#वाहरे_समाज_नाशक_महर्षिदयानंद
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सत्यार्थ प्रकाश, समुल्लास 11, पृष्ठ 291 पर दयानंद सरस्वती ने लिखा है कि
श्रावण मास में भक्तों के ‘बम-बम’ नाद की तुलना सीधे बकरे की आवाज़ से क��� गई और त्रिलोकीनाथ महादेव
‘प्रेतनाथ’ और ‘भूतनाथ’ कहकर उपहास उड़ाया गया है।
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सत्यार्थ प्रकाश, समुल्लास 11, पृष्ठ 291 पर दयानंद सरस्वती ने लिखा है कि
श्रावण मास में भक्तों के ‘बम-बम’ नाद की तुलना सीधे बकरे की आवाज़ से की गई और त्रिलोकीनाथ महादेव
‘प्रेतनाथ’ और ‘भूतनाथ’ कहकर उपहास उड़ाया गया है।
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♦️सत्यार्थ प्रकाश, समुल्लास 11, पृष्ठ 297-298 पर दयानंद सरस्वती ने सिख धर्म के प्रथम गुरु, आदरणीय श्री गुरुनानक देव जी के ज्ञान और भाषा पर भी अनुचित आक्षेप लगाए। लिखा है कि उन्हें ज्ञान नहीं था।
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♦️सत्यार्थ प्रकाश, समुल्लास 11, पृष्ठ 297-298 पर दयानंद सरस्वती ने सिख धर्म के प्रथम गुरु, आदरणीय श्री गुरुनानक देव जी के ज्ञान और भाषा पर भी अनुचित आक्षेप लगाए। लिखा है कि उन्हें ज्ञान नहीं था।
#जीवन_रक्षक_पूर्ण_परमात्मा
Kabir is God
♦️ असली रक्षाबंधन किससे जोड़ें?
जिस परमात्मा के हाथ में जन्म और मृत्यु की डोर है, असली रक्षा का बंधन उसी से बांधना चाहिए। वर्तमान में तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से नामदीक्षा लेकर सतभक्ति करने से ही पूर्ण सुरक्षा संभव है।
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♦️ असली रक्षाबंधन किससे जोड़ें?
जिस परमात्मा के हाथ में जन्म और मृत्यु की डोर है, असली रक्षा का बंधन उसी से बांधना चाहिए। वर्तमान में तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से नामदीक्षा लेकर सतभक्ति करने से ही पूर्ण सुरक्षा संभव है।
#जीवन_रक्षक_पूर्ण_परमात्मा
Kabir is God
♦️ सच्चा रक्षक कौन?
राखी बांधने से जीवन की हर विपत्ति और अकाल मृत्यु से रक्षा संभव नहीं है। वास्तव में सबका एकमात्र और सच्चा रक्षक पूर्ण परमात्मा (कविर्देव/कबीर साहेब) है, जो तीनों लोकों का भरण-पोषण करता है।
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♦️ सच्चा रक्षक कौन?
राखी बांधने से जीवन की हर विपत्ति और अकाल मृत्यु से रक्षा संभव नहीं है। वास्तव में सबका एकमात्र और सच्चा रक्षक पूर्ण परमात्मा (कविर्देव/कबीर साहेब) है, जो तीनों लोकों का भरण-पोषण करता है।