प्रवेश वर्मा दिल्ली का मंत्री नहीं गुंडा है !
अपने भ्रष्टाचार की पोल खुलते देख बोखलाहट में एक युवक को थप्पड़ मार दिया !
ऐसे मंत्री को पुलिस तुरंत गिरफ्तार करे !
देश भर का चुनाव लूटने के अपराध में ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करके जेल भेजना चाहिए।
दिल्ली हरियाणा महाराष्ट्र बिहार बंगाल के सारे चुनाव बेईमानी से जीते गये ये सभी चुनाव तत्काल प्रभाव से रद्द किये जाय।
मोदी ने “लोकप्रियता” नहीं “लूटप्रियता” से चुनाव जीता है।
#चुनावी_लुटेरा_ज्ञानेश
नशे के सौदागर अब नशा मुक्ति की बात कर रहे हैं।
नितिन नबीन जी, क्या मोदी जी ने आपको यह नहीं बताया कि 2007 से 2017 तक जब बीजेपी और अकाली दल की सरकार थी, तब दोनों ने मिलकर पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल में कैसे धकेला था?
क्या प्रधानमंत्री मोदी जी ने आपको यह नहीं बताया कि आपके मंत्री अपनी सरकारी गाड़ी में नशे की तस्करी करते थे?
पंजाब में 80% नशे की तस्करी BJP शासित राज्यों से आप ही करवा रहे हैं और यहां ज्ञान दे रहे हैं। अपने गिरेबान में झांकिए और पंजाब को बदनाम करना बंद कीजिए।
रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली की बच्चियों को बांटे जानी वाली साइकिलों में करीब ₹40 करोड़ का घोटाला किया है।
हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री साहिबा इसमें बिल्कुल चुप बैठी हैं, ये दर्शाता है कि या तो वो खुद इस घोटाले में शामिल हैं या फिर वो एक बेहद कमज़ोर और लचर मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने तो अभी तक इस मामले में जांच तक के आदेश नहीं दिए हैं।
@Saurabh_MLAgk
SIR के तहत दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आ गई है। 1.5 करोड़ में से 47 लाख वोटर के नाम नहीं हैं।
भारत सरकार नाहक ही जनसंख्या को लेकर परेशान हो रही है। SIR के ज़रिए चुनाव आयोग हमारे देश की जनसंख्या 140 करोड़ से घटाकर 50 करोड़ कर देगा।
भाजपा सरकार में UP की पुलिस ही भक्षक बन चुकी है!
बदायूं के दातागंज थाने में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस कस्टडी में मौत एक प्रशासनिक हत्या है।
परिजनों के अनुसार, पुलिस की पिटाई के बाद राजेश की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। वायरल वीडियो में बेबस राजेश ज़मीन पर गिरता दिख रहा है और पुलिस लीपापोती में जुटी है।
अमानवीयता की हद है-खुद के बचाव के लिए पुलिस ने परिजनों से ही तहरीर दिलवाकर मामला भटकाने का घिनौना प्रयास किया।
अगर पुलिस हिरासत में भी नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, तो प्रदेश का आम इंसान किससे न्याय की उम्मीद करे?
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है. राष्ट्रपति भवन ने बयान जारी कर बताया है कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को स्वीकार कर लिया है. ऐसे में सवाल ये भी उठ रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी का सफ़र क्या यहीं तक था या वो आगे भी बनी रहेगी?
वित्त मंत्री निर्मला जी पेपर लीक के फायदे गिना रही हैं
“पेपर लीक होने से बच्चों को पढ़ने का और ज़्यादा वक़्त मिल गया जिससे वह बेहतर कर सके”
चलिए मैडम, अब लगे हाथ जिन 22 बच्चों ने अपनी जान दे दी उसके फ़ायदे भी गिना दीजिए
हद होती है - How brazenly insensitive are you?
ध्यान से सुनिए।
@dhruv_rathee को मोदी जी पहले कह रहे थे “सख़्त क़ानून है”
अब कह रहे हैं “सख़्त क़ानून बनाऊँगा”
2024 NEET पेपर लीक में, पहले आरोपियों को ज़मानत दिलवाई, अब CBI ने मुख्य आरोपी संजीव मुखिया के ख़िलाफ़ कोई सबूत पेश नहीं किया और वो बरी हो गया।
मोदी ने निर्लज्जता की सारी हदें पार कर दी हैं।
सरकार को तीन काले कानून वापस लेने के लिए मजबूर करने वाले भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत पहुंच गए हैं जंतर-मंतर!
आज देश का युवा अपने भविष्य और न्याय के लिए अडिग खड़ा है। जब किसान और छात्र एक साथ आते हैं, तो सत्ता को झुकना ही पड़ता है।
जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं मिल जाता, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
साथ लड़ेंगे, साथ जीतेंगे।
देश के करोड़ों युवाओं के लिए @Wangchuk66 जी पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन पर हैं।
जंतर मंतर पर देश का युवा आंदोलन कर रहा है।
20 जुलाई को युवाओं को बर्बरता पूर्वक पीटा गया।
कॉंग्रेस एक महीने से आंदोलन को गाली दे रही है, अब @RahulGandhi जी कह रहे है “जंतर मंतर नहीं हमारे धरने में शामिल हो”
आख़िर युवाओं के आंदोलन को क्यों कमज़ोर करना चाहती है कांग्रेस?
जंतर मंतर के आंदोलन में शामिल होने की अपील क्यों नहीं करती कांग्रेस?