@ChouhanShivraj
इस कथन के बाद कि संविदा कलंक है ,सारे लोग खुश और आशान्वित है।पर एक सप्ताह में महापंचायत बुलाने की बात कहकर उसकी तारीख घोषित न करने के कारण सशंकित भी। आशा है कि आप ढाई लाख युवाओं के भविष्य को एक नई दिशा देने के साथ प्रदेश को इस कलंक से मुक्ति दिलाएंगे।
#शोषणराज
अब कोई संबिधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार शोषण के विरुद्ध हड़ताल भी नही कर सकता सरकार जबरजस्ती मार-मार कर काम करना चाहती है नही करो तो ऐसी क्रूर कार्यवाही अब मध्यप्रदेश में सरकार का भगवान ही मालिक है
@ChouhanShivraj@PMOIndia@BJP4India@samvidamp@AmitShah
#शोषणराज
अब कोई संबिधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार शोषण के विरुद्ध हड़ताल भी नही कर सकता सरकार जबरजस्ती मार-मार कर काम करना चाहती है नही करो तो ऐसी क्रूर कार्यवाही अब मध्यप्रदेश में सरकार का भगवान ही मालिक है
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पमध्यप्रदेश में चल रही मध्य्प्रदेश सबिदा सयुक्त संघर्ष मंच द्वारा की जा रही अनिश्चित कालीन हड़ताल को मध्यप्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों ने संविदा संघ द्वारा की जा रही माँगो जायज ठहराते हुए समर्थन दिया सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद और साधुबाद।
मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच जिला इकाई शहडोल द्वारा अपनी नियमितीकरण की मांग को लेकर की जा रहीअनिश्चितकालीन हड़ताल के दौरान सुन्दर काण्ड पाठ का आयोजन।
पमध्यप्रदेश में चल रही मध्य्प्रदेश सबिदा सयुक्त संघर्ष मंच द्वारा की जा रही अनिश्चित कालीन हड़ताल को मध्यप्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों ने संविदा संघ द्वारा की जा रही माँगो जायज ठहराते हुए समर्थन दिया सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद और साधुबाद।
कोई मामा जी को अवगत कराएं कि इतना भी अंध विश्वास न रखे अपने मंत्रियों पर हो सकता है कोई विभीषण मामा जी को सत्ता से ही हटवा दे। संविदा सेना तो हनुमान जी की तरह लंका दहन कर ही देगी यदि हमारे हको की अनदेखी हुई।
#नियमितीकरण_हमारा_अधिकार#ई_शासन_से_सुशासन हमारी सोच
@ChouhanShivraj
एक राजा के राज्य में एक ही कार्यालय में एक ही प्रकार का कार्य करने वाले कर्मचारियों में प्रदाय सुबिधाओं में अंतर क्यों मैंने जो अपने जीवनकाल में जाना की राजा न्याय करता है और प्रजा को समान भव से देखता है उनमें कोई अंतर नही करता फिर संविदा के साथ सौतेला व्यवहार क्यों???????.......
एक राजा के राज्य में एक ही कार्यालय में एक ही प्रकार का कार्य करने वाले कर्मचारियों में प्रदाय सुबिधाओं में अंतर क्यों मैंने जो अपने जीवनकाल में जाना की राजा न्याय करता है और प्रजा को समान भव से देखता है उनमें कोई अंतर नही करता फिर संविदा के साथ सौतेला व्यवहार क्यों???????.......