कोई भी वर्तमान स्थिति , भूतकाल से ही प्रभावित होती है।
मैं दंगे का समर्थन नहीं करता , पर मैं सिक्के के एक पक्ष के दिखने के खिलाफ हु ,दोनों पक्ष दिखाए जाने चाहिए
@LegalAdvisour
आज सज्जन कुमार का निधन हो गया, वो सिख दंगा के आरोपी थे, लेकिन सिख दंगा क्यों हुवा, क्या उससे पहले सीखो ने दिल्ली और पंजाब और कुछ इलाकों में अत्याचार नहीं मचाया था। कोई घटना एक दिन में नहीं घटती , उसके पीछे कई वर्षों का एक डर, उद्देश्य या बदले की भावना होती है। सिक्के के दोनों
पक्ष को समझाना चाहिए, केवल सज्जन कुमार के चाहने से इतने बड़े पैमाने पर दंगा नहीं होता, वो पूरे दिल्ली के सांसद नहीं थे।
इतने बड़े पैमाने पर दंगे का कारण 1980 -1985 के उभरते खालिस्तानी मूवमेंट के कारण सीखो का मनबढ़ होना भी था, हर सिख मनबढ़ नहीं था, पर ज्यादातर दे।
@LegalAdvisour Sikh danga huva vo galat tha lekin sikh 1980-1990 ke daur me jo aatank machaye they vo kya
Koi danga kisi ek ke chahne se nahi hota
Varsho se dabi huvi bhadas ko ek chingari milti hai tab hota hai
मिश्राजी केवल राज्यसभा ही मिलेगा, राष्ट्रपति नहीं बनोगे, तुम्हारे रहमुकरम पर बच्चे वहां नहीं पहुंचे, मेहनत किये है, तुम स्टडी किए हो कि नहीं, बेसिक लॉ नॉलेज नहीं है,आर्टिकल 19 ,32,
@MishraManan01
जिसप्रकार भगवान विष्णु के नारायण अस्त्र काकोई तोड़ नहींथा शिवाय शरण में आने के उसी प्रकार आजकल राहुल गांधी के शब्दरूपी नारायण अस्त्र को बीजेपी नहींरोक सकती इसका केवलएक ही इलाज है राहुल गांधीकी बात मानो। राहुल के शब्दरूपी नारायण अस्त्र से बीजेपी में त्राहिमान मचा है
@RahulGandhi