नखशिख फूल श्रृंगार तन झूम रहे दोऊ चंद.नकबेसर मुक्तावली चलत चाल गति मंद
अष्टसखी स्तुति करत सुन्दर राग बखान,देवमुनि करजोर के ठाढे चित्र सामान https://t.co/h1H9saDIFc
हे श्याम!,कभी प्यार से मुस्कराओ तो बात बने,हमें भी जो अपना बनाओ तो बात बने,हमारा तुम्हारे सिवा कोई नहीं है ,ये परदा घड़ी भर हटाओ तो बात बने https://t.co/Ut4Dpg3bV7