माननीय कुलपति जी से अनुरोध है कि विश्वविद्यालय में होने वाली द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षा के प्रश्न पत्रों को बदला ना जाए बल्कि उसी प्रश्नपत्र में जितना प्रश्न करना है वह विकल्प जोड़ दिया जाए।
@vbspu_official@anandibenpatel@myogiadityanath
माननीय कुलपति जी से अनुरोध है कि विश्वविद्यालय में होने वाली द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षा के प्रश्न पत्रों को बदला ना जाए बल्कि उसी प्रश्नपत्र में जितना प्रश्न करना है वह विकल्प जोड़ दिया जाए।
@vbspu_official@anandibenpatel@myogiadityanath
@TIRATHSRAWAT Get well soon sir !
अभी तो इतिहास , भूगोल और विज्ञान राजनीति की बहुत सारी जानकरियाँ आपको देश से साझा करनी है...!!!
भगवान केदारनाथ जी से आपको जल्द स्वास्थ्य होने की कामना करते हैं
@shaniguptaa17 @CMOfficeUP@myogiadityanath और भाई बहुत से सीट तो खाली भी ह,
जब ट्रेनिंग क्षमता है ही तो पूरी ट्रेनिंग क्यों नहीं हम पीएसी वालो से अन्याय क्यों
@CMOfficeUP@myogiadityanath@PMOIndia@myogiadityanath जी महाराज आपका बात तो सही पर वो कौन सी कारण है जो आज तक हम पीएसी वालो की ट्रेनिंग नहीं करा रहे आप 2018 की ही भरती है आज 3 साल से ज्यादा बित गए जब सब सही ही है तो सरकार चुनाव के करीब तक क्यों टालना चाह रही है ? न्याय हो @myogioffice
दलाल मीडिया कभी रोजगार का भी मुदा उठा दो 3 दिनों से ट्विटर वर्ल्ड ट्रेड के रहा बच्चो का #मोदी_रोजगार_दो कम से कम 30-35 लाख बचे दिनों रात गुजारिश कर रहे तुम लोगो को क्यों नहीं दिखता या पूरा बिक गए इंसान के नाम पर कलंक हो तुम जैसा मीडिया सरकार के दलाली से फुर्सत मिले तोऔर भी कुछ ह
फिर हम पीएसी 2018 वालो ने क्या गलती की है 4साल बाद ट्रेनिंग कराएंगे अधिक नंबर होने के बावजूद भी 200+वाले घर रह के गांव के लोगो का ताना सुने और 130सिविल वालो कि ट्रेनिंग कैसा न्याय ह महाराज जब सिर्फ अपने राज्य में ही 23520की ट्रेनिंग क्षमता है तो 14000 ही क्यों करा रहे@UPGovt#upp
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है-
'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।'
अर्थात सकाम भाव से किया गया कोई भी कर्म फलीभूत नहीं होता है। निष्काम भाव से सफलता-असफलता की चिंता किए बगैर प्रयास करें।
जो व्यक्ति ईमानदारी से इस दिशा में प्रयास करता है उसे सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
हा वो अब भी किसान ही है और तुम सब दलाल ही हो आज जो देश में स्थिति है उसका सबसे बड़ा जिम्मेदार मीडिया और गवर्नमेंट है बच्चो के ���ोजगार का मुद्दा एक बार भी दिखाए हो 4 महीना से किसान बोल रहे नहीं चाहिए ऐसा कानून फिर जबरन सरकार क्यों थोप रही बर्ता ऐसे कर रही जैसे लोकतंत्र नहीं राजा हो
लाल क़िले के पास न्यूज़नेशन टीवी ट��म पर तथाकथित किसानों द्वारा हमला। हमारे संवाददाता रूमन और कैमरामैन हरीश बुरी तरह से घायल हैं।
अब भी ये 'किसान' कहलाने लायक हैं?