‼️ 2025 UP पुलिस परीक्षा में शामिल होने वाले GC उम्मीदवार - ध्यान दें ‼️
हम परीक्षा के इस नियम को कोर्ट में चुनौती देने जा रहे हैं, जिसके तहत आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को छूट (आयु, अंक, प्रयासों की संख्या आदि) का लाभ लेने के बावजूद UR सीटों पर दावेदारी करने की अनुमति दी जाती है।
इस परीक्षा का जो भी GC उम्मीदवार petitioner बनना चाहता है, वह कृपया करके हमसे जल्दी संपर्क करे🙏
फ्रांस के पास वो सबकुछ है, जो आज भारत के पास है।
लेकिन फिर भी #France धूं-धूं करके जल रहा है 🔥🔥
सिर्फ इसलिए कि वहां पर 5 लाख घुसपैठिए हैं।
लेकिन भारत में तो 5 करोड़ घुसपैठिए बैठे हुए हैं 😮
यदि ऐसे हालात भारत में बने तो कोई भी विकास काम नहीं आएगा।❌
फ्रांस ने तो बहुत विकास किया है, लेकिन कोई भी विकास आज फ्रांस को बचाने में असमर्थ है।
बिना समुचित सुरक्षा के कोई भी विकास बेकार है।
इसलिए पहले भारत को सुरक्षित बनाने के लिए काम कीजिए।🙏
विकास तो हम करते ही रहेंगे।
#Europe @narendramodi@AmitShah@BJP4India@AshwiniUpadhyay
सवर्ण समाज के अधिकारों और विभिन्न कानूनों एवं आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर बेगूसराय में 10 नवंबर को ‘सवर्ण हुंकार’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम शहर के दिनकर कला भवन में सुबह 11 बजे से शुरू होगा। इसमें देश के जाने-माने पत्रकार और वक्ता अजीत भारती मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।
आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य सवर्ण समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाना और मौजूदा कानूनों एवं नीतियों में संशोधन की मांग करना है। कार्यक्रम में UGC से जुड़े प्रावधानों के विरोध, SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने, आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को उसके अधिकार दिलाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया जा रहा है।
#Begusarai #AjitBharti #Dinkarkalabhavan #EWS #UGC #SCSTAct #TheBegusarai @ajeetbharti
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कैराना में मजहबी भीड़ से घिरे जाटों को नाहिद हसन धमका रहा है |
गांव के जाट रात के समय गांव से बाहर नहीं निकल पा रहे क्योंकि जाट बहुत कम बचे हैं और मजहबी भीड़ बहुत है |
@myogiadityanath साहब इन हिंदू जाटों को आपकी जरुरत है क्योंकि जाट समाज के ठेकेदार इनकी मदद करने के मूड में नहीं |
बाकी राष्ट्रवादी हिंदुओं से बस यही कहना है कि मौके पर नहीं पहुंच सकते तो सोशल मीडिया से जाट समाज को मजबूत समर्थन कर देना |
🚨 तत्काल ध्यान दें!
नालासोपारा पूर्व के संतोष भुवन में गुफरान शेख गरबा कार्यक्रम में घुसा और नाबालिग हिंदू लड़कियों के साथ छेड़छाड़ व अनुचित तरीके से छूने लगा।
जब एक लड़की ने इसका विरोध किया, तो उसने उसे थप्पड़ मरने लगा ।
@MBVVPOLICE@DGPMaharashtra
📍Nalasopara, Maharashtra
SHOCKING 🚨 A man named Mohammad Gufran Shaikh stormed into Garba event and harassed Hindu girls at a Garba event in Santosh Bhuvan, Nalasopara East.
When one girl objected, he allegedly slapped her and said he was not afraid of the law.
Shockingly, people recorded the incident instead of helping the girl 😳
Strict Action Must !!
वहाँ आरक्षण थोड़ी न है ।
एक पूरी की पूरी पीढ़ी थोड़ी वहाँ चिल्ला रही है 5000 साल चोचन हुआ , हमको 5000 साल तक पानी नहीं पीने दिया ।
इसलिए हमको 40 नंबर पर भौतिकी का प्रोफेसर बनाओ , हमारा अधिकार है बिना पढ़े प्रोफेसर बनने का ।
भाजपा को लाने के लिए हमारी 3 पीढ़ी खप गई हैं।
लेकिन हमें मिला क्या....?
काले कानून, हमारे बच्चों को कुचलने के लिए आरक्षण, SCST मोदी एक्ट।
क्या ऐसे देश तरक्की करेगा, हम ऐसे काले कानूनों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। #UGCRollback
फ्रांस सहित यूरोप के आधा दर्जन देश जल रहे हैं। J हादियो और वामपंथियों के गठजोड़ ने इन देशों में आग लगा दी है।
5 साल में 5 लाख प्रवासियों ने "शरण" लेकर फ्रांस का ये हाल बना दिया है, सोचिए भारत में तो 2 से 5 करोड़ घुसपैठिये हैं। और यहां भी J हादी और वामपंथी मिल कर सड़क पर उतरे हुए है !
