भारत कृषि प्रधान देश है 70 % देश में किसान या किसानी मजदूर है! और 100 % लोगों का पेट भरते हैं ऐसे में किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करना सरासर गलत है #BharatBandh
दुर्भाग्य की सरकार ने किसान कि इच्छा के विपरीत, बिना उसकी बात सुने, उसके हक़ो पर प्रहार करने वाले कानूनो को आज संसद मे, नियमो को ताक पर रख, धक्काशाही से पारित किया।
इतिहास साक्षी है कि जब किसान के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है तो वह अपने हको की रक्षा के लिए संघर्ष से पीछे नही हटा।
कोरोना काल में भाजपा सरकार ने एक से एक ख़याली पुलाव पकाए:
▪️21 दिन में कोरोना को हरायेंगे
▪️आरोग्य सेतु ऐप सुरक्षा करेगा
▪️20 लाख करोड़ का पैकेज
▪️आत्मनिर्भर बनो
▪️सीमा में कोई नहीं घुसा
▪️स्थिति संभली हुई है
लेकिन एक सच भी था:
आपदा में ‘अवसर’ #PMCares
जब जब किसान और कमेरे वर्ग ने अपने हकों की लड़ाई लड़ी @BhupinderSHooda जी ने हमेशा पहली पंक्ति में खड़े होकर किसानों की लड़ाई लड़ी और किसानों का हक दिलाने में हमेशा कामयाब रहें l
आज कुछ फर्जी नेता सत्ता खोने के डर से भारतीय जुमला पार्टी के काले कानून के साथ कदमताल कर रहे हैं
किसान काला कानून÷ भाजपा कहती है कि यह कानून किसानों के पक्ष में हैं! अगर किसानों के पक्ष में हैं तो भाजपा की सहयोगी दल अकाली दल कि मंत्री सिमरजीत कौर ने इस्तीफा क्यों दिया! अब तो समझ जाना चाहिए के सहयोगी दल भी विरोध कर रहे हैं|
संविदा = नौकरियों से सम्मान विदा
5 साल की संविदा= युवा अपमान कानून
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पहले भी इस तरह के कानून पर अपनी तीखी टिप्पणी की है।
इस सिस्टम को लाने का उद्देश्य क्या है? सरकार युवाओं के दर्द पर मरहम न लगाकर दर्द बढ़ाने की योजना ला रही है।
#नहीं_चाहिए_संविदा
इलाहाबाद के प्रतियोगी छात्र राजीव पटेल की आत्महत्या कान में रुई डाले बैठी यूपी सरकार के लिए एक चेतावनी है।
नौकरियों पर लगे ग्रहण से युवा हताश हैं। उनकी आवाज सुनने की बजाय सरकार ने 5 साल संविदा का अपमानजनक फैसला थोप दिया।
युवाओं, धैर्य रखिए, इस रोजगार विरोधी सरकार से हम लड़ेंगे
मोदी सरकार नहीं जानती कि लॉकडाउन में कितने प्रवासी मज़दूर मरे और कितनी नौकरियाँ गयीं।
तुमने ना गिना तो क्या मौत ना हुई?
हाँ मगर दुख है सरकार पे असर ना हुई,
उनका मरना देखा ज़माने ने,
एक मोदी सरकार है जिसे ख़बर ना हुई।
जिसने चलना सिखाया,
जिसने जीना और सर उठा के जीना सिखाया,
जिसने सब दिया-सब किया-कुछ न लिया,
जिसको कभी विपरीत परिस्थियों के सामने भी झुकता न देखा,
जिसके जीवन संघर्ष को कभी रुकता न देखा,
ऐसे एक व्यक्ति को आज जन्मदिवस कि शुभकामनाएँ देने का दिन।
हैप्पी बर्थडे पापा @BhupinderSHooda
किसान ही हैं जो ख़रीद खुदरा में और अपने उत्पाद की बिक्री थोक के भाव करते हैं।
मोदी सरकार के तीन 'काले' अध्यादेश किसान-खेतिहर मज़दूर पर घातक प्रहार हैं ताकि न तो उन्हें MSP व हक़ मिलें और मजबूरी में किसान अपनी ज़मीन पूँजीपतियों को बेच दें।
मोदी जी का एक और किसान-विरोधी षड्यंत्र।
कोरोना संक्रमण के आँकड़े इस हफ़्ते 50 लाख और ऐक्टिव केस 10 लाख पार हो जाएँगे।
अनियोजित लॉकडाउन एक व्यक्ति के अहंकार की देन है जिससे कोरोना देशभर में फैल गया।
मोदी सरकार ने कहा आत्मनिर्भर बनिए यानि अपनी जान ख़ुद ही बचा लीजिए क्योंकि PM मोर के साथ व्यस्त हैं।
आप सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
हिंदी सिर्फ़ भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, एक-दूसरे से जुड़ने का सहज और सरल साधन भी है। हिंदी भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता की महत्वपूर्ण कड़ी के साथ ही हमारी पहचान की मजबूत बुनियाद भी है। #हिंदी_दिवस