@ThePuneMirror मैं एक IT कंपनी में हूं। गौर सिटी में मेरे जितने जानने वाले IT में है उनमें से किसी भी एक के साथ ऐसा नहीं हुआ है। वो सभी अच्छा कर रहे हैं और असलियत में एंजॉय भी कर रहे हैं। हां एक दो जानने वाले IT engineers दारू पीकर मरे हैं पर उसमें कंपनी का कोई दोष नहीं था।
@Lap_surgeon अब पता लग पाना मुश्किल हो गया है कि क्या सलाह सही है क्या गलत।
बैक पेन में अच्छी फीस लेने के बाद मुझे कई बार सलाह दी गई कि आपको अब जीवन भर आगे नहीं झुकना है पर जब योग गुरु की सही सलाह मिली तो आज में सूर्य नमस्कार बिना किसी परेशानी के लगा रहा हूं।
@Avishek26225196@TARUNspeakss You will never get responses once you provide the facts. Extracting selected text to create buzz is just a fashion now a days
@AshrafFem भाई वो डर गया होगा। डरते हैं लोग पंगा लेने से। भारत में पांचवीं पीढ़ी अपने आप को तुर्क और अरब की संतान समझते हैं और अपने ही हिन्दुस्तानी भाइयों को काफिर। प्रतिक्रिया को लेकर एक नरेटिव सेट करना ये काम रह गया है नवांकुरित पत्रकारों का।
@juarlwg@TriShool_Achuk तू समझ भाई वो क्या कह रहे हैं। सिस्टम प्राइवेट सेक्टर को परीक्षण allow ही नहीं करता था। फिर within one week they changed the policy and that was the point of inflection
@Nishayadav158@AnilYadavmedia1 पुस्तकों में तो यही लिखा है पर शायद बोतल भरकर नहीं पिया जाता होगा डॉक्टर साहब। कई फिल्टर करके एक चम्मच के आसपास होता होगा।
@HansrajMeena हिटलर की जर्मनी में ज़बान चलाने की इजाजत नहीं थी मीणा जी, यहां पूरी छूट है। 349 रुपए प्रति माह के इंटरनेट खर्च पर कुछ भी लिख सकते हो। अंतर समझिए
@AnilYadavmedia1 यादव जी, सीक्वेंस सही नहीं लिखा आपने। रुबिका ने बोला कि सरेंडर कर तो दिया है फिर असीम वाकर ने बोला कि धो डालूंगा।
कृपया ध्यान रहे, जो लोग ट्वीट पढ़ते हैं वो टीवी भी देखते हैं
@SirRavishFC मतलब अब हम लोग पाकिस्तान से प्रेरणा लें और उनकी तरह हो जाएं?
ऐसे ही कमेंट्स के चक्कर में बोला जाता है कि पाकिस्तान जाकर देख ले जिसको लगता है वहां सब प्रेरणादायक है
@NeerajKanojia16 @KraantiKumar समय चलायमान है सबके लिए। जो इन्फ्लूएंसर बने घूम रहे हैं वक्त का पता नहीं कल कोई पूछे न पूछे। सबसे आसान होता है आसमान पर पत्थर उछालना क्योंकि रोमांच देना है। लोग देखना भी पसंद करते हैं। पर आत्ममुग्धता अहसास नहीं होने देती कि पत्थर वापस मुंह पर आ रहा है।