01 हजार से 10 हजार करोड़।
10x10 फीट से 10 लाख फीट।
यदि इनकम टैक्स, टोल टैक्स, रोड टैक्स, वैट, टीडीएस, जीएसटी…का मकड़जाल खत्म हो जाए और ‘वन नेशन-वन टैक्स’ लागू हो जाए तो भारत विश्वगुरु बन जाएगा
@PMOIndia@FinMinIndia@narendramodi@nsitharaman
याहिया सिनवार कितना बड़ा स्वार्थी और नीच था की 7 अक्टूबर को इसराइल पर हमले के ठीक 1 दिन पहले का उसका एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है
6 अक्टूबर को वह अपने बीवी और बच्चों को सुरक्षित टनल में शिफ्ट करके गाजा से बाहर निकाल दिया
उसे पता था कि 7 अक्टूबर को जब हमला होगा तब इसराइल पलटवार करेगा और बड़े संख्या में लोग मारे जाएंगे लेकिन उसे अपने बीवी और बच्चों की चिंता थी आम गाजा वालों की चिंता नहीं थी
वह चाहता था गाजा के आम लोग मरे तो मरे लेकिन उसके बीवी और बच्चों को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए
जबकि उसकी दो पत्नी और 7 बच्चे कतर में है और एक पत्नी और तीन बच्चे गाजा में रहते थे
और इसमें आप देखेंगे कि उसके बीवी के हाथ में 32000 डॉलर का बिर्किन पर्स है
अगर कलयुग में महिषासुर, तारकासुर, अरुणासुर, रक्तबीज, रावण-अहिरावण, चंड-मुंड, शुम्ब-निशुंभ, भस्मासुर, तड़का, शूर्पणखा , खर- दूषण, हिरण्यकश्यप-हिरण्याक्ष, कुंभकर्ण, मेघनाथ जैसे राक्षस होते तो “BJP की वाशिंग मशीन” में इनके सारे पाप धूल जाते और ये राक्षस से भगवान घोषित कर दिए जाते।
जय हो देवाधिदेव भाजपदेव की जय @BJP4India 🙏🏻
आज की सबसे ताकतवर तस्वीर।
जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर जैसे ही इस व्यक्ति के बेग में संदिग्ध वस्तु दिखी।
और वो व्यक्ति भागा लेकिन चीते की चाल से भी तेज CISF के बहादुर जवान ने धर दबूचा।
@CISFHQrs@HMOIndia@AmitShah
सारे शांतिदूतों ने करोड़ों रुपये दुकानों में लगा रखे हैं। जूते-चप्पल, रेडीमेड कपड़े, पर्स, बेल्ट, घड़ियाँ, बनियान-अंडरवियर से लेकर एलईडी, एलसीडी, टीवी, स्पीकर, मोबाइल और कैमरे तक, हर तरह का माल भरकर बैठे हैं। बाजार में रौनक है और त्योहारों के मौसम में कमाई के बड़े अवसर भी!
अक्टूबर से होली तक त्योहारों का सीजन चलता है। दुकानें सजती हैं, माल बिकता है और व्यापारी अपनी कमाई बढ़ाते हैं। मुस्लिम व्यापारी कारोबार करके अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करते हैं, लेकिन हिंदू युवाओं को बेरोजगारी के नाम पर नारेबाजी और आंदोलनों में उलझाए रखने का खेल भी खूब चलता है।
एक तरफ दुकानें लगाकर कारोबार करो, लाखों-करोड़ों का मुनाफा कमाने के अवसर तलाशो, दूसरी तरफ हिंदू युवाओं को क्रांति के नाम पर सड़कों पर उतार दो। आखिर यह कैसी विडंबना है? कमाई के रास्ते पर कौन आगे बढ़ रहा है और नारेबाजी में किसका समय बर्बाद हो रहा है, हिंदू युवाओं को यह समझना होगा।
हिंदू भाइयों, अपनी मेहनत की कमाई की ताकत पहचानिए। त्योहारों पर खरीदारी करते समय हिंदू दुकानदारों को प्राथमिकता दीजिए। जूते-चप्पल हों, कपड़े हों, इलेक्ट्रॉनिक्स हों या घर का कोई दूसरा सामान, उचित कीमत और अच्छी गुणवत्ता मिलने पर अपने समाज के व्यापारियों से खरीदारी कीजिए।
दूसरों को कारोबार बढ़ाते और आर्थिक रूप से मजबूत होते देखकर भी यदि हिंदू समाज अपनी आर्थिक शक्ति का इस्तेमाल नहीं करेगा, तो फिर शिकायत किस बात की? रोजगार केवल नारों से नहीं मिलता, व्यापार केवल भाषणों से नहीं बढ़ता और आर्थिक मजबूती केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखने से नहीं आती।
याद रखिए, दूसरे अपने कारोबार में पैसा लगाकर कमाई के रास्ते बना रहे हैं और हमारे युवा केवल बेरोजगारी के नारे लगाते रह जाएँ, तो नुकसान आखिर किसका होगा?
त्योहार आपके हैं, मेहनत आपकी है, कमाई आपकी है। अपनी आर्थिक ताकत पहचानिए, हिंदू दुकानदारों को प्राथमिकता दीजिए और अपने समाज के व्यापार को मजबूत बनाइए।
नारे लगाने से आगे बढ़िए, आर्थिक रूप से मजबूत बनिए। क्योंकि समाज की असली ताकत केवल भीड़ में नहीं, उसकी आर्थिक आत्मनिर्भरता में भी होती है! 🚩