मोदी जी ने अपील किया है कि सोना न खरीदे ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सहारा ले
कोई क्या क्या न करे कल को दिल्ली में हो रहे प्रदूषण को लेकर कहेंगे कि कम सांस ले
लोग इनकी बात को मान भी रहे है लेकिन आम लोगों के राहत के लिए ये नहीं कह रहे कि लोगों की थोड़ी सी आय ही बढ़ा दे
कितना अजीब बात है न किसी की मेहनत को क्यों ही जाया किया जाए इससे अच्छा है इसका सामान उठा कर कही और रख दिया जाता
गरीब का कोई नहीं सुनता , दुनिया की सबसे भयावह वस्तु कोई है तो वो है गरीबी
अंबानी को 1 रुपए सालाना में कईयों हेक्टेयर जमीन मिल सकती है लेकिन अगर एक गरीब फुटपाथ पर समान रख कर बस रोजी रोटी का जुगाड करता है तो उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है।
कितना सच है ये इसे किताबी जुमला तो नहीं कह सकते है
मोह माया यही सब मिलकर हमे बांध देते है
इन सब से निकल कर देखे तो जीवन में है क्या कुछ भी तो नहीं।
भाव शून्यता आ जाए तो क्या महल क्या छप्पर सबमें संतुष्टि अपने आप आ जाती है
लोकतंत्र क्या है अगर कोई पूछ दे तो किसी को सही सही जवाब नहीं पता होगा
पर इतना पता है कि जिस हिसाब आज कल चीजें चल रही है
वो लोकतंत्र में तो नहीं होता है see more
सब लोग कह रहे है कि ये एक मां ही कर सकती है पर उस बाप का भी सोचिए जो अपने बीबी और बच्चे को भूखा छोड़ कर मजदूरी की तलाश में लौटता हो और दर दर धक्के खाने के बाद भी अगर शाम के भोजन की व्यस्था न कर पाए तो खाली हाथ उसका घर जाना कितना लाचार बना देता होगा
स्त्री को तो दया का पात्र ही समझा जाता है उसके लिए दुनिया इतना क्रूर नहीं पर शायद पुरुष के लिए तो है