndia@FinMinIndia@nsitharaman@mppchaudhary@cbic_india@cgstluckzone
One of our warriors and General Secretary, AICEIA Lucknow Circle, Shri Abhijat Srivastava, has been removed from service by the Principal Commissioner, CGST & CX Lucknow. Just for highlighting the corruption in promotion and mis-appropriation of Funds in CGST & CX Lucknow Zone.
This act of authority demean the vision of our Hon'ble PM who aims to eradicate the corruption from the Country.
Kindly we request from @PMOIndia to look into the matter and deliver the justice ASAP.
Kindly see the above thread. We are steadfast in our commitment to uphold the integrity and reputation of our department. Our resolve aligns with the principled stance advocated by our Honorable Prime Minister @narendramodi Ji, who tirelessly works towards eradicating corruption from every facet of public service.
It is our firm belief that officers who, in 2007 and 2011-12, orchestrated promotions beyond the sanctioned vacancies established by the cabinet in 2001, disregarding a judicial order from the Honorable CAT, Mumbai Bench in 2007, and the factual letter from the Chief Commossioner (CC), Lucknow, thereby leading to the unauthorized withdrawal of hundreds of crores from the Consolidated Fund of India, must be held accountable and brought to justice.
Furthermore, those officers of @cbic_india & @cgstluckzone who deliberately prolonged the implementation of corrective measures, despite repeated court decisions, instructions and letters, resulting in a chaotic situation, destroying of career of young officers and numerous legal disputes, should also be held responsible for their actions. A thorough investigation from @CBIHeadquarters is imperative to ensure that corrupt practices do not tarnish the image of an honest government and its leaders.
In line with our dedication to transparency, accountability, and adherence to the principles set forth by our esteemed Prime Minister & Finance Minister @nsitharaman , we are committed to ensuring that those responsible for any wrongdoing are identified, investigated, and held accountable.
Hence, in collaboration with @AiceiaMeerut, we earnestly advocate following the path set by the Honorable Prime Minister. We urge all upright officers including @IRS_CIT committed to justice and integrity to join us in seeking a fair and impartial investigation into the actions of corrupt officials at @cbic_india. These individuals have not only jeopardized the careers of numerous officers but have also facilitated unauthorized withdrawals amounting to hundreds of crores from the Consolidated Fund of India. Their actions have contributed to the creation of an atmosphere marked by corruption, discouragement, and chaos within @cgstluckzone and hence in @cbic_india that are malign the image of government
@DoPTGoI@FinMinIndia@PMOIndia@PIB_India@mppchaudhary@DrBhagwatKarad@CVCIndia@fpjindia@newzhit