मोरल पुलिसिंग के नाम पर खुलेआम गुंडागर्दी करने वालों में कानून का डर आखिर कब पैदा होगा? हर बार वीडियो वायरल होने के बाद ही प्रशासन जागेगा या ऐसी घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी भी कोई लेगा?
#jamui
दम है कितने तेरे, आज़मा ले...
लाठियों के दम पर कब तक आवाज़ दबाएगा?
ये हाथ किसी का हक़ छीनने नहीं, अपना भविष्य बचाने निकले थे।
इन आँखों में गुस्सा नहीं, टूटते सपनों की पीड़ा है।
डराकर आवाज़ें कुछ देर के लिए ख़ामोश की जा सकती हैं, लेकिन न्याय की मांग कभी नहीं मरती।
#JantarMantar
पटना के मुसल्लहपुर हाट और महेंद्रू इलाके में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हम जैसे हजारों छात्रों को पिछले दो दिनों से रसोई गैस नहीं मिल रही है और कहीं-कहीं मिल भी रही है तो 300–400 रुपये प्रति किलो तक वसूला जा रहा है। पढ़ाई करने आए छात्रों के लिए यह बड़ी परेशानी बन गई है।
शान के साथ एकतरफा मुकाबले में जीत की ओर बढ़ता भारत…
मैदान पर जलवा, दिलों में गर्व!
सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा। ❤️🇮🇳
#INDvsNZL#T20WorldCup#IndianCricketTeam 🏏
दिसंबर वह महीना है जिसे साल की सारी नाकामियाँ सौंप दी जाती हैं।पूरा साल लोग सपने,वादे और योजनाएँ जनवरी के नाम टालते रहते हैं, और दिसंबर आते-आते वही सपने बोझ बन जाते हैं। हर असफलता,हर टूटा वादा इसी महीने के सिर फोड़ दिया जाता है “साल बेकार गया।”दिसंबर न तो उत्सव पाता है,न इज्जत।🙃
अमीरों की फ्लाइट लेट हो जाए…तो चारों तरफ़ शोर...सोशल मीडिया पर बहस, सहानुभूति का सैलाब टूट पड़ता है…
गरीब की ट्रेन घंटों-घंटों लेट चले…ठंड में काँपते बच्चे,भूख से लिपटते सफर के मुसाफ़िर..पर न कोई कैमरा, न कोई चर्चा!
अमीरों का कष्ट- Breaking News
गरीबों का कष्ट- Meme और मज़ाक
@chayisquerajnit बहुत ही शानदार लिखें है.....आपकी यह कहानी बताती है कि अकेले होने से नहीं,
अकेले स्वयं को पहचान लेने से जीवन बदलता है।
शब्दों में आपकी जीत साफ़ दिखती है।
@chayisquerajnit संविधान सिर्फ़ किताब नहीं, हक़ का दरवाज़ा है… और आज भी उस दरवाज़े पर ताला झूल रहा है। आपने जिस कड़वी सच्चाई को शब्द दिए हैं, वही इस देश का सबसे बड़ा संघर्ष है-कानून बना सबके लिए, लेकिन जानकारी पहुँची कुछ के पास।
@chayisquerajnit आपकी पोस्ट बिल्कुल वैसी है जैसे रात के सन्नाटे में किसी पुराने रेडियो से निकला एक धीमा गीत गहराई से भरा, और पढ़ते-पढ़ते दिल में कहीं धीरे से चुभ जाने वाला।शब्दों में जो खिंचाव है,वो कहानी नहीं, एहसास पढ़वाता है।
@iamnarendranath बिल्कुल सर @activistritu मैडम इसका बड़ा उदाहरण हैं।एक मजबूत,लोकप्रिय महिला नेता को टिकट नहीं देकर परिवार के करीबी को आगे कर दिया गया।यह दिखाता है कि पार्टी ने अपने ही अच्छे नेताओं को दूर किया और महिला वोटर को भी हल्के में लिया।कुल मिलाकर,परिवार ही अपनी गिरती हालत का जिम्मेदार है।
