Legend उवाच,
देश, संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए नेता विपक्ष @RahulGandhi कल सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने जा रहे हैं,
अगर देश से मोहब्बत करते हो तो जात पात, धर्म, मजहब पीछे छोड़कर इस मार्च में शामिल हो जाओ,
क्योंकि इस निर्णायक लड़ाई क़ो बीच में नहीं छोड़ना है,
तानाशाह क़ो पता चलना चाहिए,
कि हिंदुस्तान का युवा मुर्दा नहीं है,
#जयहिंद
जहाँ प्रदर्शनकारियों को चुन-चुनकर हिरासत में लिया जा रहा था, वहीं कुछ लोग सीना तानकर मारपीट-हुड़दंग करते हुए ज्ञानेश कुमार और नरेंद्र मोदी के बचाव में खुले घूम रहे थे।
कमाल है, पुलिस उन्हें छू तक नहीं रही थी!
पता नहीं पुलिसवालों की इन ‘शांतिदूतों’ से कौन-सी रिश्तेदारी निकल आई?
अजय राय ने जिस भाषा का प्रयोग ममता चौधरी के खिलाफ किया है उससे उनकी मानसिकता का पता चलता है.
अजय राय की भाषा : Gaali Degi Do Take Ki Aurat, MadarShor S@¢li R£$di
ममता चौधरी दलित समाज से हैं. कांग्रेस पार्टी की कद्दावर नेता हैं और कैडर पर मजबूत पकड़ रखती हैं.
ममता चौधरी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा अजय राय से किसने क्या क्या बोला हमें नही पता. उनके ही समर्थक धक्का मुक्की करने लगे.
अजय राय तीन साल से कांग्रेस के अध्यक्ष थे. कोई बड़ा काम नही कर पाए. आज आज गुस्से में दलित समाज की नेता का अपमान कर दिया. अजय राय को माफी मांगनी चाहिए.
अजय राय की जाति का 90% वोट BJP में जाता है. ममता चौधरी अपने समाज का 50-60% वोट कांग्रेस में लाती हैं. मेरे नजर ममता चौधरी बड़ी नेता हैं.
दिल्ली में आंदोलन कर रहे युवाओं और बेटियों पर हुई बर्बरता के ख़िलाफ़ @yadavakhilesh जी ने भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया है।
ECI बेईमान है। ECI झूठ बोलता है। BJP को चाहिए कि ECI में ही कमरा ले ले। समाजवादी वोट डकैती के ख़िलाफ़ लगातार लड़ी है।
लोकतंत्र में सवालों का जवाब लाठियों और दमन से दिया जाएगा? युवाओं की आवाज़ दबाने की यह कोशिश बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है।
थैंक यू कपिल सर, थैंक यू अखिलेश जी
सरकार ने पूरी दिल्ली में बेरकेडिंग लगा रखी थी, इंटरनेट बंद कर दिया, मेट्रो बंद कर दी, पत्रकारों और वकीलों को हिरासत में लिया
इस तानाशाही के ख़िलाफ़ अखिलेश द्वारा भेजे गए वकील कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट गए और सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को जमकर फटकार लगायी
SC ने इंटरनेट बहाल करने, बरकेडिंग हटाने और इलीगल हिरासत पर रोक लगा दी है
अखिलेश यादव सड़क सदन से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक इस तानाशाही सरकार के ख़िलाफ़ लड़ रहे है।
चेन्नई में छात्रों की गूंज के मंच से आज नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने नरेंद्र मोदी क़ो मोगैम्बो कहा है,
मोगैम्बो जो वोट चोरी के माध्यम से मुश्किल से अर्जित भारत की आजादी और लोकतंत्र क़ो खत्म कर रहा है,
राहुल गाँधी देश के अकेले नेता हैँ,
जो मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश गुप्ता पर सीधा हमला कर रहे हैँ,
बिना डरे, बिना झुके,
भाजपा और RSS के गुंडे को देख लीजिए। ये लोग महिला सशक्तिकरण और महिला आरक्षण की लड़ाई लड़ने का ढोंग करते हैं। असल में ऐसे बेशर्म लोग हैं ये सब।
दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों के साथ तो बर्बरता दिखा रही है लेकिन इन गुंडों का उनके पास कोई इलाज नहीं है, या फिर इन्हें उनका समर्थन है।
Let me say this without any fear:
हम सुप्रीम कोर्ट के भरोसे देश के लोकतंत्र को नहीं छोड़ सकते, इसी सुप्रीम कोर्ट ने इमरजेंसी को भी सही ठहराया था! हमारे एक जज ने वोट काटने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान ये तक कह दिया कि अगली बार वोट दे देना..
20 जुलाई को आंदोलन के दिन CJP के दो बंदर कैबिनेट मंत्री के साथ मीटिंग मीटिंग खेल रहे थे.
