If @Uppolice persists in not taking action against the psycho IPS Avinash Pandey, then the victims must approach the courts against the violent cop. Pandey has to be made an example and a lesson for all other police officers that behaving like a brutal thug has consequences.
📍 Chamba — A family travelling in their vehicle noticed a biker struggling for his life, stuck at the edge of the road with his bike, and immediately stepped in to help.
The video is reportedly from the Banikhet side.
The monsoon in the hills can turn dangerous within moments. A routine journey can suddenly become a fight for survival. 🙌🏼
देश में सरकारी स्कूलों की दुर्दशा और दिक्कतों पर टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी इस रिपोर्ट से हक़ीक़त समझिए.
गोवा: एक शिक्षक, चार कक्षाएं . स्कूल बंद होने की ओर
बिहार: मवेशियों के लिए दो कमरे, 200 बच्चों के लिए सिर्फ एक कमरा
मध्य प्रदेश: PM Shri का तमगा, लेकिन सालभर से शिक्षक नहीं
छत्तीसगढ़: 1,000 से ज्यादा स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट नहीं
उत्तराखंड: बाल्टियां और छाते बने क्लासरूम का हिस्सा
हिमाचल प्रदेश: टॉयलेट तो सभी के लिए, लेकिन स्मार्ट क्लास सिर्फ 36% स्कूलों में
पंजाब: 2,300 करोड़ का अपग्रेड फिर भी हर चार में से एक शिक्षक पद खाली
हरियाणा: स्मार्ट स्कूल अभियान पहुंचा मवेशियों के शेड तक
उत्तर प्रदेश: बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अभियान के बावजूद सैनिटेशन और सुरक्षा के सवाल
केरल: लगातार सरकारी निवेश ने सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल दी
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संदीप और कुलदीप नाम के दरिंदो ने चलती बस में एक नाबालिक लड़की का गैंग रेप किया,
तमाम मीडिया चैनल अपराधियों का सरनेम छुपा रहे हैं, मतलब समझ लो कौन लोग हैं,
मनु मीडिया ख़तरनाक है 🔥
‘ललिता हत्याकांड के धरने में शामिल होना क्या मेरी गलती थी, 24 घंटे मुझे क्रिमिनल की तरह टॉर्चर किया गया’: पैर खुलवाकर बीच में डंडों से मारा, IPS वीडियो कॉल पर टॉर्चर देखकर हंसते रहे; मेरठ में पीड़ित बोले- अविनाश पांडे जैसा क्रूर अफसर नहीं देखा, देखें पूरी रिपोर्ट
पूरा वीडियो देखने के लिए लिंक पर क्लिक करें-https://t.co/35HwBb6GsM
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चलती बस में 16 साल की बच्ची से गैंगरेप
- देश को झकझोर देने वाली इस वारदात को ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के बीच अंजाम दिया गया।
👉 16 साल की एक बच्ची भारी बारिश के बीच ग्रेटर नोएडा में एक स्लीपर बस में चढ़ी और इसी दौरान बस के ड्राइवर-कंडक्टर ने दरिंदगी को अंजाम दिया
👉 करीब 50 किमी तक चलती बस में हैवानियत होती रही, लेकिन दो प्रदेशों की पुलिस कान में रुई डालकर सोई रही
❌ न कोई गश्त, न कोई चेकिंग...
ये घटना न सिर्फ महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलती है, बल्कि ये भी दिखाती है कि अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं है।
सच यही है- 'डबल इंजन' सरकारों में लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त है।
आज अपराधी बेखौफ होकर अपराध को अंजाम दे रहे हैं और BJP सरकार हवा-हवाई दावे करने में मशगूल है, उन्हें जनता की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं।
मैनपुरी की 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक चलती स्लीपर बस में ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना न केवल बेहद शर्मनाक और भयावह है, बल्कि निर्भया कांड के बाद बनाए गए महिला सुरक्षा के नियमों और सरकारी निगरानी व्यवस्था की गंभीर अनदेखी को भी उजागर करती है।
माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश और मोटर वाहन नियमों के तहत यात्री बसों में ऐसी व्यवस्था पर रोक है, जिससे अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई न दें। इसके बावजूद बस की खिड़कियों पर गहरे पर्दे लगे थे, जिससे अंदर हो रही दरिंदगी बाहर से पूरी तरह छिपी रही। कमर्शियल यात्री वाहनों में लाइव VLTD और पैनिक बटन जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं अनिवार्य हैं और इन्हें कंट्रोल रूम से जुड़ा होना चाहिए। सवाल है कि घटना के दौरान इन सुरक्षा प्रणालियों से कोई अलर्ट क्यों नहीं मिला?
इसी तरह वाणिज्यिक बसों के चालक और परिचालक के पुलिस सत्यापन तथा यूनिफॉर्म पर नेमप्लेट जैसी व्यवस्थाएं निर्धारित हैं। लंबी दूरी की स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV जैसी निगरानी व्यवस्था भी जरूरी है। इसके बावजूद करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान बस की प्रभावी निगरानी और जांच क्यों नहीं हुई? बस के भीतर CCTV और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं थीं या नहीं, इसकी जांच क्यों नहीं हुई?
यह घटना सुरक्षा नियमों के पालन, सरकारी निगरानी और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। निर्भया कांड के 14 साल बाद भी यदि बेटियां सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षित नहीं हैं और सुरक्षा के लिए बनाए गए नियम कागजों तक सीमित हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
“राजधानी एक बार फिर शर्मसार।”
𝐀𝐍𝐎𝐓𝐇𝐄𝐑 𝐑𝐀𝐏𝐄 𝐒𝐇𝐎𝐂𝐊𝐒 𝐃𝐄𝐋𝐇𝐈
A 16 year old girl from Mainpuri, Uttar Pradesh was gang-raped inside a sleeper bus in Delhi.
Media won't show this news and Anna Hazare will not protest on Jantar Mantar BECAUSE it's the BJP government in Delhi and centre.
If Avinash wasn’t a Pandey strict action would have been taken against him. The ‘caste doesn’t matter’ and ‘why talk of caste’ gang should look at this