@chayisquerajnit बिल्कुल इतने बड़े राज्यों में पिछड़ जाना वाकई लोकसभा में असर कम होना तय है। सच यह है कि पार्टी के पास अभी कोई ठोस रणनीति या रोडमैप दिख नहीं रहा, इसलिए अगले लोकसभा चुनाव में हालत और मुश्किल हो सकती है।
@chayisquerajnit नतीजों की असली वजह एक ही है...बीजेपी की धारदार ग्राउंड तैयारी और महिलाओं को मिला सीधा लाभ। यही चुनाव का गेमचेंजर बना, बाकी कारण सिर्फ़ आरामदायक बहाने हैं।
सर आप वो आवाज़ हैं जो भीड़ में भी सच की तरफ़ सीधा खड़े रहते हैं। न किसी पार्टी की परछाईं, न किसी सत्ता का सहारा बस जनता की तकलीफ़, सड़क की सच्चाई और ज़मीन की धड़कन। आपकी पत्रकारिता कैमरे से ज़्यादा ज़मीर से चलती है… इसी वजह से भरोसा आज भी आपके के साथ खड़ा है।
@ajitanjum
देखो भाई,
मैं यूट्यूब से अपनी कमाई के पैसे खर्च करके फील्ड रिपोर्टिंग करता हूं. किसी नेता या पार्टी का न कोई अहसान लेता हूं, न किसी के 'इंतजाम' में ठहरता हूं , न किसी के यहां चक्कर लगाता हूं, न किसी के गुड बुक में रहने का जतन करता हूं , न किसी को खुश करने के लिए वीडियो बनाता हूं. न आज तक किसी से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से एक रुपया लिया है.
वही कहता -बोलता हूं, जो मुझे ठीक लगता है . मेरे पास जितना है , उसी में खुश हूं. मेरी ख्वाहिशें इतनी नहीं कि किसी नेता या पार्टी के लिए काम करके पैसे कमाने लगूं. नेताओं से सेटिंग -गेटिंग मेरी फितरत नहीं .
यही वजह है कि जो ठीक लगता है , वो बोलता हूं. मैं भी चाहूं तो घर में बैठकर काम कर सकता हूं , करता भी हूं लेकिन मैं अक्सर हजारों रोजाना खर्च करके देश भर में रिपोर्टिंग करने जाता हूं. कई बार इतनी मेहनत के बदले उतने व्यूज भी नहीं आते हैं , जितने घर में बैठकर बोलने से आ जाते हैं . फिर भी मैं यहां -वहां अपनी टीम के घूमता रहता हूं. ये मेरा पैशन है . मेरा शौक है . मुझे लोगों से मिलना और उन्हें समझना अच्छा लगता है . फील्ड में काम करना मुझे असीम ऊर्जा देता है , भले उस हिसाब से आमदनी कम और खर्चे ज्यादा हों . मैं इसी में खुश रहता हूं .
एक आदमी नहीं मिल सकता , जो कहे कि मैंने किसी से कैश या काइंड में कोई फायदा लिया हो या किसी से 'सुविधा और इंतजाम ' का लाभ लिया हो. मेरी इतनी आमदनी हो जाती है कि मुझे लंद - फंद करने की जरूरत नहीं . न ऐसी ही मेरी फ़ितरत है . न ही बहुत माल कमाने की ख्वाहिश. मां -बाप का भी इतना अर्जित किया हुआ है कि अपनी ज़िंदगी बहुत आराम से गुजार सकता हूं.
मैं अपनी वैचारिकी से समझौता किए बगैर काम करता हूं. सही को सही और गलत को गलत कहने से पहले मुझे इसका डर नहीं कि फलां पार्टी वाले नाराज़ हो जाएंगे. किसी को होना है तो हो जाएं .
ट्रोल बिरादरी के लोग दोनों तरफ हैं , जो हर रोज मेरी कीमत लगाते हैं .
मैं आज जहां हूं, बीस साल बाद भी वहीं रहूंगा. इसे दर्ज कर लो .
बाकी तो जो है तो है ही .
जय हिंद
14 तारीख दोपहर में आएगा हमारा एग्जिट पोल,
फिर देखिए, कौन एग्जिट करेगा राजनीति से और कौन करेगा एंट्री सत्ता में 😎
हवा तो पहले ही बदल चुकी है,
अब बस आंकड़ों की आँधी बाकी है।
#BiharElection2025#exitpoll