एक बंदर ट्रक पर चढ़कर उछल कूद कर रहा था. तब समाजवादी पार्टी के 37 सांसदों और डिंपल यादव ने ज़मीन पर मोर्चा संभाला था.
अनशन के कारण नेहा बोरा की तबियत खराब थी और वो अस्पताल में एडमिट थी.
आज क्या हुआ, आज CJP आंदोलन क्यों नही कर रही. CJP आज प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रेस कॉन्फ्रेंस खेल रही है और नेहा बोरा आज भी आंदोलन को लीड कर रही है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस नही है, कल की आपबीती सुनकर बोर कर रहे हैं. एक बात साफ है सौरव दास और आशुतोष रंका अपने कंफर्ट जोन से बाहर नही आ पा रहे हैं. आंदोलन कोई कोल्ड ड्रिंक पीना का इवेंट नही है, यहां सूरज की तपती गर्मी में पसीना बहाना पड़ता है. नेहा बोरा से सीखो, जब वो सड़कों पर उतर सकती है तो आप लोगों को क्या लकवा मार गया है ?
अयोध्या से चुनाव लड़ने की योगी आदित्यनाथ की ललकार पर UP के सबसे बड़े नेता @yadavakhilesh ने जवाब दिया,
पहले योगी आदित्यनाथ अयोध्या से अपना टिकट कन्फर्म करवाकर आएँ,
टिकट पक्की है तो अनाउंस करें अयोध्या से उम्मीदवारी, फिर हम भी जवाब देते हैँ,
पहले अयोध्या से टिकट लेकर तो आएँ,
सुप्रीम कोर्ट ने तानाशाही रवैये पर नकेल कस दी है!
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अपनी बात रखी। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की अवैध हिरासत रोकने, आवाजाही सुनिश्चित करने और मेट्रो सेवाएँ सामान्य रखने के निर्देश सत्ता की मनमानी पर बड़ी चोट हैं।
मोदी-शाह की सरकार को समझ लेना चाहिए कि दिल्ली किसी की निजी जागीर नहीं है। जनता के संवैधानिक अधिकारों को पुलिस, बैरिकेड और पाबंदियों के दम पर कुचला नहीं जा सकता।
लोकतंत्र में संविधान सर्वोपरि है, सरकार नहीं!
CJP का नाम बड़ा और दर्शन छोटा. सवाल उठाया जा रहा क्या CJP ने नेता धूप और गर्मी में सड़कों पर आंदोलन नही कर सकते ?
क्या आंदोलन के लिए हमेशा एक स्थल, टेंट और कूलर चाहिए.
सवाल उठाया जाएगा एक लड़की जिसने अपनी मूवमेंट को आंदोलन से एक दिन पहले छुपाए रखा. खुद का मोबाइल फोन तक इस्तेमाल नही किया.
दूसरे दिन शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने सड़कों पर उतर गई और तहलका मचा दिया. वही दूसरी ओर CJP के टॉप नेता अभिजीत, सौरव और आशुतोष आंदोलन से एक दिन पहले वीडियो बनाकर हंसी मजाक कर रहे थे.
आंदोलन के नेतृत्व के मामले में नेहा बोरा ने CJP को पछाड़ दिया. CJP को अपनी रणनीति को बदलना होगा. आज तक हमने दीपके, सौरव या आशुतोष को सड़कों पर आंदोलन करते नही देखा जैसी नेहा बोरा कर रही हैं.
नेहा बोरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने अगले कदम की जानकारी नही दी है. केवल इतना लिखा है तैयार रहिए है समय और स्थल बहुत जल्द बताया जाएगा. नेहा इज बेस्ट ❤️
मोहोतरम कभी-कभी चरनवंदना के जोश में क्या बोल जाती हैं खुद पता नही होता।
अब अकाली दल के विक्रम सिंह मजीठिया जी से पूछ रही है,आप भी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा चाहते हो?
मजीठिया- हां चाहता हूं।
अंजना- फिर भी BJP से गठबंधन चाहते हो?
मजीठिया- मतलब आप मानती हैं कि ज्ञानेश ही BJP है।
भगवा रंग का गमछा लिए इस दरिंदे को देखिये किस तरह ये अपने नेता मोदी के समर्थन में छोटी छोटी बच्चियों को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सड़कों पर उनके कपड़ों को फाड़ते हुए खींच-खींच कर बुरी तरह मार रहा है, क्या ये भज्जपिल्लों का नारी शक्ति वंदन अधिनियम है?
ख़ैर इस तरह की हरकत अगर किसी मुस्लिम,यादव,SC ने की होती, तो नोएडा का सरकारी मीडिया हैडलाइन बनाकर चला रहा होता और अब तक दबाव बना कर इनका एनकाउंटर करवा देता।
इन गुंडों के साथ इनकी बेटियां, मां, बीवियां कैसे रहती होंगी?